वजन कम करने के लिए महिलाएं रुक-रुक कर भोजन करें

रुक रुक कर भोजन करना महिलाओं में वसा कम करने के लिए एक प्रभावी तरीका है। यह महिलाओं को कैलोरी सेवन को कम करने के लिए मजबूर करता है, क्योंकि आप अपने खाने को कुछ समय तक सीमित कर रहे हैं। व्यायाम के साथ उपवास का संयोजन करना वजन कम करने में लाभदायक होता है।

यौगिक ध्यान से लाभ

महर्षि पतंजलि के योगसूत्र में ध्यान भी एक सोपान है।
चित्त को एकाग्र करके किसी एक वस्तु पर केन्द्रित कर देना ध्यान कहलाता है। प्राचीन काल में ऋषि मुनि भगवान का ध्यान करते थे। ध्यान की अवस्था में ध्यान करने वाला अपने आसपास के वातावरण को तथा स्वयं को भी भूल जाता है। ध्यान करने से आत्मिक तथा मानसिक शक्तियों का विकास होता है। जिस वस्तु को चित मे बांधा जाता है उस मे इस प्रकार से लगा दें कि बाह्य प्रभाव होने पर भी वह वहाँ से अन्यत्र न हट सके, उसे ध्यान कहते है।
ध्यान से लाभ
ऐसा पाया गया है कि ध्यान से बहुत से मेडिकल एवं मनोवैज्ञानिक लाभ होते हैं।

महिलाओं का वजन कम करने की टिप्स हेल्दी ब्रेकफास्ट खाएं

सुबह के नाश्ते में पौष्टिक भोजन का आनंद लेना आपको अपने अगले भोजन तक पूर्ण महसूस करवा सकता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि नियमित रूप से खाने के पैटर्न को बनाये रखना वजन बढ़ने के खतरों को कम कर सकता है। उच्च प्रोटीन वाले नाश्ते का सेवन भूख बढ़ाने वाले हार्मोन घ्रेलिन (ghrelin) के स्तर को कम करता है। यह भूख को नियंत्रण में रखने में मदद कर सकता है। इस प्रकार महिलाएं अपने वजन को आसानी से कम कर सकती हैं।

वजन कम करने के लिए महिलाएं शुगर कम खाएं

महिलाएं अपने वजन को कम करने के लिए अपने भोजन से चीनी की मात्रा को कम करें। वजन बढ़ाने, मधुमेह और हृदय रोग जैसे गंभीर स्वास्थ्य मुद्दों में चीनी का प्रमुख योगदान होता है। अधिक चीनी के साथ खाद्य पदार्थ उच्च कैलोरी से भरे होते हैं, लेकिन इसमें विटामिन, खनिज, फाइबर और प्रोटीन की कमी होती है जो कि हमारे शरीर के लिए आवश्यक होते है। इस कारण से वजन घटाने के लिए सोडा, कैंडी, फलों का रस और मिठाई जैसे शर्करा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करना सबसे अच्छा है।

योग से समृद्ध होता जीवन

योग का ही परिणाम है पूरी सृष्टि। गणित के योग की तरह ही यह हमारे गुणों की अभिवृद्धि करता है। हमारे भीतर की चेतना को जगाकर हमें संस्कारवान और हृष्ट-पुष्ट बनाता है। योग के महत्व पर डॉ. प्रणव पण्ड्या का आलेख... बाहरी धन-संपदा से ज्यादा महत्वपूर्ण है भीतर कीसंपदा। अंतस के धनी बनकर ही हम सही मायने में

सफल कहलाएंगे...

 

योगासन दिलाए पीरियड्स के दर्द में आराम

कई महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान शरीर, खासतौर कमर में काफी दर्द होता है। इस दर्द को दूर करने के लिये आप योगासनों का सहारा ले सकती हैं। योग के पास हर बीमारी का इलाज है इसलिये इन्‍हें एक बार जरुर आजमाइये। नियमित तौर पर इन आसनों को करने से आपकी कमर और अन्‍य हिस्‍से मजबूत बनेंगे। आसन करने से शरीर के हर हिस्‍से स्‍ट्रेच होते हैं तथा खून का संचार अच्‍छी प्रकार से होने लगता है, जिससे शरीर की थकान, पेट की सूजन, गैस और दर्द आदि दूर होते हैं। आइये जानते हैं कि कौन-कौन से हैं वे योगासन जिन्‍हें करने से मासिकधर्म का दर्द दूर हो सकता है।

15 साल की उम्र में वजन को नियंत्रित रखने के लिए आहार

15 साल की उम्र में भी आजकल बच्चे अपने वजन को लेकर काफी चिंतित होते हैं। वैसे भी, इस उम्र में गलत खानपान से बच्चों का वजन तेजी से बढ़ता है, अगर इसे अभी से कंट्रोल न किया जाए, तो आगे चलकर परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए अपने 15 साल के बच्चे को ऐसा क्या खाने के लिए देना है, जो उसके लिए हेल्दी हो और वेट भी मेनटेन रहे, इस बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं।

लंच में- दोपहर के भोजन में कम वसा वाले दही के साथ टमाटर की टर्की सैंडविच साथ में सलाद के रूप में गाजर की लंबी-लंबी स्टिक्स दे सकते हैं।

बॉडी बनाने के लिए अपनी आहार शैली पर ध्यान दें

स्वस्थ शरीर और मांशपेशियों के विकास के लिए संतुलित आहार का सेवन करना बहुत जरूरी होता हैं। इसके लिए आप प्रोटीन युक्त भोजन को करें। घर पर बॉडी बनाने केलिए आप अनाज, फल, सब्ज़ियां, मुर्गी, अंडे, मछली, नट्स, दूध, मख्खन और प्रोटीन शेक पियें।

बिना जिम के घर पर बॉडी कैसे बनाये (Bina Gym Ke Body Kaise Banaye) का यह लेख आपको कैसा लगा हमें कमेंट्स कर जरूर बताएं।

प्रसव के बाद करे अनुलोम विलोम प्राणायाम

अनुलोम विलोम प्राणायाम रक्त परिसंचरण में सुधार के लिए और उत्कृष्ट साँस लेने बहुत ही अच्छा प्राणायाम हैं। यह प्रसव के बाद करने के लिए अच्छा योग आसन है। यह प्राणायाम दिल की रुकावटों (heart blockages) को दूर करता है। यह तनाव, चिंता और अवसाद को भी स्वाभाविक रूप से दूर करता है।

कपालभाति प्राणायाम फॉर हेल्थी लिवर

कपालभाति प्राणायाम एक साँस लेने का व्यायाम है जो लीवर में होने वाले रोगों जैसे- लिवर सिरोसिस, पीलिया, हेपेटाइटिस और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक होता है। कपालभाति प्राणायाम योग जो लीवर को उत्तेजित करता है और विभिन्न प्रकार की लीवर की समस्याओं को प्रभावी ढंग से ठीक करता है।

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।