কোবরা পোজটি সম্পাদনের জন্য সঠিক কৌশল
হ্যালো প্রিয় পাঠকগণ, আপনাকে আবার দেখতে পেয়ে আমি খুব আনন্দিত। আজ আমরা হাথ যোগে অন্যতম প্রধান আসনের সাথে দেখা করব। একে "কোবরা পোজ" বা "ভুজঙ্গাসন" বলা হয়। আপনি কীভাবে আসনটি সঠিকভাবে সঞ্চালন করবেন, এটি কীভাবে শরীরকে প্রভাবিত করবে, এই পোজটি সম্পাদন করার পরামর্শ দেওয়া হয় না, নতুনদের কীভাবে এই অবস্থানটি করা উচিত।
- Read more about কোবরা পোজটি সম্পাদনের জন্য সঠিক কৌশল
- Log in to post comments
10 योगासन जो मधुमेहपर लगाम लगाएं
नियमित योग एक तरफ जहां आपको स्वस्थ रखता है वहीं दूसरी तरफ गंभीर बीमारियों से भी निजात दिलाता है। अगर मधुमेह में नियमित कुछ खास तरह के योग किए जाएं तो मधुमेह को कंट्रोल कर सकते हैं। आइए जानें कुछ खास योगासनों के बारे में जो डायबिटीज को कम करने में मददगार हो सकते हैं।
1-प्राणायाम
- Read more about 10 योगासन जो मधुमेहपर लगाम लगाएं
- Log in to post comments
पश्चिमोत्तानासन
पश्चिमोत्तानासन करने की विधि :
- सर्वप्रथम स्थिति में आइए ।
- पैरो को सामने की ओर बिल्कुल सीधा कर मिला लीजिए,अब हाथों को उपर उठा कर कानो की सीध में तानिये,हथेलियाँ दोनो हाथों की आमने-सामने रखते हुए मेरुदण्ड को सीधा रखेंगे,
- साँस निकालते हुए आगे की ओर झुकिए ,शरीर और हाथ फर्श के समानांतर रखते हुए,
- दोनो पैर के अंगूठों को दोनों हाथों से पकड़कर रखते हैं ,सीना जांघों से सटा लीजिए और ललाट को घुटने से लगाते हैं।
- साँस को सामान्य बनाए रखिए।
- शुरू में 10-20 स
- Read more about पश्चिमोत्तानासन
- Log in to post comments
हंसासन
हंसासन करने की विधि-
- सर्वप्रथम स्थिति में आएँगे ।
- पैरों को सामने की और सीधा कर बैठेंगे ।
- अब वज्रासन में आ जाइए घुटनों में फासला करते हुए आगे की और झुकेंगे।
- दोनों हथेलियों को ज़मीन पर घुटनो के बीच में रखिए।
- उंगलियाँ पीछे की और रहेंगी ।
- कोहनियों को मोड़ते हुए नाभि के पास सटाइए।
- सिर को ज़मीन से लगा लीजिए। अब पैरों को पीछे की ओर ले जाइए।
- पंजों को ज़मीन पर लगा लीजिए ।
- एड़ी से सिर तक शरीर को एक सीधी रेखा में रखिए ।
- Read more about हंसासन
- Log in to post comments
मत्स्यासन
मत्स्यासन करने की विधि-
- सर्वप्रथम पद्मासन की स्थिति में आएँगे ।
- अब धीरे से कोहनियों की सहायता लेते हुए पीछे पीठ के बल लेट जाएँगे ।
- हाथो की हथेलियों को कानो के पास ज़मीन पर रखते हुए ,गर्दन को पीछे मोरकर सिर को ज़मीन पर टिकाएँगे ,अब हाथों को वापिस लाकर दाएँ हाथ से बायें पैर का अंगूठा और बायें हाथ से दाएँ पैर का अंगूठा थाम लीजिए।
कुछ देर इसी स्थिति में रहिए 5-10 सेकेंड ।
अब धीरे से कोहनियों की सहायता से वापिस आयेंगे और पैरो को खोलते हुए ढीला कर देंगे।
- Read more about मत्स्यासन
- Log in to post comments
योगमुद्रासन
योगमुद्रासन भली प्रकार सिद्ध होता है तब कुण्डलिनी शक्ति जागृत होती है । पेट के गैस की बीमारी दूर होती है । पेट एवं आँतों की सब शिकायतें दूर होती हैं । कलेजा, फेफडे, आदि यथा स्थान रहते हैं । हृदय मजबूत बनता है । रक्त के विकार दूर होते हैं । कुष्ठ और यौनविकार नष्ट होते हैं । पेट बडा हो तो अन्दर दब जाता है। शरीर मजबूत बनता है । मानसिक शक्ति बढती है । योगमुद्रासन से उदरपटल सशक्त बनता है । पेट के अंगों को अपने स्थान में टिके रहने में सहायता मिलती है । नाडीतन्त्र और खास करके कमर के नाडी-मण्डल को बल मिलता है ।
