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आसन

तितली आसन करने के फायदे वजाइना टाइट करने में

योनि को टाइट करने के लिए तितली योग बहुत फायदेमंद माना जाता है। तितली आसन या बटरफ्लाई पोज़ करने के लिए फर्श पर सीधे बैठ जाएं। अब घुटनों को मोड़ें और दोनों पैरों को पेल्विक फ्लोर की ओर लाएँ, और फिर पाँव के तलवे एक दुसरे को छुएं। दोनों हाथों से अपने दोनों पाँव को कस कर पकड़ लें। एड़ी को जननांगों के जितना करीब हो सके लाने का प्रयास करें। अब तितली के पंखों की तरह दोनों पैरों को ऊपर नीचे हिलाना शुरू करें। महिलाएं अपनी क्षमता के अनुसार इस योग को करें।

हिप्स साइज को बढ़ाने के लिए बद्ध कोणासन

बद्ध कोणासन हिप्स को करने से भी कूल्हों की मांसपेशियों पर आंतरिक रूप से खिंचाव पड़ता है जो हिप्स को सही शेप में लाने में मदद करता है।

बद्ध कोणासन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को साफ जगह में बिछा के दोनों पैरों को सीधा करके बैठ जाएं। इसके बाद दोनों पैर को अपनी ओर मोड़ लें और दोनों पैरों के पंजों से पंजे मिलाएं। अब दोनों हाथों से घुटनों को धीरे-धीरे दबाएँ जिससे दोनों घुटने फर्श पर रख जाएं। इस मुद्रा को आप 2 से 3 मिनिट के लिए करें। ध्यान रखें की अगर आपके घुटने जमीन पर नहीं आ रहे हैं तो इसे जबरजस्ती करने का प्रयास ना करें।

आनंद बालासन के फायदे हिप्स को बड़ा करने में

हैप्पी बेबी पोज़ आपके हिप्स को बड़ा करने के लिए बहुत ही लाभदायक आसन है। यह एक ग्रेट हिप्स ओपनर पोस है। इस योग को करने से आपके कूल्हों की मांसपेशियों पर खिंचाव लगता है जो उनको उत्तेजित करके हिप्स को बड़ा करने में मदद करते हैं।

आनंद बालासन योग करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को बिछा कर पर सीधे लेट जाएँ। अब अपने दोनों पैरों को ऊपर की ओर सीधा उठायें और पैरों की उँगलियों को नीचे अपने मुँह की ओर झुकाएं। फिर दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे को पकड़ लें। इस स्थिति में आप एक हैप्पी बेबी की मुद्रा में दिखाई देंगे। इस आसन में आप 30 सेकंड से 1 मिनिट तक रुकने का प्रयास करें।

उत्तान पादासन से तुरंत पेट अंदर

आधुनिकता की अंधी दौड़ में खान-पान, रहन-सहन, आचार-विचार और जीवन पद्धति के विकृत हो जाने से आज सारा समाज अनेक प्रकार के रोगों से ग्रस्त हैं। खासकर वह अपच, कब्ज, मोटापा, तोंद और अन्यपेट संबंधी बीमारियों से परेशान हो गया है। सभी के निदान के लिए लिए योग ही एकमात्र उपाय है। यहां प्रस्तुत है पेट को अंदर करने के लिए अचूक आसन उत्तान पादासन।

ਉਤਤਨ ਪਦਾਸਨਾ ਦੁਆਰਾ ਪੇਟ ਦੇ ਅੰਦਰ ਤੁਰੰਤ

ਆਧੁਨਿਕਤਾ ਦੀ ਅੰਨ੍ਹੀ ਦੌੜ ਵਿਚ ਭੋਜਨ, ਰਹਿਣ-ਸਹਿਣ, ਨੈਤਿਕਤਾ ਅਤੇ ਜੀਵਨ lifeੰਗ ਦੀ ਭਟਕਣਾ ਕਾਰਨ ਅੱਜ ਪੂਰਾ ਸਮਾਜ ਕਈ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਜੂਝ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਖ਼ਾਸਕਰ ਉਹ ਬਦਹਜ਼ਮੀ, ਕਬਜ਼, ਮੋਟਾਪਾ, lyਿੱਡ ਅਤੇ ਪੇਟ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਹੋਰ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਤੋਂ ਪ੍ਰੇਸ਼ਾਨ ਹੈ। ਸਭ ਦਾ ਨਿਦਾਨ ਕਰਨ ਲਈ ਯੋਗ ਇਕੋ ਇਕ ਉਪਾਅ ਹੈ. ਪੇਟ ਨੂੰ ਉੱਚਾ ਚੁੱਕਣ ਲਈ ਇਹ ਇਕ ਸਹੀ ਸੰਕੇਤ ਹੈ.

