Skip to main content

बंद एवं मुद्राएं

मुद्रा के उपयोग, मुद्रा क्या है, मुद्रा किसे कहते है, मुद्रा का इतिहास, मुद्रा योग, प्राचीन मुद्रा, मुद्रा का महत्व

 एवं मुद्राएं एवं मुद्राओं के अभ्यास के अभ्यास का प्रावधान हठयोग के ग्रंथों में मिलता है बंद योगाभ्यास का छोटा किंतु महत्व पूर्ण वर्ग है बंद का शाब्दिक अर्थ बांधना या नियंत्रित करना है बंद शरीर में प्राण वायु या विशेष की क्रियाओं को नियंत्रित करने का कार्य करते हैं जिससे उनकी कार्य क्षमता को पूर्ण आराम देकर बढ़ाया जा सके समानता बंदूक का प्रयोग श्वास रोकने के लिए सुरक्षा तरल के रूप में किया जाता है

url

Article Related

Title
सूर्य मुद्रा करने के लाभ कोलेस्ट्रोल कम करें
योनि मुद्रा क्या है
लिंग मुद्रा करते समय बरतें सावधानियां
विषाक्त पदार्थों को दूर करने के लिए लिंग मुद्रा के फायदे
लिंग मुद्रा के फायदे ब्लड प्रेशर में
शरीर की ऊर्जा बढ़ाने के लिए लिंग मुद्रा के फायदे
लिंग मुद्रा के फायदे वजन घटाने के लिए
लिंग मुद्रा के फायदे सर्दी से निपटने के लिए
लिंग मुद्रा के फायदे
लिंग मुद्रा के फायदे अस्थमा के इलाज में
लिंग मुद्रा कितनी देर करनी चाहिए
लिंग मुद्रा करने का तरीका
लिंग मुद्रा क्या है
बंद एवं मुद्राएं
लिंग मुद्रा करने का तरीका और फायदे
योनि मुद्रा करने का तरीका एवं फायदे
योनि मुद्रा करने का तरीका
योनि मुद्रा के फायदे
डिप्रेशन के लिए योनि मुद्रा के फायदे
तंत्रिका तंत्र के लिए योनि मुद्रा के फायदे
योनि मुद्रा करने के फायदे ऊर्जा के लिए
प्रजनन के लिए योनी मुद्रा के फायदे
सूर्य मुद्रा करने के तरीका और लाभ
सूर्य मुद्रा क्या हैं
सूर्य मुद्रा करने की विधि
सूर्य मुद्रा को करने के लाभ
सूर्य मुद्रा के फायदे शारीरिक ऊर्जा के लिए
सूर्य मुद्रा करने के फायदे पाचन करें ठीक
सूर्य मुद्रा के लाभ से वजन कम करें
सूर्य मुद्रा से करें बीमारियाँ ठीक
सूर्य मुद्रा फॉर थाइरोइड
सूर्य मुद्रा करने का समय व अवधि
सूर्य मुद्रा में बरती जाने वाली सावधानियां
प्राणायाम एवं ध्यान पर बैठने की मुद्राएँ
प्राण, अपान और अपानवायु मुद्रा
मधुमेह को कम करने के लिए सूर्य मुद्रा के फायदे
ਗੈਰ ਮੁਦਰਾ
अपानवायु मुद्रा