स्टेमिना बढ़ाने के उपाय

किसी भी कार्य को बेहतर तरीके से और लंबे समय तक करने के लिए स्टेमिना की आवश्यकता होती है। आपका अच्छा स्टेमिना रनिंग, वेट लिफ्टिंग और अच्छे सेक्स में आपकी मदद करता हैं। अपनी शरीरिक क्षमता को बढ़ाने के लिए एक अच्छे स्टेमिना बहुत ही जरूरी होता हैं। स्टेमिना को बढ़ाने के लिए आप  संतुलित आहार, व्यायाम और योग का सहारा ले सकते हैं। किसी भी खेल के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने से लेकर घर और ऑफिस के कार्य को बेहतर तरीके से करने लिए भी एक अच्छे स्टेमिना की जरूरत होती हैं। बढ़ा हुआ स्टेमिना अपने आप को फिट रखने के लिए और शिथिलता, थकावट, चिंता और कई अन्य दुर्बलता की भावना को समाप्त करता है। नीचे स्टेमिना ब

ताकत की आयुर्वेदिक दवा एवोकैडो

शरीर का उचित ढंग से काम करने के लिए पर्याप्‍त ऊर्जा की आवश्‍यकता होती है। शरीर की ताकत बढ़ाने के उपाय के रूप में आप एवोकैडो का उपयोग कर सकते हैं। यह फल वसा की स्‍वस्‍थ खुराक प्रदान करने में सहायक होता है। एवोकैडो में विटामिन सी, फाइबर, विटामिन K, फोलिक एसिड और विटामिन बी6 की अच्‍छी मात्रा होती है। विटामिन सी हमारे शरीर में एंटीऑक्‍सीडेंट का काम करता है जो तनाव और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने में सहायक होता है। जबकि विटामिन हमारे शरीर को ऊर्जा उत्‍पादन करने और अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने में प्रभावी होता है। इसलिए इन पोषक तत्‍वों की मौजूदगी के कारण एवोकैडो एक अच्‍छा आहार व

शरीर की ताकत बढ़ाने के उपाय केला

शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए विभिन्‍न प्रकार के खनिज पदार्थ और पोषक तत्‍वों की आवश्‍यकता होती है। केला भी ऐसा ही खाद्य पदार्थ है जो शरीर की ताकत को बढ़ाने में सहायक होता है। केला में पोटेशियम की अच्‍छी मात्रा होती है। परिश्रम और व्‍यायाम के दौरान शरीर में  इलेक्‍ट्रोलाइट की कमी हो सकती है जो थकान और कम ऊर्जा दर्शाता है। एक अध्‍ययन में बताया गया कि व्‍यायाम या कठिन परिश्रम करने वाले लोगों के शरीर में त्‍वरित ऊर्जा प्राप्त करने में केला बहुत ही प्रभावी होता है। यह मांसपेशियों की थकान को रोकने के लिए बहुत ही प्रभावी है। अपने शरीर की क्षमता और स्‍टैमिना बढ़ाने के लिए विकल्‍प के रूप मे

ताकतवर बनने के उपाय चिया बीज

नियमित रूप से चिया बीज का सेवन शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने में सहायक होता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि चिया बीज में फाइबर की उच्‍च मात्रा होती है। फाइबर पाचन तंत्र को उत्‍तेजित करने में सहायक होता है जिससे शरीर को अधिक ऊर्जा उत्‍पान करने में मदद मिलती है। इस तरह से आप अपने दैनिक आहार में चिया बीजों को शामिल कर शारीरिक क्षमता को बढ़ा सकते हैं।

पैर की चर्बी से छुटकारा पाने के लिए कैलोरी कम करें

व्यायाम आपके पैर की मांसपेशियों को टोन करने का सबसे प्रभावी तरीका है, लेकिन आपको अंदर और बाहर की वसा कोशिकाओं से लड़ने की भी आवश्यकता है।

जांघों (थाई) को पतला करने के लिए अपने कैलोरी सेवन को कम करना पहला कदम है क्योंकि आपका शरीर स्वाभाविक रूप से अपने अगले ऊर्जा स्रोत के रूप में अतिरिक्त वसा का उपयोग करेगा। आप उतनी कैलोरी का इस्केतेमाल करें जितनी आप बर्न कर सकते हैं  – सप्ताह के अधिकांश दिनों में या अपने जरुरत से कम कैलोरी का सेवन करने की कोशिश करें।

