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योग

न्यूड योगा करने के फायदे बॉडी इमेज बेहतर करने में

आपको यह जानकर यकीन नहीं होगा लेकिन न्यूड योगा आपकी बॉडी इमेज और आत्मसम्मान को बढ़ाने में काफी मदद करता है। आप चाहे घर पर, अकेले में या फिर न्यूड योगियों से भरे रुम में योगा करें, यह अंततः अपने शरीर से प्यार करना सिखाने में बेहद लाभकारी होता है। कुछ लोग अपने शरीर की तुलना दूसरों से करते हैं और फिर हीन भावना से ग्रसित हो जाते हैं। न्यूड योगा का अभ्यास करने के बाद अपने शरीर से लगाव बढ़ जाता है और आपको खोया हुआ आत्मसम्मान भी लौट आता है। न्यूड योगा आपको अपने ही शरीर को देखने का पाजिटिव नजरिया हासिल करने का मौका देता है।

यौन क्रिया समझने में न्यूड योगा के फायदे

न्यूड योगा सेक्स से जुड़ा हुआ नहीं है लेकिन यह आपको अपनी कामुकता से परिचित करवाने में मदद करता है। सेक्स हमारी प्रकृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे समझने के लिए समय देने की जरूरत होती है। नियमित रुप से न्यूड योगा का अभ्यास करने से पार्टनर के साथ अंतरंगता बढ़ती है और रिश्तों में सुधार होता है। इसके अलावा यौन जीवन भी सुखमय होता है। न्यूड योगा के जरिये सेक्स पावर को बढ़ाया जाता है।

न्यूड योगा के फायदे शरीर एवं मस्तिष्क को जोड़ने में

वास्तव में न्यूड योगा को आध्यात्म का एक रुप माना जाता है। जब आप बिना कपड़ों के न्यूड योगा करते हैं तो आपको उन सभी गलतियों का पता चलता है जो आप कपड़े पहनकर करते समय नहीं पकड़ पाते हैं। न्यूड योगा करते समय जब आप अपने अंगों को स्पर्श करते हैं तब आपके शरीर और मस्तिष्क के बीच जुड़ाव बढ़ता है और अधिक गहरा भी होता है। यही कारण है कि आत्मा और शरीर के मिलन के लिए न्यूड योगा फायदेमंद होता है।

न्यूड योगा के फायदे

वैसे तो ज्यादातर लोगों के लिए न्यूड योगा करना संभव नहीं हो पाता है लेकिन इसके फायदे अनेक हैं। हालांकि कुछ लोग इसे अश्लील नहीं मानते हैं और इसके महत्व को समझते हुए न्यूड योगा का अभ्यास करते हैं। आइये जानते हैं न्यूड योगा करने से क्या फायदा होता है।

न्यूड योगा कैसे करें

न्यूड योगा को करने से पहले इसे समझना बेहद जरूरी है। वास्तव में बिना कपड़ों के न्यूड योगा का अभ्यास करने का अर्थ कामुकता से है ना कि यौन क्रिया से।
नेकेड योगा प्रशिक्षकों का मानना है कि इस दौरान उत्तेजना होना बहुत आम बात है और इसमें शर्मिंदगी महसूस नहीं होनी चाहिए।
न्यूड योगा का अभ्यास करने के लिए आपको खुद को मानसिक रुप से तैयार करने की जरूरत के अलावा एक चटाई, एक प्रशिक्षक और स्नान या शॉवर लेने की आवश्यकता पड़ेगी।
अगर आपके घर से पास कोई न्यूड योगा क्लब है तो आप वहां जाकर अभ्यास करें। इन क्लबों में पुरुष के साथ पुरुष और महिलाओं के साथ महिलाएं नग्न होकर न्यूड योगा करती हैं।

