Skip to main content

योग

सेहत और योग

योग शरीर को सेहतमंद बनाए रखता है और कई प्रकार की शरीरिक और मानसिक परेशानियों को दूर करता है. योग श्वसन क्रियाओं को सुचारू बनाता है. योग के दौरान गहरी सांस लेने से शरीर तनाव मुक्त होता है. योग से रक्त संचार भी सुचारू होता है और शरीर से हानिकारक टाँक्सिन निकल आते हैं. यह थकान, सिरदर्द, जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है एवं ब्लड प्रेसर को सामान्य बनाए रखने में भी सहायक होता है.

डिप्रेशन हो या माइग्रेन, योग से ठीक रहेगा ब्रेन

योग से सेहत संवारने में थोड़ा वक्त जरूर चाहिए लेकिन इसका असर रामबाण है। बदलती जीवनशैली से जो बीमारियां आम हो चुकी हैं उनको चंद आसन ठीक कर सकते हैं। योग में ऐसे आसन भी हैं जिनसे रोग जिस्म पर सवार होने की हिम्मत नहीं कर सकता। योग विशेषज्ञ मीना सोंधी कहती हैं कि आसनों का असर इतना है कि दवाओं का सहारा लेने की जरूरत ही नहीं।

ये हैं शीर्ष 10 आसन

हृदय रोगों में योगासनों के लाभ

भारत में हर साल दिल की विमरियो या हार्ट अटैक से लाखो मौत होती हैं यह बीमारी मानसिक तनाव दूषित खान पान व्लड प्रेशर आदि कारणों से होती है योग एक जरिया है जिससे हम अपने दिल को बीमारियों से सुरक्षित रख सकते हैं। ऐसे योगासन हैं, जिसमें सबसे ज्यादा फोकस सांसों पर होता है, जिससे हमारा रेस्पिरेटरी सिस्टम दुरुस्त रहता है।दिल की बीमारियों को कार्डिवस्‍कुलर डिजीज कहा जाता है। चिकित्‍सीय भाषा में दिल की बीमारियों के लिए यही शब्‍दावली इस्‍तेमाल की जाती है। रजिस्‍ट्रार जनरल ऑफ इंडिया और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के एक नए शोध के मुताबिक भारत में बड़ी संख्‍या में लोग दिल की बीमारियों के कारण गंव

योगासनों के गुण और लाभ

योगासनों का सबसे बड़ा गुण यह हैं कि वे सहज साध्य और सर्वसुलभ हैं। योगासन ऐसी व्यायाम पद्धति है जिसमें न तो कुछ विशेष व्यय होता है और न इतनी साधन-सामग्री की आवश्यकता होती है। योगासन अमीर-गरीब, बूढ़े-जवान, सबल-निर्बल सभी स्त्री-पुरुष कर सकते हैं। आसनों में जहां मांसपेशियों को तानने, सिकोड़ने और ऐंठने वाली क्रियायें करनी पड़ती हैं, वहीं दूसरी ओर साथ-साथ तनाव-खिंचाव दूर करनेवाली क्रियायें भी होती रहती हैं, जिससे शरीर की थकान मिट जाती है और आसनों से व्यय शक्ति वापिस मिल जाती है। शरीर और मन को तरोताजा करने, उनकी खोई हुई शक्ति की पूर्ति कर देने और आध्यात्मिक लाभ की दृष्टि से भी योगासनों का अपना अल

योग से दूर होते हैं टेंशन रोग

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान तनाव और टेंशन से गुजर रहा है। लेकिन इस तनाव का सबसे बुरा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। ऐसे में हर दिन सिर्फ 5 मिनट के योग से ना सिर्फ आपका मन शांत होगा बल्कि टेंशन भी दूर होगी और शरीर और दिमाग भी फिट रहेगा। आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करें और जानें कुछ ऐसे आसन जिससे दूर होगी आपकी टेंशन...

