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योग

पीठ के दर्द को ठीक करने के लिए कौन सा योग आसन करना उचित है?

पीठ दर्द एक लक्षण है, स्वयं बीमारी नहीं है। अनेक प्रकार की बीमारियों की वजह से पीठ दर्द हो सकता है।

सर्वप्रथम ठीक निदान अनिवार्य है, तभी समुचित चिकित्सा हो सकेगी।

निवेदन है कि अस्थि रोग विशेषज्ञ से मिलकर, आवश्यक हो तो एक्स-रे, एम आर आई या सी टी स्कैन द्वारा सटीक डायग्नोसिस कराइए।

फिर चिकित्सक की सलाह अनुसार फिजियोथैरेपिस्ट या कुशल योगाचार्य से परामर्श लीजिए।

उदाहरण:

योग में सबसे कठिन आसन कौन से हैं, इन आसनों को करने से क्या लाभ होता है?

अगर आप अपने शरीर को सिर्फ स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आपको ये कठिन आसन करने की जरूरत नहीं है। आप साधारण और सरल आसन भी करके अपनी पाचन शक्ति, रक्त परिसंचरण प्रणाली को सही रख सकते है और बाकि बिमारियों से बचने के लिए प्राणायाम ही काफी है।

लेकिन योग में जो कठिन आसन है। उनका भी कुछ फायदा है। ये आसन आपके शरीर की ताकत को बढ़ाते है और शरीर को लचीला भी करते है। जिससे खेलों में काफी लाभ पहुंचता है। इन कठिन आसनों को करने के लिए मन के विचारों का संतुलन (एकाग्रता) रखना जरुरी है। अगर आप इन कठिन आसनों में सफल हो जाएंगे तो आपके मन की एकाग्रता बढ़ जाएगी।

योग में कुछ कठिन आसन है-

नौसिखियों के लिए योग के सबसे अच्छे आसन कौन से हैं?

किसी भी आसन को करने के लिए शरीर का लचीला होना जरूरी होता है। इस कारण शुरुआत में हर व्यक्ति को परेशानी आती योग करने में। अतः योग कि शुरुआत हमेशा सूर्य नमस्कार से ही करना चाहिए।

सूर्य नमस्कार शरीर के मजबूती और लचीलापन प्रदान करता है। जिससे दूसरे आसन करने में परेशानी नहीं आता। ये रीढ़ की हड्डी, मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है और एकाग्रता बढ़ाता है। कुछ दूसरे आसन भी है जो सरल भी है और लाभदायक। जिसे हर नौसिखिया व्यक्ति कर सकता है

वृक्षासन(tree pose) - यह मन की सोच का संतुलन बनाए रखता है और तनाव से बचाता है।

कब्ज़ से मुक्ति पाने के लिये करें योगआसन

यदि मल सख्त हो और रोज न आये तो उसे कब्ज़ कहेंगे। बहुत अधिक समय से इस समस्या के होने के कारण इसको पुराना कब्ज़ कहते हैं। इसमें मल बहुत सख्त हो जाता है तथा मल को बाहर करने के लिये जोर लगाना पड़ता है। मल को नर्म करने के लिये आवश्यक है कि उस में पानी की मात्रा अधिक हो।  विभिन्न प्रकार के आसनों को नियमित रूप से करने पर हर प्रकार के कब्ज़ से राहत मिलती है। 

कब्ज़ दूर करने के लिये योगआसन 

कपालभाति : 

ਕਬਜ਼ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ ਪਾਉਣ ਲਈ ਯੋਗਾ ਆਸਣ ਕਰੋ

ਜੇ ਟੱਟੀ ਸਖਤ ਹੈ ਅਤੇ ਰੋਜ਼ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀ, ਤਾਂ ਇਸਨੂੰ ਕਬਜ਼ ਕਿਹਾ ਜਾਵੇਗਾ. ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਇਸ ਸਮੱਸਿਆ ਦੇ ਕਾਰਨ, ਇਸਨੂੰ ਗੰਭੀਰ ਕਬਜ਼ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ. ਇਸ ਵਿਚ, ਟੱਟੀ ਬਹੁਤ ਸਖਤ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਟੱਟੀ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਕੱ toਣ ਲਈ ਜ਼ੋਰ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ. ਟੱਟੀ ਨੂੰ ਨਰਮ ਕਰਨ ਲਈ, ਇਸ ਵਿਚ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਹੋਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ. ਵੱਖ-ਵੱਖ ਕਿਸਮਾਂ ਦੇ ਗਲੀਚੇ ਦੀ ਨਿਯਮਤ ਵਰਤੋਂ ਹਰ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕਬਜ਼ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ ਪਾਉਂਦੀ ਹੈ.

ਯੋਗਸਨ ਕਬਜ਼ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ ਪਾਉਣ ਲਈ

ਕਪਲਭਤੀ:

योगा और आसन में क्या अंतर है?

