गालों के लिए व्यायाम

पहले गहरी सांस लें और फिर मुंह को जितना फुला सकते हैं फुलाएं। इस अवस्था में 30 से 60 सेकंड तक रहें। फिर नाक से सांस बाहर छोड़ें। इससे गालों की त्वचा में कसाव रहेगा और हंसते वक्त झुर्रियां नहीं पड़ेंगी।

फेस स्लिम एक्सरसाइज में नेक रोल करे

नेक रोल एक्सरसाइज में आपको अपनी गर्दन को घुमाना होता है। यह व्यायाम पूरे चेहरे से फैट कम करने में मदद करता है।

नेक रोल एक्सरसाइज को करने के लिए आप सबसे पहले सीधे बैठ जाएं या खड़े हो जाएं।
अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।
अब गर्दन को क्लॉक वाइज या एंटी क्लॉक वाइज घुमाएं।
यह एक्सरसाइज कुछ सेकंड के लिए करें।
 

गले का मोटापा कम करने के लिए करें जॉ रिलीज एक्सरसाइज

जॉ रिलीज एक्सरसाइज गले का मोटापा कम करने के लिए असरदार व्यायाम है। एक्सरसाइज में बस आप एक च्यूंगम को लेकर इसे चबाना शुरू कर दें। चेहरे की चर्बी घटाने के लिए च्यूंगम चबाना बेहद फायदेमंद होता है। लेकिन च्यूंगम चबाने से पहले यह ध्यान रखें कि आपका च्यूंगम शुगर फ्री होना चाहिए अन्यथा अतिरिक्त कैलोरी के कारण आपके शरीर का वजन बढ़ सकता है।

च्यूंगम चबाने से आपकी मांसपेशियां सक्रिय (active) और टोन होती हैं और आपके गालों पर जमा फैट नष्ट होता है जिसके कारण आपका चेहरा स्लिम दिखायी देता है। चेहरे की चर्बी को घटाने के लिए रोजाना दिन में दो बार 20 मिनट तक च्यूंगम चबाना चाहिए।

स्लिम फेस के लिए करे रोटेट टंग एक्सरसाइज

चेहरे को पतला करने के लिए आप रोटेट टंग एक्सरसाइज को कर सकते है। यह बहुत ही प्रभावी एक्सरसाइज है।

रोटेट टंग एक्सरसाइज को करने के लिए आप सबसे पहले सीधे बैठ जाएं।
अपनी जीभ को थोड़ा बाहर निकालें।
अब जीभ को दातों की बाहरी ओर लिप्स और दांतों के बीच वृत्ताकार गति में घुमाएं।
इसे क्रिया को 15 बार करें और फिर रुकें।
रोटेट टंग एक्सरसाइज को दिन में 2-3 बार करें।
 

डबल चिन कम करने की एक्सरसाइज चिन लिफ्ट

चिन लिफ्ट एक्सरसाइज डबल चिन कम करने में आपकी मदद कर सकती है। चेहरे के लिए यह व्यायाम करना बहुत सरल है आप इसे आसानी से कर सकते हैं।

चिन लिफ्ट एक्सरसाइज करने के लिए आप सबसे पहले सीधे खड़े जाएं।
अब अपने सिर को ऊपर ऊपर करके आसमान की ओर देखें।
फिर ऊपर देखते हुए आसमान को जोर से किस (kiss) करें।
इस एक्सरसाइज के 15 – 20 रेप्स के तीन सैट करे।
 

फेस पतला करने का तरीका बैलून फेस एक्सरसाइज

बैलून फेस (ब्लोइंग एयर एक्सरसाइज) एक्सरसाइज फेस पतला करने का अच्छा तरीका है। इस चेहरे के व्यायाम में आपको गुब्बारा फूलने की तरह मुंह को फुलाना होता हैं। जब आप गुब्बारा फुलाते हैं तो आपकी मांसपेशियों में खिंचाव होता है जिसके कारण मांसपेशियां फैल (expand) जाती हैं और चेहरे की चर्बी कम होती है।

फेस वेट लॉस के लिए फिश पोज एक्सरसाइज

चेहरे की चर्बी कम करने के लिए आप फिश पोज एक्सरसाइज को करें। यह गालों पर जमा फैट को कम करने में मदद करता है। फेस की स्किन को टाइट रखने में फिश पोज एक्सरसाइज बहुत प्रभावी है।

फिश पोज एक्सरसाइज करने के लिए आप सबसे पहले सीधे बैठ जाएं।
अब अपने मुंह को बंद करके, गालों को अंदर की ओर चूसें।
इससे आपके गाल अंदर की ओर हो जायेंगे और होंठ की आगे की ओर नुक बन जाएगी।
इस स्थिति में आप आपका चेहरे एक मछली की तरह दिखाई देगा।
इसे 30 सेकंड के लिए करे और फिर 10 सेकंड के लिए आराम करें।
फिश पोज एक्सरसाइज को दिन में कई बार किया जा सकता है।
 

शारीरिक व्यायाम के लिए करे वॉल प्रेस एक्सरसाइज

वॉल प्रेस एक्सरसाइज आपके सम्पूर्ण शरीर पर काम करता है और आपको फिट रखने में काफी मदद करता हैं। वॉल प्रेस व्यायाम आपको एक ही समय में अपने हाथों, पेट और आपके निचले शरीर पर फोकस करने में मदद करता हैं।


 वॉल प्रेस एक्सरसाइज करने का तरीका और फायदे (Wall Press Exercise Steps And Benefits In Hindi) का यह लेख आपको कैसा लगा हमें कमेंट्स कर जरूर बताएं।

स्ट्रांग कोर के लिए करें वॉल प्रेस एक्सरसाइज

वॉल प्रेस एक्सरसाइज स्ट्रांग कोर के लिए बहुत ही फायदेमंद है। यह वॉशबोर्ड एब्स और एक मजबूत कोर के लिए बहुत प्रभावी है। वॉल प्रेस एक्सरसाइज मुख्य रूप से पेट का सेक्शन और कमर का एरिया आदि की समस्या को ठीक करने आपकी मदद करता हैं।

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।