हिप्स बड़ा करने के लिए योग

हिप्स का सही शेप देखने में आकर्षक लगता है, इसलिए सभी महिलाएं चाहती है कि उनके हिप्स बड़े और सही आकार के हों। आज के इस आर्टिकल में हम आपको हिप्स बड़ा करने के लिए योग के बारे में बताएंगे।

योग आपके शरीर और दिमाग के लिए सबसे अच्छा अभ्यास है। यह आकर्षक दिखने के लिए शरीर के आकार में मदद करता है। आप योग करके अपने नितंबों को बढ़ाएं और शरीर का सही आकार बनाएं।


 गोल-मटोल हिप्स से लड़कियों का आत्मविश्वास बढ़ता है इसलिए वे अपने हिप्स के आकार पर विशेष ध्यान देती है। योग करके भी हिप्स को सही आकार में लाया जा सकता है। आइये हिप्स बड़ा करने के लिए योग के बारे में जानते हैं।

अन्य योग फॉर आईज टू रिमूव ग्लासेज

नीचे कुछ अन्य योग को करने का तरीका दिया गया है जो आँखों के लिए लाभदायक है।

पलकों को झपकाना – Blink eyes yoga
आँखों को स्वस्थ रखने के लिए आप किसी स्थान पर आराम से बैठ जाएं। अब 10 बार अपनी आँखों को जल्दी जल्दी से झपकाएं। इसके बाद आप अपनी साँस को सामान्य रखें और 20 सेकंड का आराम करें। इस क्रिया को आप 5 बार करें।

चश्मा हटाने के लिए योग हलासन

हलासन योग में आपकी स्थिति एक हल के समान दिखाई देती है। इस योग का अभ्यास आप आँखों की ज्योति को बढ़ाने और चश्मा को हटाने के लिए कर सकते है। यह आपके सिर में रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में मदद करता है।

हलासन योग करने के लिए आप फर्श पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं। अब अपने पैरों को फर्श से ऊपर उठाएं और दोनों पैरों को 90 अंश के कोण पर खड़े रखें। फिर अपने पैरों को सिर के ऊपर से ले जाते हुए 180 डिग्री के कोण पर मोड़े जब तक कि आपके पैरों की उंगलियां फर्श से नहीं छू जाती हैं। आपकी पीठ फर्श पर लंबवत होनी चाहिए। इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे और आराम से करें। सांस लेते रहें और रिलैक्स महसूस करें।

अनुलोम विलोम योग फॉर आईज टू रिमूव ग्लासेज

अनुलोम विलोम योग में लंबी और गहरी साँस को लेना होता है। अनुलोम विलोम प्राणायाम का अभ्यास करने से सिर में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ती है। यह योग आंखों और कान के उत्तकों (tissues) में परेशानी को दूर करने में मदद मिलती है। अगर आप चश्मा उतरना चाहते है तो नियमित रूप से अनुलोम विलोम योग को करें।

चश्मा हटाने के लिए योग सर्वांगासन

सर्वांगासन योग भी शीर्षासन योग की तरह आपकी आँखों से चश्मा उतरने में बहुत ही फायदेमंद है। इसे करने से रक्त परिसंचरण प्रणाली, पाचन तंत्र और श्वसन प्रणाली बेहतर होती है। सर्वांगासन योग करने से आपके आँखों तक सभी प्रकार के पोषक तत्व, ऑक्सीजन और खून पर्याप्त मात्रा में जाता है।

सर्वांगासन योग को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट पर सीधे पीठ के बल लेट जाएं। अपने दोनों हाथों को सीधा रखें। अब अपने दोनों पैरों को कमर के यहाँ से मुड़े और उनको ऊपर करें। इसके बाद अपने दोनों हाथों से पीठ को सहारा देते हुए उठायें पीठ को भी ऊपर उठायें। अपने पैरों को अधिकतम ऊंचाई तक ऊपर करें।

आँखों से चश्मा हटाने के लिए योग शीर्षासन

शीर्षासन योग आँखों की रोशनी बढ़ाने और चश्मा हटाने के लिए सबसे अच्छा योग आसन है। जब आप सिर के बल उल्टा होकर शरीर का संतुलन बनाते हैं तो सिर में अतिरिक्त ऑक्सीजन, पोषक पदार्थ युक्त खून पहुंचता है जो कि आंखों की कोशिकाओं को भी मजबूत बनाने में मदद करता है। इसलिए आंखों की विभिन्न बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए शीर्षासन फायदेमंद माना जाता है।

आंखों से चश्मा हटाने के लिए योग

यदि आपको आँखों में नजर की कमजोरी की वजह से चश्मा लग गया है तो आज हम आपको आंखों से चश्मा हटाने के लिए योग के बारे में बताएंगे। योग आसन हमारे सम्पूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।

आंखे हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है जिसका ख्याल रखना हमारे लिए बहुत ही आवश्यक है। कई कारणों की वजह से हमारी आँखों की रोशनी कमजोर हो जाती है जिसके कारण हमें चश्मा पहनना पड़ता है। कुछ योग आपकी दृष्टि दोष में सुधार करने में मदद करते है और आपके चश्मे को आँखों से हटाने में मदद करते है।

शुरुआती योगा अभ्यास दिन 10

यह शुरुआती योगा अभ्यास का दिन 10 है । यह सीरीज़ इस तरह से बनाया गया है कि कोई भी व्यक्ति योगा को आराम से समझ पाए और योग का लाभ उठा सके । इस वीडियो में मैंने समझाया गया है * सुखासन * साँसों पर ध्यान * भारमानासन * अंगुलियों की स्ट्रेचिंग * कलाइयों की स्ट्रेचिंग * कंधों की स्ट्रेचिंग * दंडासना * ऊर्ध्व हस्त दंडासना * चक्रासन * नावासन * शवासन * कपालभाति ========================== आप मुझसे इंस्टाग्राम पे कनेक्ट कर सकते हैं https://www.instagram.com/prakash.shristi/

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।