त्रिकोण आसन करें अतिरिक्‍त चर्बी घटायें

अगर आप कई दिनों से अपने पेट की चर्बी घटाने के लिये परेशान हैं तो आपको रोजाना नियमित तौर पर त्रिकोण आसान करना चाहिये। त्रिकोण आसान से पेट, कमर और कूल्‍हे की बढ़ी हुई चर्बी घटने लगती है। इसे अगर जल्‍दी जल्‍दी किया जाए तो जल्‍दी लाभ होता है। इसके नियमित अभ्‍यास से शरीर में लचीलापन बढ़ जाता है, रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है, कंधे और पीठ दर्द दूर होता है, एसिडिटी, गर्दन का दर्द का दूर हो जाता है।

नौकासन सिर से ले कर पैरों तक की सभी बीमारियां दूर करे

नौका आसन यानी नाव के समान मुद्रा। पीठ एवं मेरूदंड को लचीला व मजबूत बनाये रखने के लिए नौकासन का अभ्यास काफी लाभदायक होता है। यह आसन ध्यान और आत्मबल को बढ़ाने में भी कारगर होता है। कंधों एवं कमर के लिए भी यह व्यायाम फायदेमंद है। शरीर को सुडौल बनाये रखने के लिए भी यह आसन बहुत ही लाभदायक होता है। 7 योग आसन जो आपके पेट को रखें स्वस्थ इससे पाचन क्रिया, छोटी-बड़ी आँत में लाभ मिलता है। अँगूठे से अँगुलियों तक खिंचाव होने के कारण शुद्ध रक्त तीव्र गति से प्रवाहित होता है, जिससे काया निरोगी बनी रहती है। हर्निया रोग में भी यह आसन लाभदायक माना गया है। निद्रा अधिक आती हो तो उसे नियंत्रित करने मे ये नौका आ

मधुमेह में फायदेमंद हैं गौमुखासन

हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने मधुमेह (डायबिटीज) दिवस पर कहा कि ऋषि प्रणीत जीवनचर्या अपनाने से इस जटिल रोग से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि गौमुखासन के नियमित अभ्यास एवं सविता ध्यान से काफी राहत मिल सकती है।

डॉ. चिन्मय के अनुसार, सुबह जल्दी उठकर उगते हुए सूर्य का ध्यान, यज्ञोपैथी एवं नियमित आसनों के अभ्यास डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है। डायबिटीज का मरीज अक्सर तनाव में रहता है। ऐसे में नियमित प्राणायाम एवं सात्विक आहार मन के साथ तन को शांत एवं स्वस्थ रख सकता है।

पेट की चर्बी घटाए धनुरासन

आज पूरी दुनिया मोटापे से परेशान है और इसके लिये लोक बहुत परेशान हैं। अगर आप बिना जिम जाए पेट की चर्बी को घटाना चाहते हैं तो, धनुरासन करें। धनुरासन से पेट की चर्बी कम होती है। धनु का अर्थ धनुष होता है। इस आसन में धनुषाकार आकृति बनाई जाती है। इसमें हाथों का उपयोग सिर, धड और टांगों को ऊपर खींचने के लिए प्रत्यंचा की तरह किया जाता है। शरीर को धनुष के समान टेड़ाकरके फ़ैलाने और शरीर को सशक्त बनाने की इस क्रिया से तरुणाई की प्राप्ति होती है। इससे सभी आंतरिक अंगों, माँसपेशियों और जोड़ों का व्यायाम हो जाता है। गले के तमाम रोग नष्ट होते हैं। पाचनशक्ति बढ़ती है। श्वास की क्रिया व्यवस्थित चलती है। मेरुदं

स्किन को जवान बनाए रखना हो तो रोज करें सिंहासन

वर्तमान समय में अधिकांश लोगों की दिनचर्या और खानपान दोनों ही अनियमित है। यही कारण है कि कुछ लोगों के चेहरे पर कम उम्र में ही झुर्रिया दिखाई देने लगती हैं। ऐसे में जो लोग इस समस्या से परेशान रहते हैं, वे एंटीएजिंग क्रीम का इस्तेमाल करते हैं। यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं और एंटी एजिंग क्रीम कोई असर नहीं दिखा रहे तो रोज सिंहासन करें।