ਅੰਤਰ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਯੋਗਾ ਦਿਵਸ ਯੋਗਾ, ਸਰੀਰ ਅਤੇ ਦਿਮਾਗ ਨੂੰ ਸੰਤੁਲਿਤ ਕਰਨ ਦਾ ਇੱਕ ਸਾਧਨ ਹੈ

ਭਾਰਤ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿਚ ਅੰਤਰ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਯੋਗਾ ਦਿਵਸ 'ਤੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਆਯੋਜਿਤ ਕੀਤੇ ਗਏ, ਜਦੋਂਕਿ ਭਾਰਤੀ ਵਿਦੇਸ਼ ਮੰਤਰੀ ਸੁਸ਼ਮਾ ਸਵਰਾਜ ਨਿ New ਯਾਰਕ ਵਿਚ ਸੰਯੁਕਤ ਰਾਸ਼ਟਰ ਵਿਚ ਯੋਗ ਦਿਵਸ ਸਮਾਰੋਹ ਵਿਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਈ. ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਭਾਰਤੀ ਮਿਸ਼ਨਾਂ ਨੇ ਇਸ ਸਬੰਧ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਆਯੋਜਿਤ ਕੀਤੇ।

ਪਹਿਲੇ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਯੋਗਾ ਦਿਵਸ 'ਤੇ ਦੇਸ਼ ਅਤੇ ਵਿਦੇਸ਼ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਵਧਾਈ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ, ਭਾਰਤ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਨਰਿੰਦਰ ਮੋਦੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਯੋਗਤਾ ਮਨੁੱਖਤਾ ਦੀ ਭਾਵਨਾ, ਪਿਆਰ, ਸ਼ਾਂਤੀ, ਏਕਤਾ, ਸਦਭਾਵਨਾ ਨੂੰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿਚ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਤਨ ਅਤੇ ਦਿਮਾਗ ਅਤੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਨੂੰ ਸੰਤੁਲਿਤ ਕਰਨ ਦਾ ਇਕ ਮਾਧਿਅਮ ਹੈ .

एक हफ्ते में कितने दिन योगा करना है फायदेमंद? यहां पढ़ें योग से जुड़े कई सवालों के जवाब

योगा संस्कृत के युज शब्द से बना है। इसका अर्थ होता है जोड़ना। यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार और धारण, ध्यान और समाधि के संयोजन से वाह्य जगत से अंतर्मुखी होने की पद्धति है योग। योग करने वाले को योगी कहा जाता है। प्राचीन महर्षियों ने अनुशासित जीवन और निरोगी काया को ध्यान में रखकर योग के बारे में बताया था। आज विश्व के अधिकांश हिस्सों में रोगमुक्त होने और स्वस्थ रहने के लिए लोग योगासनों का निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। योग एक विज्ञान है। इसे ठीक तरह से समझे बिना इसका अभ्यास करना नुकसानदेह भी हो सकता है। इसलिए अक्सर इसे विशेषज्ञों की देख-रेख में ही करने की सलाह दी जाती है। जब भी कोई योग शुरू क

ठंड में घेरने वाली उदासी योग से दूर भगाएं

कई लोग बिना ठंड के भी ठंडे हो जाते हैं। फिर इस समय तो वाकई ठंड का मौसम है। दार्शनिकों ने कहा है कि असली मौसम तो मनुष्य के भीतर होता है। बाहर तो केवल नज़ारा है। आइए, इस गहरी बात को जीवन से जोड़कर देखते हैं। मोटे तौर पर हम मनुष्यों के जीवन में तीन मौसम प्रभावी होते हैं और तीनों में हमारी जीवनशैली बदलने लगती है। बाहर से तो अपनी सुविधा से हम मौसम के अनुसार खुद को बदल लेते हैं लेकिन, भीतर हुए बदलाव को नहीं पकड़ पाते और परेशान हो जाते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, योग, शरीर और मन को संतुलित करने का माध्यम है

भारत के विभिन्न हिस्सों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किये गए जबकि भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र में योग दिवस समारोह में हिस्सा लिया। विदेशों में भारतीय मिशन ने इस संबंध में विशेष कार्यक्रम आयोजित किये।

