एक्सरसाइज करने से पहले मसल्स स्ट्रेचिंग के लिए योग करें

योग आसान को आप अपने घर पर कर सकते हैं, यहाँ यह आपकी मांसपेशियों में खिंचाव लाने का अच्छा तरीका है, इसलिए आप रोज योग जरूर करें।

सभी मांसपेशियों पर सप्ताह में दो बार काम करें

अगर आप जल्दी बॉडी बनाना चाहते है तो कम से कम एक सप्ताह में दो बार ऊपर और नीचे की मांसपेशियों पर काम करें।

क्रंचेस के फायदे एब्स एवं कोर के विकास में

शरीर के ऊपरी हिस्से के एब्स एवं कोर डेवलपमेंट में क्रंचेस एक्सरसाइज बहुत ही लाभदायक होती है। यह पेट को कम करने और सिक्स पेक एब्स के लिए बहुत ही अच्छी मानी जाती हैं।

बिना जिम के घर पर बॉडी कैसे बनाये

यदि आप भी एक फिट शरीर चाहते है लेकिन जिम नहीं जा सकते तो हम आपको बताएंगें कि बिना जिम के घर पर बॉडी कैसे बनाये। एक फिट बॉडी स्वस्थ शरीर की पहचान होती है। मसल्स को बनाने और बॉडी टोनिंग के लिए केवल जिम जाने की आवश्यकता नहीं होती हैं, यह सब आप घर पर भी पा सकते हैं।

लड़का हो या लड़की हर किसी का सपना होता है कि उसके पास एक फिट बॉडी हो, निकला हुआ पेट किसी को अच्छा नहीं लगता है। लेकिन अधिक व्यस्त रहने और समय न मिल पाने या किसी अन्य कारण से जिम नहीं जा सकते तो यहाँ दिए गए तरीके आपकी मदद कर सकते हैं।

तनाव कम करने के लिए व्यायाम में करे योग

तनाव को कम करने के लिए योग आसन बहुत ही लाभदायक होते हैं, यह स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का ही रूप है जो शरीर को लचीला बनाते है। योग से होने वाले शारीरिक लाभों के साथ ही यह अच्छे मूड को भी बढ़ावा देता है। योग, ध्यान और मस्तिष्क को तनाव से निपटने और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने में सक्षम होते हैं। व्यायाम तनाव को दूर करने के लिए एक बहुत ही उपयोगी तरीका है, यह आत्म-करुणा और जागरूकता के अंतर्निहित दर्शन के साथ शारीरिक रूप से दोनों को जोड़ती है। स्ट्रेस को कम करने के लिए आप आप नियमित रूप से योग करें।

सूर्य नमस्कार कब करें

इसे सुबह के समय करना बेहतर होता है। सूर्य नमस्कार में 12 आसान होते हैं। सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है, स्वास्थ्य ठीक रहता है और शरीर रोग मुक्त बना रहता है। सूर्य नमस्कार से दिल, जिगर, आंत, पेट, छाती, स्वरयंत्र, और शरीर के सभी हिस्सों के लिए कई लाभ हैं। सूर्य नमस्कार शरीर के सभी हिस्सों को सिर से लेकर पांव तक बहुत फायदा पहुंचाता है। इसीलिए सभी योग विशेषज्ञ इसके अभ्यास पर विशेष जोर देते हैं।

सूर्य नमस्कार क्यों करना चाहिए?

भारत के प्राचीन ऋषियों द्वारा यह कहा जाता है कि शरीर के विभिन्न भाग विभिन्न देवताओं (दिव्य संवेदनाओं या दिव्य प्रकाश) द्वारा नियंत्रित होते हैं। मणिपुर चक्र (नाभि के पीछे स्थित है जो मानव शरीर का केंद्र भी है) सूर्य से संबंधित होता है। सूर्य नमस्कार के निरंतर अभ्यास से मणिपुर चक्र विकसित होता है। जिसके कारण व्यक्ति की रचनात्मकता और अंतर्ज्ञान में वृद्धि होती है। यही कारण था कि प्राचीन ऋषियों ने सूर्य नमस्कार के अभ्यास पर इतना जोर दिया। अब तो आप समझ गए होगें कि हमें सूर्य नमस्कार क्यों करना चाहिए?

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।