न्यूड योगा क्या है

बिना कपड़ों के योग का अभ्यास करने की क्रिया को न्यूड योगा कहा जाता है। इस योग को करने से पहले व्यक्ति के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं रहता है और वह नग्न अवस्था में हो जाता है। ज्यादातर लोग इस योग का अभ्यास घर पर और प्रकृति के बीच बैठकर जबकि कुछ लोग ग्रुप क्लास में न्यूड योगा करते हैं। पश्चिमी देशों और पश्चिमी संस्कृति में यह योगा आजकल बहुत लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि वहां लोग नग्नता को बहुत सहज तरीके से लेते हैं। न्यूड योगा देखने और सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है लेकिन इसे करने से अनेक लाभ होते है जिसके कारण ही इसका निर्माण किया गया है आइये जानते है न्यूड योगा कैसे करें के बारे में विस्तार

न्यूड योगा क्या है, न्यूड योगा के फायदे के बारे में जानें

बिना कपड़े पहने योग करने को क्रिया को न्यूड योगा या निर्वस्त्र योगा या नेकेड योगा कहते हैं कई सेलिब्रिटीज भी इसे करती हैं, आप भी न्यूड योगा के फायदे जानकर हो जायेंगे इंप्रेस। आमतौर पर योग को एक शक्तिशाली गतिविधि माना जाता है। यह शरीर एवं आत्मा को जोड़ने का कार्य करता है। योग की उत्पत्ति भारत से हुई और यह विकसित होकर अन्य देशों में पहुंचा। वैसे तो योग क्रियाएं विभिन्न प्रकार की होती हैं लेकिन न्यूड योगा भी योग का एक ऐसा प्रकार है जो प्राचीन काल में दिगंबर जैन, अघोरी साधु और अन्य तपस्वी समूहों के बीच किया जाता था। नागा साधु सबसे अधिक न्यूड योग का अभ्यास करते थे। वे अपने शरीर से जुड़ने एवं अपन

स्वस्थ हृदय के लिए योग भुजंगासन

अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए और इसे बीमारियों से बचने के लिए भुजंगासन बहुत ही लाभदायक योग आसन है।

भुजंगासन योग को करने लिए आप एक योगा मैट को बिछा के उस पर पेट के बल लेट जाएं जिसमे आपकी पीट ऊपर की ओर रहे।
अपने दोनों हाथों को जमीन पर रखें। अब अपने दोनों हाथों पर वजन डालते हुये धीरे-धीरे अपने सिर को पीछे के ओर करें और ठुड्डी को ऊपर की ओर करने का प्रयास करें।
आप इस भुजंगासन योग में 20 से 30 सेकंड तक रुकने का प्रयास करें।
 

हार्ट अटैक रोगी करें जानुशीर्षासन योग

जानुशीर्षासन योग करना हार्ट अटैक रोगियों के लिए अच्छा माना जाता है। इसके अलावा जानुशीर्षासन मुद्रा मस्तिष्क को शांत करती है और हल्के अवसाद की चिंता, थकान, सिरदर्द, मासिक धर्म की परेशानी और अनिद्रा से राहत दिलाने में मदद करती है।

सुखासन योग फॉर हार्ट पेशेंट्स

हार्ट अटैक का एक कारण मानसिक तनाव भी हो सकता है। सुखासन योग मानसिक तनाव को कम करता है। यदि आप एक हार्ट पेशेंट्स तो आपके लिए सुखासन योग करना फ़ायदेमंद हो सकता है।

इस आसन को करने के लिए आप एक योगा मैट को जमीन पर बिछा के बैठ जाएं, अपने पैरों को घुटने के यहाँ से मोड़ लें, इसमें एक पैर बाहर की ओर तथा दूसरा पैर अन्दर के ओर रहता हैं।
अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें और दोनों हाथों को सीधा करके अपने घुटनों पर रख लें।
अब आँखों को बंद करके ध्यान करें। इस आसन में आप अपनी इच्छा के अनुसार रह सकते हैं।