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योग

पर्श्वोत्तनासन योग के लाभ मासिक धर्म और रजोनिवृत्ति में

पर्श्वोत्तनासन योग प्रजनन अंगों को भी उत्तेजित करता है और मासिक धर्म और रजोनिवृत्ति के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। यह योग स्मूथ डिलीवरी के लिए  एक अच्छा प्रसव पूर्व योग आसन है। साथ में यह पैल्विक फ्लोर को बढ़ाने और मजबूत करता है।

शारीरिक संतुलन के लिए करे पर्श्वोत्तनासन योग

पर्श्वोत्तनासन योग करने के लिए आपको अधिक संतुलन बनाने की आवश्यकता होती हैं जो आपके शरीर को मजबूत करता हैं। पर्श्वोत्तनासन योग आसन शरीर की मुद्रा को बेहतर बनाने में मदद करता है, और आपके शरीर में संतुलन की भावना को भी बनाए रखता है। यह आसन आपकी सहनशक्ति भी बढ़ाने में मदद करता हैं। यह पोज़ पैरों, गले और छाती को भी एक शक्तिशाली खिंचाव देता हैं। यह आसन पीठ में होने वाले दर्द से छुटकारा दिलाने में मदद करता हैं।

मस्तिष्क को शांत करे पर्श्वोत्तनासन योग

पर्श्वोत्तनासन योग हमारे मस्तिष्क को शांत करने के लिए एक अच्छा योग आसन है। यह योगासन ना केवल आपको भौतिक रूप से लाभदायक हैं बल्कि यह आपके दिमाग को भी स्वस्थ रखता हैं। पर्श्वोत्तनासन आपके ध्यान को केन्द्रित करने में भी मदद करता हैं जिससे आप किसी भी बात को लम्बे समय तक याद रख सकते है। यह आपके मन को शांत रखता हैं और तनाव को दूर करने में मदद करता हैं। पर्श्वोत्तनासन योग स्मरण शक्ति को बढ़ाता हैं जिससे किसी भी बात को लम्बे समय तक याद रखा जा सकता हैं।

मजबूत पैरों के लिए करे पर्श्वोत्तनासन योग

पर्श्वोत्तनासन योग पैरों को मजबूत करता हैं। ऊँची एड़ी के जूते में लंबे समय तक बैठने या अत्यधिक चलने के बाद आपके पैरों में दर्द होना लगता है। इस योग को करने से पैरो में होने वाली वैरिकाज़ नसों को राहत मिलती है। ये नसें हृदय में अनियमित रक्त की आपूर्ति का संकेत देती हैं और जिससे लंबे समय तक स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या बनी रहती हैं। पर्श्वोत्तनासन योग पैरों से संबधित सभी समस्याओं को दूर करने में आपकी मदद करता हैं।

पर्श्वोत्तनासन योग रीढ़ को मजबूत करे

अपनी रीढ़ को मजबूत करने के लिए आपको पर्श्वोत्तनासन योग बहुत ही लाभदायक होता है। यह योग कूल्हों, कंधों, हॅम्स्ट्रिंग और कलाईयों में खिचाव लाता है और उनको मजबूत करता है। पर्श्वोत्तनासन आसन करते समय रीढ़ से आगे की ओर झुका जाता है। पीठ के दर्द को कम करने में सहायता करता है। जो लोग डेस्क पर बैठ कर नौकरी करते है उनकी पीठ दर्द को ठीक करने के लिए पर्श्वोत्तनासन योग लाभदायक होता हैं।

पर्श्वोत्तनासन योग के फायदे

अन्य योगों की तरह ही पर्श्वोत्तनासन योग आसन हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं। यह हमारे शरीर में होने वाली कई प्रकार की समस्या से हमें दूर रखता हैं। आइये इसके लाभों को विस्तार से जानते हैं।

पर्श्वोत्तनासन योग करने का तरीका

आपको बता दें पर्श्वोत्तनासन योग एक सरल योगासन है इसे करना बहुत ही आसान हैं। किसी भी उम्र का व्यक्ति आसानी से इस योग को कर सकता हैं। नीचे पर्श्वोत्तनासन को करने की कुछ स्टेप दी गई है जिसकी मदद से आप इसे आसानी से कर सकते हैं।

पर्श्वोत्तनासन योग करने से पहले यह आसन करें

पर्श्वोत्तनासन योग करने से पहले आप नीचे दिए गए कुछ आसन का अभ्यास करें, जिससे आपको इस आसन करने में आसानी होगी –

अधोमुख श्वान आसन
बद्ध कोणासन
गोमुखासन
उत्तानासन
वृक्षासन
ताड़ासन
 

हस्तपादासन योग फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए

नियमित रूप से हस्तपादासन योग करने से जननांग स्‍वस्‍थ रहते है और महिलाओं को इनफर्टिलिटी समस्या से छुटकारा मिल सकता है। यदि आपको कंसीव करने में द‍िक्‍कत आ रही है तो आप हस्तपादासन योग करें।

इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। अपने दोनों पैरों को पास-पास रखें और अपने दोनों हाथों को ऊपर सीधा कर लें। अब धीरे-धीरे सामने को ओर कमर से नीचे झुकते जाएं और अपने दोनों हाथों से पैर के पंजों को छूने की कोशिश करें। इस आसन में आप 60 से 90 सेकंड के लिए रहें फिर आसन से बाहर आयें।

फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए पश्चिमोत्तानासन योग

पश्चिमोत्तानासन योग हैमस्ट्रिंग, पीठ के निचले हिस्से और कूल्हों को एक अच्छा खिंचाव देता है। यह महिला प्रजनन अंगों, खासकर गर्भाशय और अंडाशय को भी उत्तेजित करता है। जिससे प्रजनन स्तर में सुधार होता है और तनाव दूर होता है।

पश्चिमोत्तानासन करने के लिए आप किसी साफ स्थान पर योगा मैट को बिछा के दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा करके दण्डासन में बैठ जाएं। अपने दोनों हाथों को ऊपर उठा के सीधे कर लें। अब धीरे-धीरे आगे की ओर झुके और अपने दोनों हाथों से पैर के पंजे पकड़ लें। अपनी सिर को घुटनों पर रख दें। इस आसन को 20 से 60 सेकंड के लिए करें।