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योग

अनंतासन योग के लाभ मजबूत रीढ़ में

रीढ़ को मजबूत करने अनंतासन योग बहुत ही लाभदायक आसन है। इस योग को करने से रीढ़ के साथ-साथ पैर की मांसपेशियाँ अधिक लचीली हो जाती हैं, हैमस्ट्रिंग भी खिंचती और मजबूत होती है। अनंतासन योग आपके धड़ के किनारों को फैलाता है और मजबूत करता है।

पाचन तंत्र में लाभदायक अनंतासन योग

अनंतासन योग हमारी पाचन क्रिया को मजबूत करता हैं और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता हैं। इस आसन के नियमित से अभ्यास पेट में बनाने वाली गैस से हमें छुटकारा मिलता हैं साथ ही यह अन्य पेट में होने वाली समस्या जैसे कब्ज, अपच, दस्त, पेट के ऐंठनdwqw`2 आदि के लिए आरामदायक होता हैं।

अनंतासन योग के फायदे रक्त परिसंचरण में

पूरे शरीर में बेहतर रक्त परिसंचरण के लिए अनंतासन योग बहुत ही लाभदायक होता हैं। इस योग को करने के लिए आपको अपने पैर और हाथों को ऊपर उठाना होता हैं जिससे आपके नीचे पूरे शरीर में रक्त की अच्छा मात्रा पहुँचती है। यह श्रोणि क्षेत्र के विकास में भी मदद करता है।

अनंतासन योग के लाभ

विष्णु आसन या अनंतासन योग करने के अनेक लाभ हैं यह हमारे शरीर के विभिन्न प्रकार के रोगों को दूर करने में मदद करता हैं आइये इसके फायदों को विस्तार से जानते हैं-

अनंतासन योग करने का तरीका

विष्णु आसन या अनंतासन योग आसन करने के लिए आपको नीचे कुछ स्टेप्स दी जा रही हैं जिसकी सहायता से आप इस आसन को आसानी से कर सकते हैं।

अनंतासन योग करने से पहले करें यह आसन

अनंतासन योग आसन करने से पहले आप नीचे दिए गए कुछ योग आसन का अभ्यास करें जिससे आपको इस आसन को करने में आसानी होगी-

त्रिकोणासन
अधोमुख श्वान आसन
सुप्तपदांगुष्ठासन
उत्तानपादासन
 

अनंतासन योग क्या हैं

अनंतासन को योग श्रंखला का सबसे अच्छा योग आसन माना जाता है। अनंतासन एक संस्कृत भाषा का शब्द है जो शब्दों से मिलकर बना है जिसका पहला शब्द “अनंत” है जिसका अर्थ “असीम” होता है और दूसरा शब्द “आसन” है जिसका अर्थ “पोज़” या “मुद्रा” होता है। अनंतासन योग को विष्णु आसन भी कहा जाता है। अनंत भगवान विष्णु के कई प्रसिद्ध नामो में से एक हैं। जब आप अनंतासन करते हैं तो आपका शरीर भगवान विष्णु के आराम मुद्रा जैसा दिखता है। हिन्दू धर्म के अनुसार 1000 सिर वाले नाग को “अनंत” के रूप में भी जाना जाता है, जो विष्णु भगवान की शयन शय्या है। अनंतासन योग को अंग्रेजी में स्लीपिंग विष्णु पोज़ (Sleeping Vishnu Pose), इटरनल

अनंतासन योग करने के करने के तरीके और उनके फायदे

नंतासन एक महत्वपूर्ण योग आसन है। इस आसन को विष्णु आसन भी कहा जाता है क्योंकि यह भगवान विष्णु के नाम पर रखा गया हैं। अनंतासन योग करना हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। इस योग आसन को करने से पूरे शरीर में रक्त का परिसंचरण अच्छी तरह से होता हैं। यह योग पेल्विक मांसपेशियों को बेहतर करता है और प्रोस्टेट ग्रंथि के कार्य को भी बढ़ावा देता हैं। आइये अनंतासन योग को करने की विधि और उससे होने होने वाले लाभों को विस्तार से जानते हैं।

लिंग मुद्रा योग करने के फायदे प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए

वातावरण में बदलाव के कारण सर्दी खांसी एवं बुखार जैसी बीमारियां होना आम बात है। माना जाता है कि लिंग मुद्रा करने से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है जिसके कारण मौसम संबंधी समस्याएं नहीं होती है। इस मुद्रा को नियमित रुप से करने से यह कफ या बलगम नहीं बनने देता है और फेफड़ों को भी मजबूत रखता है। यही कारण है कि सेहत के लिए लिंग मुद्रा फायदेमंद है।

पर्श्वोत्तनासन योग करने से पहले रखें यह सावधानियां

उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोग पूरी तरह से इस योग का अभ्यास करने से बचें।
यदि आपको घुटने की समस्याएं या गठिया हैं तो आप इस आसन को ना करें।
अगर आपको गर्दन दर्द की समस्या है, तो आप इस योग को ना करें।
अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर या पीठ में चोट है, तो आपको अर्ध पर्श्वोत्तनासन योग करना चाहिए।
आपके हैमस्ट्रिंग में चोट है तो इस आसन को करने से बचें।
यह मुद्रा गर्भवती महिलाओं को दूसरी और तीसरी तिमाही में लाभ देती है, हालांकि इस मुद्रा को करने से पहले उन्हें डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।