महर्षि पतंजलि की योग प्रणाली में 8 हिस्से हैं, जिन्हें अष्टांगिक योग कहा जाता है। इनमें से प्रथम पांच को बहिरंग तथा अंतिम तीन को अंतरंग कहते हैं।

प्रथम पांचों के नाम इस प्रकार हैं—यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार।

अंतिम तीन कहलाते हैं—धारणा ध्यान और समाधि।

आसन का अर्थ है : शरीर की ऐसी पोजीशन जिसमें हम अधिक देर तक सुख पूर्वक स्थिर रह सकें।

अच्छी नींद के लिये योग करें

यदि आदतन आप को रात को अच्छी नींद नहीं आती,तो यह संभव है कि आप की उम्र तेजी से ज्यादा बढ़ रही है और इसके अतिरिक्त आप को अच्छा नहीं लगता होगा और आपकी भ्रमित सोच होगी | जब हम नींद में होते हैं तब हमारा शरीर के कोशिका स्तर में सुधार होता है और विषाक्त पदार्थों का निष्कासन होता है | इसलिये प्रतिदिन ६-८ घंटों की नींद आवश्यक है |

यदि आप की पर्याप्त नींद नहीं होती, तो योग इसमें सहायता करेगा | निरंतर योग के अभ्यास से कई रोगों का निदान हुआ है जिसमें अनिद्रा और असामान्य नींद की आदतें शामिल है | दिन के अंत में योग तनाव से मुक्ति देता है जिससे रात में अच्छी नींद आती है |

ਚੰਗੀ ਨੀਂਦ ਲਈ ਯੋਗਾ ਕਰੋ

ਜੇ ਤੁਸੀਂ ਆਦਤ ਅਨੁਸਾਰ ਰਾਤ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਨੀਂਦ ਨਹੀਂ ਲੈਂਦੇ, ਤਾਂ ਇਹ ਸੰਭਵ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡੀ ਉਮਰ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਵਧ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਚੰਗਾ ਮਹਿਸੂਸ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗਾ ਅਤੇ ਤੁਸੀਂ ਉਲਝਣ ਵਿਚ ਹੋਵੋਗੇ. ਜਦੋਂ ਅਸੀਂ ਸੌਂਦੇ ਹਾਂ, ਤਾਂ ਸਾਡੇ ਸਰੀਰ ਦੇ ਸੈੱਲ ਦਾ ਪੱਧਰ ਸੁਧਾਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜ਼ਹਿਰੀਲੇ ਤੱਤਾਂ ਨੂੰ ਦੂਰ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ. ਇਸ ਲਈ ਪ੍ਰਤੀ ਦਿਨ 6-7 ਘੰਟੇ ਦੀ ਨੀਂਦ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ.

ਜੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਫ਼ੀ ਨੀਂਦ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀ, ਤਾਂ ਯੋਗਾ ਇਸ ਵਿਚ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰੇਗਾ. ਕਈ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਨਿਰੰਤਰ ਯੋਗਾ ਦੇ ਅਭਿਆਸ ਨਾਲ ਪਤਾ ਲਗਦੀਆਂ ਹਨ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਇਨਸੌਮਨੀਆ ਅਤੇ ਸੌਣ ਦੀਆਂ ਅਸਾਧਾਰਣ ਆਦਤਾਂ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ. ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਤ ਵਿਚ, ਯੋਗਾ ਤਣਾਅ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ ਪਾਉਂਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਰਾਤ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਨੀਂਦ ਆਉਂਦੀ ਹੈ.

पाचनतंत्र को मजबूत बनाने वाले योगासन

यदि पाचनतंत्र मजबूत हो तो शरीर स्वस्थ और मजबूत बना रहता है। पाचनतंत्र को मजबूत बनाने के कुछ योगासन हैं जिन्हें प्रतिदिन करने से पाचनतंत्र दुरुस्त बनता है और शरीर भी स्वस्थ और मजबूत होता है।

पाचनतंत्र के लिए योग

 

योग जीवन जीने की एक उत्तम कला है

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में अनेक ऐसे पल हैं जो हमारी स्पीड पर ब्रेक लगा देते हैं। हमारे आस-पास ऐसे अनेक कारण विद्यमान हैं जो तनाव, थकान तथा चिड़चिड़ाहट को जन्म देते हैं, जिससे हमारी जिंदगी अस्त-व्यस्त हो जाती है। ऐसे में जिंदगी को स्वस्थ तथा ऊर्जावान बनाये रखने के लिये योग एक ऐसी रामबाण दवा है जो, माइंड को कूल तथा बॉडी को फिट रखता है। योग से जीवन की गति को एक संगीतमय रफ्तार मिल जाती है।