बलासन:- इसे चाइल्ड पोज भी कहते हैं। बच्चों की मुद्रा में बैठने से दिमाग को आराम मिलता है, तनाव और चिंता में कमी आती है। ये आसन हमारे तंत्रिका-तंत्र और लसीका प्रणाली के लिए भी काफी अच्छी है।

लड़का हो या लड़की योग करो स्वस्थ रहो

योगा, विश्व को आज के शहरीकरण के दौर में स्वस्थ रखने का रामबाण इलाज है, जिसके तर्ज पर ही 21 जून को विश्व योगा दिवस के मनाया जाता है। योग सभी के लिए है और इसका नियमित अभ्‍यास करने से सभी प्रकार की बीमारियां दूर होती हैं। यह न केवल बीमारियों से बचाता है बल्कि नियमित योग करने से शरीर मजबूत होता है। लड़कों को योग क्‍यों करना चाहिए, इससे उनको क्‍या-क्‍या फायदा होगा। इस लेख में इसके बारे में चर्चा करते हैं।

73% योगा टीचर लड़कियां हैं, ऐसे में ह्वाई शुड गर्ल्स हैव ऑल द योगा?

इससे आपकी बॉ़डी फ्लेक्सिबल होगी और दर्द की शिकायत कम होगी।

योग दिवसः महिलाओं के लिए सात योग, जिसे करने से रहेंगी निरोग

सोशल मीडिया पर आप भले ही फ़िटनेस के वीडियो पोस्ट करते पुरुष बिरादरी को बढ़-चढ़कर देख सकते हैं, लेकिन रिसर्च है कि दुनिया भर के सभी वेलनेस सेंटर में महिलाओं की तादाद पुरुषों की तुलना में बहुत ज़्यादा है.

ख़ासकर योग में महिलाओं की भागीदारी का ट्रेंड सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने वाला है. चाहे पारंपरिक भारतीय योग क्लास हो या अमरीका में मौजूद शानदार मॉर्डन योग स्टूडियो. योगनियों (महिला योग प्रशिक्षक) का राज हर जगह है.

योग कपड़े का बाज़ार हो या इन्स्टाग्राम पोस्ट, महिलाएं फ़ैन्सी योग पोज़ में पुरुष फ़िटनेस को चैलेंज देती नज़र आती हैं.

योग और सुदर्शन क्रिया में क्या अंतर है?

योग एक आध्यात्मिक प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम होता है। योग मे हर आसन और प्राणायाम मे साँसों का विशेष महत्व होता है

वही दूसरी तरफ अगर सुदर्शन क्रिया की बात की जाए तो यह एक सहज लयबद्ध शक्तिशाली तकनीक है जो विशिष्ट प्राकृतिक श्वांस की लयों के प्रयोग से शरीर, मन और भावनाओं को एक ताल में लाती है। अध्यात्मिक खोज है यह क्रिया को सबसे पहले लाने और सिखाने का श्रेय श्री श्री रविशंकर जी को जाता है ,यह क्रिया हमें अनंत की एक झलक देती है। सुदर्शन क्रिया स्वास्थ्य, प्रसन्नता, शांति और जीवन से परे के ज्ञान का अज्ञात रहस्य है!

फेंफड़े शुद्ध करने के योगा टिप्स

व्यक्ति प्राकृतिक श्वास लेना भूल गया है। प्रदूषण और तनाव के कारण उसकी श्वास उखड़ी-उखड़ी और मंद हो चली है। यहां प्रस्तुत है श्वास को शुद्ध करने के योगा टिप्स।

1.जहां भी प्रदूषण भरा माहौल हो वहां केवली प्राणायाम करने लगें और उस प्रदूषण भरे माहौल से बच निकलने का प्रयास करें। यदि रूमाल साथ रखते हैं तो केवली की आवश्यकता नहीं।

2.बदबू से बचें, यह उसी तरह है जिस तरह की हम खराब भोजन करने से बचते हैं। बेहतर इत्र या स्प्रे का इस्तेमाल करें। श्वासों की बदबू के लिए आयुर्वेदिक इलाज का सहारा ले सकते हैं।

10 योगासन जो मधुमेहपर लगाम लगाएं

नियमित योग एक तरफ जहां आपको स्वस्थ रखता है वहीं दूसरी तरफ गंभीर बीमारियों से भी निजात दिलाता है। अगर मधुमेह में नियमित कुछ खास तरह के योग किए जाएं तो मधुमेह को कंट्रोल कर सकते हैं। आइए जानें कुछ खास योगासनों के बारे में जो डायबिटीज को कम करने में मददगार हो सकते हैं।

1-प्राणायाम