प्राणायाम
प्राणायाम से मिलने वाले समस्त सामान्य लाभ
- भस्त्रिका प्राणायाम: ष्श्वास को यथाषक्ति फेफड़ो में पूरा भरना एवं बाहर छोड़ना। यह प्राणायाम एक से पाँच मिनट तक किया जा सकता है। लाभ: सर्दी, जुकाम, श्वास रोग, नजला, साइनस, कमजोरी, सिरदर्द व स्नायु रोग दूर होते है। फेफड़े एवं हृदय स्वस्थ होता है।
- कपालभाति प्राणायाम: ष्श्वास को यथाषक्ति बाहर छोड़कर पूरा ध्यान श्वास को बाहर छोड़ने में होना चाहिए। भीतर श्वास जितना अपने आप जाता है उतना जाने देना चाहिए। श्वास जब बाहर छोड़ंेगे तो स्वाभाविक रूप से पेट अन्दर आयेगा। यह प्राणायाम यथाशक्ति पाँच मिनट तक प्रतिदिन खाली पेट करना चाहिए।
- Read more about प्राणायाम से मिलने वाले समस्त सामान्य लाभ
- Log in to post comments
शरीर की हर बीमारी का नाश कर सकने में सक्षम प्राणायाम:
9 महीने तक नियम से सुबह शाम आधा घंटा प्राणायाम को परहेजों के साथ करने से निश्चित रूप से हर खतरनाक से खतरनाक बीमारी में भी आराम मिलते देखा गया है !
प्राण स्वस्थ हो तो शरीर को कोई भी बीमारी छू नहीं सकती है !
सिर्फ एक मणिपूरक चक्र के ही जागने भर से शरीर के सभी रोगों का नाश होने लगता है जबकि भारतीय हिन्दू धर्म ग्रन्थों में बहुत से ऐसे अद्भुत योग, आसन व प्राणायाम का वर्णन है जो एक साथ कई चक्रों को जगाते हैं जिनसे पूरा शरीर ही एकदम स्वस्थ और दिव्य होने लगता है। सिर्फ योग, आसन व प्राणायाम कैसे, किसी भी मानव शरीर का बिना किसी मेकअप के, सही में कायाकल्प कर देते हैं !
प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए योग भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम तनाव और अवसाद को दूर कर आपकी प्रेगनेंसी की सम्भावना को बढ़ाता है। यह आपके दिमाग से किसी भी नकारात्मक भावनाओं को छोड़ने में मदद करता है और आपको शांत भी करता है। यदि आपको कंसीव करने में दिक्कत आ रही है तो आपको यह भ्रामरी योगासन को जरूर करना चाहिए।
नाड़ी शोधन प्राणायाम के फायदे
आपको बता दें कि नाड़ी शोधन प्राणायाम श्वसन की एक तकनीक (technique) है जिसका अभ्यास करने से स्वास्थ्य को कई फायदे होते हैं। यह प्राणायाम शरीर की अशुद्धियों को दूर करने के साथ ही मन को शांत (calm) रखने में सहायक होता है। आइये जानते हैं कि नाड़ी शोधन प्राणायाम करने के क्या फायदे होते हैं।
- Read more about नाड़ी शोधन प्राणायाम के फायदे
- Log in to post comments
बेहतर नींद के लिए नाड़ी शोधन प्राणायाम के फायदे
नाड़ी शोधन प्राणायाम करते समय श्वास पर ध्यान केंद्रित करने से मन शांत रहता है। नासिका द्वार (nostril ) से श्वास लेने और छोड़ने की क्रिया से शरीर अपने आप शांत हो जाता है औऱ शरीर को एक अलग तरह की ऊर्जा मिलती है। इससे व्यक्ति को अच्छी नींद आती है।
यादाश्त बढ़ाने में नाड़ी शोधन प्राणायाम बेनिफिट्स
नाड़ी शोधन का अभ्यास करने से एकाग्रता बढ़ती है और मस्तिष्क तेज होता है। यह एक ऐसा प्राणायाम है जिसका प्रतिदिन अभ्यास करने से सुस्त (dull) मस्तिष्क के दोनों तरफ ऑक्सीजन का बेहतर प्रवाह होता है। यदि आपको प्रेजेंटेशन देने जाना है या किसी मीटिंग, इंटरव्यू, परीक्षा में जाना हो तो उससे पहले नाड़ी शोधन प्राणायाम जरूर करना चाहिए।
जानिये हर प्राणायाम को करने की विधि
प्राणस्य आयाम: इत प्राणायाम’। ”श्वासप्रश्वासयो गतिविच्छेद: प्राणायाम”-(यो.सू. 2/49)
अर्थात प्राण की स्वाभाविक गति श्वास-प्रश्वास को रोकना प्राणायाम (Pranayama) है।
सामान्य भाषा में जिस क्रिया से हम श्वास लेने की प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं उसे प्राणायाम (pranayam) कहते हैं। प्राणायाम से मन-मस्तिष्क की सफाई की जाती है। हमारी इंद्रियों द्वारा उत्पन्न दोष प्राणायाम से दूर हो जाते हैं। कहने का मतलब यह है कि प्राणायाम करने से हमारे मन और मस्तिष्क में आने वाले बुरे विचार समाप्त हो जाते हैं और मन में शांति का अनुभव होता है और शरीर की असंख्य बीमारियो का खात्मा होता है।
- Read more about जानिये हर प्राणायाम को करने की विधि
- Log in to post comments
पीलिया को दूर करने के लिए योग कपालभाति प्राणायाम
प्राणायाम एक साँस लेने का व्यायाम है जो यकृत के सिरोसिस, पीलिया, हेपेटाइटिस और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों के यकृत के स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। कपालभाति प्राणायाम योग जो यकृत को उत्तेजित करता है और विभिन्न प्रकार की यकृत समस्याओं का प्रभावी ढंग से इलाज करता है। यह प्लीहा की कार्यक्षमता में भी मदद करता है। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को जमीन पर बिछाकर पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं। अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखे और ध्यान की मुद्रा में बैठे। साँस अन्दर को ओर ले अब साँस को बाहर छोड़ते हुए पेट को अन्दर की ओर इस प्रकार खींचे की पेट और पीठ आपस में मिल जाएं।
निम्न रक्तचाप के लिए योग भस्त्रिका प्राणायाम
निम्न रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए भस्त्रिका प्राणायाम एक प्रभावी श्वास योग है। इसके अभ्यास से शरीर को सभी विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। फेफड़े मजबूत बनते हैं और आप भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास करके शरीर को ऑक्सीजन की प्रचुर आपूर्ति प्राप्त करते हैं। योग करने से पहले इसका अभ्यास करें। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को जमीन पर बिछा के पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं। अपनी आँखों को बंद कर लें और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। कुछ देर ध्यान की मुद्रा में बैठे और तर्जनी को अंगूठे से मिलाएं।
- Read more about निम्न रक्तचाप के लिए योग भस्त्रिका प्राणायाम
- Log in to post comments