- Read more about योगमुद्रासन
- Log in to post comments
भुजंगासन या कोबरा पोज से बढ़ता है स्तन का आकार
इस पोज को करते समय सांप की आकृति बनती है इसलिए इसे भुजंगासन कहा जाता है। भुजंगासन को करते समय सांप की तरह गर्दन को ऊपर उठाना पड़ता है। यह आसन ब्रेस्ट साइज को बढ़ाने में मदद करता है और उन्हें बिल्कुल गोलाकार बनाता है। इसके अलावा यह नितंबों को भी गोल बनाता है और रीढ़ को मजबूत रखने में टोन करने का कार्य करता है। इस योग से आपके ब्रेस्ट के आस पास के मसल्स में खिंचाव आएगा, जिससे ब्रेस्ट का साइज बढ़ेगा। इस आसन का अभ्यास सुबह या शाम के समय खाली पेट करना चाहिए और कम से कम 15 से 30 सेकेंड तक इस पोजीशन में बने रहना चाहिए।
- Read more about भुजंगासन या कोबरा पोज से बढ़ता है स्तन का आकार
- Log in to post comments
बड़े एवं गोल स्तन के लिए योग गोमुखासन
स्तन का आकार बढ़ाने के लिए यह एक सर्वश्रेष्ठ योग है। यह वास्तव में आपकी छाती की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है और ब्लड के प्रवाह को बेहतर बनाता है। इसके अलावा यह आसन एक साथ शरीर के विभिन्न हिस्सों जैसे टखने, जांघ, कूल्हे, छाती, गर्दन, हाथ और हाथ में खिंचाव उत्पन्न करता है। गोमुखासन करने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है क्योंकि इसमें पैरों, हाथों, पंजों और हथेलियों को स्ट्रेच करना पड़ता है। लेकिन रोजाना अभ्यास से इसे करने में आसानी होती है। इस आसन को सुबह या शाम बिना कुछ खाए करना चाहिए और 30 से 60 सेकेंड तक इस मुद्रा में बने रहना चाहिए।
- Read more about बड़े एवं गोल स्तन के लिए योग गोमुखासन
- Log in to post comments
छाती को सही शेप देता है ये आसन
योगा करने से आपके शरीर को किसी भी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं होगा और स्वास्थ्य लाभ भी मिलेगा। स्तनों को बड़ा करने के लिए योग आपकी खूबसूरती में चार चांद लगा सकता है, इसलिए जब भी समय मिले तब इन योगासनों को करना शुरू कर दें।
- Read more about छाती को सही शेप देता है ये आसन
- Log in to post comments
मधुमेह में फायदेमंद हैं गौमुखासन
हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने मधुमेह (डायबिटीज) दिवस पर कहा कि ऋषि प्रणीत जीवनचर्या अपनाने से इस जटिल रोग से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि गौमुखासन के नियमित अभ्यास एवं सविता ध्यान से काफी राहत मिल सकती है।
डॉ. चिन्मय के अनुसार, सुबह जल्दी उठकर उगते हुए सूर्य का ध्यान, यज्ञोपैथी एवं नियमित आसनों के अभ्यास डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है। डायबिटीज का मरीज अक्सर तनाव में रहता है। ऐसे में नियमित प्राणायाम एवं सात्विक आहार मन के साथ तन को शांत एवं स्वस्थ रख सकता है।
- Read more about मधुमेह में फायदेमंद हैं गौमुखासन
- Log in to post comments
“योग विज्ञान है” – ओशो
योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है।
जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।
नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।