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मुद्रा

तंत्रिका तंत्र के लिए योनि मुद्रा के फायदे

वास्तव में योनि मुद्रा एक ऐसा आसन है जिसमें आंखों को बंद रखकर श्वास लेने और छोड़ने की क्रिया की जाती है। इसकी वजह से व्यक्ति का तंत्रिता तंत्र मजबूत होता है और शरीर के अंदर जमा अनावश्यक पदार्थ बाहर निकलते हैं। यह आसान करने के बाद मांसपेशियों में जकड़न महसूस नहीं होती है और एक आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है एवं मन प्रसन्न रहता है।

सूर्य मुद्रा फॉर थाइरोइड

सूर्य मुद्रा थायरायड के रोगों में भी बहुत फायदेमंद हैं, हमारे हाथ की हथेली में थायरायड ग्रन्थि का केंद्र बिंदु स्थित होता हैं, सूर्य मुद्रा में अनामिका उंगली से इस केंद्र बिंदु पर दबाव बनता हैं जिसके कारण थायरायड ग्रंथि में कम स्त्राव के कारण इसे होने वाले रोग मोटापा आदि दूर होते हैं।

योनि मुद्रा क्या है

योनि मुद्रा को इस तरीके से परिभाषित किया जा सकता है कि यह मुद्रा एक ऐसी मुद्रा है जो किसी व्यक्ति को बाहरी दुनिया के शोरगुल या उथल पुथल से अलग कर देती है। योनि संस्कृत का शब्द है जिसका अर्थ कोख (womb) या गर्भाशय (uterus) होता है। इस मुद्रा को योनि मुद्रा इसलिए कहा जाता है क्योंकि जो व्यक्ति नियमित रुप से इस मुद्रा का अभ्यास करता है उसका बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं रहता है और वह गर्भाशय में एक बच्चे की तरह खुद को महसूस करता है। योनि मुद्रा को भ्रमरी प्राणायाम (Bhramari pranayama) और शंमुखी मुद्रा (Shanmukhi mudra) भी कहा जाता है। भ्रमरी का अर्थ मधुमक्खी की तरह आवाज निकालना। वास्तव में इस

योनि मुद्रा करने का तरीका

सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाएं और पदमासन या फिर किसी अन्य ध्यान मुद्रा में बैठ जाएं।
अपनी पीठ की मांसपेशियों को एकदम सीधे रखें और पेट एवं पीठ को किसी भी तरह से लचीला ना करें।
मन को शांत रखें और दोनों आंखों को बंद कर लें।
इसके बाद अपने दोनों अंगूठे को दोनों कान पर रखें और तर्जनी उंगली को आंख की पलकों पर टिकाएं।
मध्यमा उंगली को नासिका के ऊपर रखें।
रिंग फिंगर को होठों के ऊपर और छोटी ऊंगली को होठों के नीचे रखें।
इसके बाद यह सुनिश्चित करें कि आपकी कोहनी आपके कंधे के एकदम बराबर एवं सीधी रेखा में हो।
अब गहरी सांस लें और अपनी मध्यमा उंगली से नासिका को बंद कर लें।

योनि मुद्रा के फायदे

माना जाता है कि योनि मुद्रा एक ऐसी मुद्रा है जिसमें शांत मन से सांस छोड़ने लेने और सांस पर केंद्रित होने की क्रिया की जाती है। इस कारण से यह शरीर को आंतरिक शांति प्रदान करने में फायदेमंद है। इसके अलावा भी योनि मुद्र करने के अन्य कई फायदे हैं। आइये जानते हैं इन फायदों के बारे में।

डिप्रेशन के लिए योनि मुद्रा के फायदे

यह मुद्रा हर उम्र के लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है। नियमित रुप से योनि मुद्रा का अभ्यास करने से मस्तिष्क में अच्छे रसायन का स्राव होता है। इसके अलावा शरीर से भी विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं जिसके कारण मन हल्का लगता है। योनि मुद्रा का अभ्यास करने से कॉर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर घटता है जिसके कारण तनाव, चिंता, डिप्रेशन, नींद न आने की समस्या, नकारात्मक विचार, चिड़चिड़ापन आदि समस्याएं दूर हो जाती हैं। यही कारण है कि आज के समय के अनुसार योनि मुद्रा बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है।

योनि मुद्रा करने के फायदे ऊर्जा के लिए

माना जाता है कि योनि मुद्रा करने से शरीर का कायाकल्प होता है और व्यक्ति के अंदर एक नयी तरह की ऊर्जा का संचार होता है। इस मुद्रा में श्वास लेने और छोड़ने की प्रक्रिया बेहद अहम होती है और इसी क्रिया से व्यक्ति को फायदे भी होते हैं। यह मुद्रा उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो लोग एक्टिव नहीं होते हैं, सुस्ती का अनुभव करते हैं या फिर जल्दी थक जाते हैं। ऐसी स्थिति में योनि मुद्रा का अभ्यास करने से शरीर ऊर्जा से भर जाता है।

प्रजनन के लिए योनी मुद्रा के फायदे

कई बीमारियों के उपचार का समर्थन करने और शरीर, मन और आत्मा में सद्भाव लाने के लिए उनका उपयोग हजारों वर्षों से किया जाता रहा है। योनी मुद्रा- यह हाथ की यह स्थिति महिलाओं को एक सहज महिला ऊर्जा के संपर्क में लाने में मदद करती है। यह भी गर्भ और रचनात्मक शक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए जानी जाती है। हाथ की स्थिति वास्तव में योनी की तरह दिखती है। हाथों को एक साथ लाते हुए, बाकी उंगलियों का जुड़ाव करते हुए अंगूठे और पॉइंटर उंगलियों के टिप्स एक दूसरे को छूते हैं।

सूर्य मुद्रा क्या हैं

सूर्य मुद्रा जैसे कि नाम से ही स्पष्ट हैं कि यह सूर्य से जुड़ा हुआ हैं, यह हमारे योग के विभिन्न प्रकार की मुद्राओ में से एक महत्वपूर्ण मुद्रा हैं, यह एक ऊर्जा बूस्टर के तरह कार्य करती है। यह मुद्रा अग्नि तत्व को बढ़ाने के लिए अंगूठे से उंगली को ढक के की जाती हैं, सूर्य मुद्रा का अग्नि तत्व पाचन शक्ति को बढ़ाता हैं इसलिए यह मुद्रा बहुत ही प्रसिद्ध हैं। आइये जानते हैं सूर्य मुद्रा करने का तरीका क्या हैं।

सूर्य मुद्रा करने के तरीका और लाभ

सूर्य मुद्रा योग का ही एक प्रकार हैं, मोटापा, डायबिटीज, थायरायड आदि समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए सूर्य मुद्रा का अभ्यास बहुत ही फायदेमंद होता है। योग हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, योग के द्वारा हम अपने शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ा सकते हैं, इस योग से हम बड़ी-बड़ी बिमारियों दूर कर सकते हैं। योग से रोगों को दूर करने का सिद्धांत बहुत ही प्राचीन समय से चला आ रहा हैं। इस लेख में आप सूर्य मुद्रा करने की विधि और उसके लाभ के बारे में जानेंगे।