सेल्फ कांफिडेंस बढ़ाएँ
आत्म विश्वास सेहत और सफलता का आधार है। कमजोर आत्म विश्वास से बहुत सारी शारीरिक और मानसिक बीमारियों का जन्म होता है। आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए शरीर और मन में स्वस्थ्य अनुभव करना जरूरी है। आत्म विश्वास बढ़ाने के लिए कुछ योगा टिप्स।
मौन : योग में कहा गया है कि मौन से मन की शक्ति का विकास होता है। देखने और समझने की क्षमता बढ़ती है और संयम का जन्म होता है। दिन के 12 घंटे में सिर्फ एक घंटे के लिए मन के भीतर की प्रत्येक गतिविधि को रोक दें।
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परफेक्ट फिगर के लिए करें त्रिकोणासन
यह आसन खड़े होकर किया जाता है। इस आसन में शरीर में अलग-अलग तीन कोण बनते हैं, इसलिए इसको त्रिकोणासन कहा जाता है।
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योग से मिलती है तनाव मुक्ति
यौगिक दृष्टि से शरीर और मन के साथ साथ भावना एक दूसरे से इस प्रकार अविभक्त होती हैं कि वे कोशिश करने के बावजूद भी अलग नहीं की जा सकती हैं |मन केवल मष्तिष्क को सोचने का प्रेरक ही नहीं अपितु वह बुद्धिपुंज भी है जो शरीर के अंग प्रत्यंग और सूक्ष्मतम भागों को भी संचालित करता है |शरीर को प्रभावित करने वाली प्रत्येक वस्तु या प्रक्रिया का प्रभाव मन पर अवश्य पड़ता है और मन का शरीर पर |चूंकि मन सम्पूर्ण शरीर में अंतर्व्याप्त है और उसके प्रत्येक अणु में प्रविष्टि है ,इसलिए यौगिक क्रियाओं का जिन्हें हम योगासन कहते हैं ,मन और भावनाओं पर भी उतना ही प्रभाव डालती हैं |यह निर्विवाद रूप
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स्तन कैंसर के उपचार के बाद योग करना लाभदायक l
एक शोध में पता चला है कि स्तन कैंसर के इलाज के बाद यदि कम से कम तीन महीनों तक नियमित रूप से योगाभ्यास किया जाए , तो इससे थकान और सूजन काफी हद तक कम होती है। अमेरिका की ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान के प्रोफेसर और मनोरोग विशेषज्ञ जेनिस कीकॉल्ट-ग्लासेर ने कहा, "कुछ महीनों तक लगातार योगाभ्यास करने से स्तन कैंसर से उबरे मरीजों को काफी फायदा पहुंचता है।" उन्होंने कहा, "नियमित योगाभ्यास के सकारात्मक परिणाम उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है जिनको थकान और सूजन की समस्या रहती है।" योगा करने से हमारे शरीर को कई प्रकार के लाभ मिलते हैं जिसका अनुमान शायद ही हम इस जिंदगी में लगा सकते हैं।
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पेट की चर्बी घटाए तोलांगुलासन
वजन तोलते वक्त दोनों तराजू संतुलन में रहते हैं अर्थात तराजू का कांटा बीचोंबीच रहता है उसी तरह इस योगासन में भी शरीर का संपूर्ण भार नितंब पर आ जाता है और व्यक्ति की आकृति ताराजू जैसी लगती है इसीलिए इसे तोलांगुलासन कहते हैं।
आसन विधि : सर्वप्रथम दण्डासन में बैठ जाएं। फिर शरीर के भार को नितंबों पर संतुलित करते हुए श्वास अन्दर लें। अब थोड़ा-सा पीछे झुकते हुए हाथ-पैरों को भूमि पर से धीरे-धीरे ऊपर उठा दें। कुछ देर रुकने के बाद पुन: दण्डासन में लौट आएं।
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शरीर की ऊर्जा बढ़ाने के उपाय मैग्नीशियम युक्त आहार