जांघों को कम करने में दौड़ना और चलना है लाभदायक

जांघों (थाई) को पतला करने का सबसे आसान उपाय दौड़ना और चलना है। जी हां आप दौड़कर और लंबी दूरी चलकर भी अपनी जांघों से अतिरिक्त वसा को कम कर सकते है। अपनी थाई को स्लिम करने के लिए आप नियमित रूप से दौड़ना और पैदल चलना शुरू कर दें, यह आपके लिए बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगा।

एरोबिक व्यायाम आपकी आंतरिक जांघों और शरीर के बाकी हिस्सों पर भी वसा जलाने में मदद करते हैं। सीढ़ी चढ़ना, तेज चलना, दौड़ना और नृत्य करना जैसे कुछ व्यायाम हृदय गति को बढ़ाते हैं और आपकी जांघ की मांसपेशियों को पतला करते हैं। इसलिए, सप्ताह में पाँच दिनों के लिए दिन में कम से कम 45 मिनट तक एरोबिक अभ्यास करने का प्रयास करें।

जांघों को पतला करने का उपाय एयर साइक्लिंग

यह जांघों से वसा जलाने का एक प्रभावी तरीका है। एयर साइक्लिंग आपके पेल्विक और घुटने के जोड़ों का भी ख्याल रखती है।

एयर साइक्लिंग करने के लिए अपनी पीठ के बल लेटें और छत की ओर देखें। अपने पैरों को 90 डिग्री तक उठाएं, अपने पैरों को साइक्लिंग की तरह हिलाना शुरू करें जैसे कि आप आगे की दिशा में साइकिल चला रहे हैं।
इसे 1 मिनट तक करें और फिर धीरे-धीरे अपने पैरों को नीचे रखें और आराम करें। दोबारा अपने पैरों को 90 डिग्री तक ले जाएं और 1 मिनट के लिए उल्टी दिशा में वायु में साइकिल चलाना शुरू करें। जांघों को पतला करने के लिए इस एक्सरसाइज के सेट को 5 बार दोहराएं।

पैरों को पतला करने का तरीका आउटर थाई लेग लिफ्ट

जांघों को पतला करने के लिए आउटर थाई लेग लिफ्ट (Outer Thigh leg Lift) एक्सरसाइज बहुत ही लाभकारी होती है। आउटर थाई लेग लिफ्ट करने के लिए आप सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और अपने दोनों पैरों को पास-पास रखें। फिर दोनों हाथों को सामने लाएं और उनको आपस में मिला लें। अब अपने दाएं पैर को दायीं ओर सीधा करें। पैर को अधिकतम ऊंचाई तक ले जाएं और फिर नीचे लाएं। यह क्रिया आउटर थाई लेग लिफ्ट एक्सरसाइज है आप इसे दोनों पैरों से करें।

चेस्ट बढ़ाने के लिए डिप्स लगायें

अपने सीने को बढ़ाने के लिए डिप्स लगाना बहुत आसान तरीका है। शायद आपने सुना होगा कि अक्सर लोग अपने सीने को बढ़ाने के लिए डिप्स लगाने की सलाह देते है। किसी भी प्रकार की डिफेंस जॉब के लिए फिजिकल टेस्ट में डिप्स लगाना अनिवार्य होता है। आइये इसे करने की विधि को विस्तार से जानते है। डिप्स लगाने के लिए आप सबसे पहले समांतर डिप्स बार (parallel dip bars) को मजबूती से पकड़ें। अब हाथों पर जोर डालते हुए अपने शरीर को ऊपर उठायें और अपनी कोहनी को सीधा करें। आपका सिर और धड़ एक ही लाइन में सीधा रहना चाहिए।

थाई स्लिम करने के लिए डंकी किक करे

मोटी जांघों को कम करने लिए डंकी किक एक्सरसाइज बहुत ही फायदेमंद होती है। डंकी किक एक्सरसाइज करने लिए आप सबसे पहले एक एक्सरसाइज मैट को बिछाकर उस पर घुटने टेक कर बैठ जाएं। अब अपने हाथों को आगे की ओर सीधा करके फर्श पर रखें और रीढ़ की हड्डी को भी पूरी तरह से सीधा रखें। इस स्थिति में आप एक डंकी की तरह दिखाई देगें। अब अपने दाएं पैरो को ऊपर नीचे करें। कुछ सेकंड के बाद यही पूरी प्रक्रिया बाएं पैर से करें।

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।