प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश़ विदेश के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि योग, शरीर और मन को संतुलित करने का माध्यम और मानवता, प्रेम, शांति, एकता, सदभाव के भाव को जीवन में उतारने का कार्यक्रम है।

सुबह की एक्सरसाइज के फायदे मूड बेहतर करे

रोजाना सुबह व्‍यायाम करना आपके मूड़ को बेहतर बनाए रखने का सबसे अच्‍छा उपाय है। रोजाना सुबह उठरकर कसरत या व्‍यायाम करने और पसीना बहाने से शरीर में एंडोर्फिन (endorphins), सेरोटोनिन (serotonin) और डोपामाइन (dopamine) जैसे हार्मोन उत्‍तेजित करने में मदद मिलती है। ये सभी रसायन आपको बेहतर महसूस करने और आपके मूड़ को ठीक रखने में सहायक होते हैं। यदि आप पूरे दिन मानिसक स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देना चाहते हैं तो रोजाना जल्‍दी उठें और कुछ देर व्‍यायाम करें।

इंडियन क्लब ट्रेनिंग एक्सरसाइज फॉर कोर स्ट्रेंथ

मुगदल व्यायाम एक मजबूत कोर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। यदि आप एक मजबूत कोर के लिए कोई व्यायाम की तलास कर रहें है तो मुदगल एक्सरसाइज आपके लिए सही व्यायाम हो सकता है। यह व्यायाम मूल रूप से मजबूत कोर मांसपेशियों पर काम करता है और अच्छी मुद्रा बनाए रखने में सहायक होता हैं।

लंबी उम्र के लिए करे नियमित एक्सरसाइज

लंबा जीवन जीने के लिए अपने दैनिक जीवन में एक्सरसाइज शामिल करें। व्‍यायाम आपके शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्य दोनों को बढ़ावा देते हैं। आपके द्वारा की जाने वाली शारीरिक गतिविधि या व्‍यायाम शरीर को मजबूत करने और वजन प्रबंधन में सहायक होती हैं। आप अपने दैनिक जीवन में व्‍यायाम को शामिल कर शारीरिक संतुलन और समन्‍वय को भी बेहतर बना सकते हैं। लंबी उम्र जीने के लिए आप एरोबिक एक्‍सरसाइज को अपना सकते हैं। यह आपकी हृदय गति और धीरज को बेहतर बनाता है।

शाम को एक्सरसाइज करने के फायदे मधुमेह से बचाये

शाम के समय एक्‍सरसाइज करना आपको कई गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से भी बचा सकता है। मधुमेह भी एक ऐसी समस्‍या है जिसे नियंत्रित करने में व्‍यायाम आपकी मदद कर सकता है। कसरत करने से ग्‍लूकोज असहिष्‍णुता और इंसुलिन प्रतिरोध से बचाव होता है। ये कारक मधुमेह प्रकार 2 के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। यदि आप भी मधुमेह के प्रकोप से बचना चाहते हैं शाम के समय की जाने वाली कसरत को अपने दैनिक जीवन शामिल करें।

व्यायाम के फायदे आपको सक्रिय रखें

एक्‍सरसाइज करने से आप अपने शरीर को अधिक क्रियाशील और सक्रिय बना सकते हैं। नियमित रूप से सुबह के समय जल्‍दी उठकर व्यायाम करना आपके शरीर की मांसपेशियों को आराम दिलाता है। जिससे थकान कम करने और शरीर को क्रियाशील बनाए रखने में मदद मिलती है। एक अध्‍ययन के अनुसार जो लोग रोज व्यायाम करते हैं वे अन्‍य लोगों की अपेक्षा अधिक सक्रिय होते हैं।

मजबूत पाचनतंत्र के लिए एक्सरसाइज स्विमिंग

स्विमिंग करना सबको पसंद होता है पर क्या आपको पता है कि स्विमिंग करना आपकी पाचन क्रिया को मजबूत करता है। आप बेहतर पाचन तंत्र के लिए तैराकी सहित विभिन्न प्रकार के एरोबिक अभ्यासों में से किसी को भी चुन सकते हैं। इन गतिविधियों की मूवमेंट पाचन तंत्र को स्वस्थ रखती हैं।

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।