मैग्नीशियम की कमी शरीर की ताकत और सहनशक्ति को कम कर सकती है। मैग्नीशियम शरीर में ग्लूकोज को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जो ऊर्जा के लिए आवश्यक है। मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थों का उचित मात्रा में सेवन करना कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं जैसे ऐंठन, सिरदर्द और चिंता आदि से छुटकारा दिला सकता है। यदि आपको ऊर्जा में कमी का अनुभव हो तो आप मैग्नीशियम आधारित खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। दैनिक आधार पर पुरुषों को लगभग 350 मिलीग्राम और महिलाओं को 300 मिलीग्राम मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है।
शरीर की ताकत बढ़ाये ग्रीन टी
नियमित रूप से ग्रीन टी का सेवन करना आपके स्टैमिना और एनर्जी लेवल को बढ़ा सकता है। ग्रीन टी में मौजूद पॉलीफेनोल्स (polyphenols) थकान को कम करने, तनाव को दूर करने और अच्छी नींद लेने में सहायक होते हैं। एक अध्ययन के अनुसार नियमित रूप से ग्रीन टी का सेवन करने से 24 प्रतिशत तक व्यायाम प्रदर्शन की स्टेमिना को बढ़ा सकता है।
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खांसी और जुकाम बस दस मिनट..........गायब
मौसम के परिवर्तन के कारण संक्रमण से कई बार वाइरल इंफेक्शन के कारण हमारे गले व फेफड़ों में जमने वाली एक श्लेष्मा होती है जो खांसी या खांसने के साथ बाहर आता है। यह फायदेमंद और नुकसानदायक दोनों है। इसे ही कफ कहा जाता है। अगर आप भी खांसी या जुकाम से परेशान है तो बिना दवाई लिए भी रोज सिर्फ दस मिनट इस मुद्रा के अभ्यास से कफ छुटकारा पा सकते हैं।
मुद्रा- बाएं हाथ का अंगूठा सीधा खडा कर दाहिने हाथ से बाएं हाथ कि अंगुलियों में परस्पर फँसाते हुए दोनों पंजों को ऐसे जोडें कि दाहिना अंगूठा बाएं अंगूठे को बहार से कवर कर ले,इस प्रकार जो मुद्रा बनेगी उसे अंगुष्ठ मुद्रा कहेंगे।
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एनर्जी बढ़ाने का घरेलू नुस्खा सेब का सिरका
थकावट दूर करने और शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए एप्पल साइडर सिरका एक और अच्छा उपाय है। यह आपके शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा यह स्वास्थ्य ऑनिक इलेक्ट्रोलाइट्स (electrolytes) से भरा होता है जो आपकी ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने और आपकी सहनशक्ति को उत्तेजित करने में सहायक होता है। यदि आप भी अपनी शारीरिक कमजोरी को दूर करना चाहते हैं तो सेब के सिरका को अपने व्यंजनों और आहार में शामिल कर सकते हैं।
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शरीर की ताकत बढ़ाने की दवा अखरोट
शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए अखरोट एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इसमें ओमेगा-3 अच्छी मात्रा में होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका मछली का सेवन करना है। लेकिन जो लोग शाकाहारी होते हैं उनहें ओमेगा-3 फैटी एसिड प्राप्त करने के लिए अखरोट का करना चाहिए। अखरोट का नियमत सेवन हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक होता हे। इसके अलावा आप अपने शरीर की फिटनेस को बनाए रखने और शरीर की ताकत में वृद्धि करने के लिए भी अखरोट का उपयोग कर सकते हैं। जानकारों के अनुसार अखरोट में स्वस्थ वसा के साथ ही ऐसे पोषक तत्व और खजिन पदार्थ होते हैं जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने मे
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“योग विज्ञान है” – ओशो
योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है।
जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।
नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।