आसन
बालासन के फायदे ब्लड सर्कुलेशन ठीक रखने में
प्रतिदिन बालासन का अभ्यास करने से पूरे शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है। इसके साथ ही यह पेट के अंगों का मसाज करने एवं उन्हें टोन करने के साथ ही पाचन को बढ़ाने में भी मदद करता है।
- Read more about बालासन के फायदे ब्लड सर्कुलेशन ठीक रखने में
- Log in to post comments
शरीर को लचीला बनाने में बकासन के फायदे
बकासन करने से शरीर की मांसपेशियां लचीली होती है जिससे व्यक्ति का शरीर आकर्षक दिखायी देता है। यह आसन करने से कलाई और भुजाएं भी मजबूत होती हैं जिससे व्यक्ति को हाथों में आसानी से चोट नहीं लगती है।
- Read more about शरीर को लचीला बनाने में बकासन के फायदे
- Log in to post comments
बकासन करने के फायदे
चूंकि इस आसन को करने में पूरे शरीर एक साथ शामिल होता है इसलिए शरीर के सभी अंगों को इसका लाभ पहुंचता है। बकासन करने से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास तो पैदा होता ही है साथ में वह भावनात्मक रूप से भी मजबूत होता है। इसके अलावा बकासन करने के अन्य फायदे निम्न हैं।
बकासन के फायदे मानसिक मजबूती के लिए
प्रतिदन निर्धारित समय पर बकासन करने से व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत होता है और वह हर तरह की परेशानियों का सामना आसानी से कर सकता है। यह आसन करने से व्यक्ति में ऐसी क्षमता विकसित होती है कि वह भावनात्मक रूप से कमजोर नहीं पड़ता है।
- Read more about बकासन करने के फायदे
- Log in to post comments
भुजंगासन करते समय सावधानियां
अगर किसी को अल्सर, हार्निया एवं क्षय रोग हो तो उसे भुजंगासन किसी भी परिस्थिति में नहीं करना चाहिए।
यदि आपको हाइपो थॉयराइड की समस्या है तो डॉक्टर के परामर्श के बाद ही इस आसन को करें।
अगर आपके पेट में कोई चोट लगी हो या फिर आप अस्थमा के मरीज हों तो आपको भुजंगासन से दूर रहना चाहिए।
गर्भवती स्त्री को किसी भी परिस्थिति में भुजंगासन को करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
- Read more about भुजंगासन करते समय सावधानियां
- Log in to post comments
व्याघ्रासन करने का तरीका
- पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं और दोनों हाथों को जमीन पर टिकाते हुए शरीर को अत्यधिक ऊपर उठा लें।
- अपने एक पैर का घुटना कूल्हे के नीचे रखें और कलाई को कंधे के नीचे जमीन पर टिकाकर रखें। नजरों को सामने रखें और आराम के मुद्रा में रहें।
- श्वास लें और अपनी पीठ को कमान(arch) देते हुए धीरे से अपना दायां पैर ऊपर उठायें और और इसे ऊपर एवं पीछे की ओर खींचे।
- सीने को फैलाएं और पैरों की उंगलियों को सिर के पीछे तक लाएं।
- दूसरे पैर का घुटने तक का भाग जमीन पर मुड़ा होना चाहिए और उसके बाद का हिस्सा जमीन पर फैला होना चाहिए।
- सिर को हल्का ऊपर की ओर मोड़े और
- Read more about व्याघ्रासन करने का तरीका
- Log in to post comments
उत्तानपादासन के फायदे
इस आसन को करने से अपच(indigestion), एसिडिटी और कब्ज दूर हो जाता है एवं पेट के अंग मजबूत होते हैं।
यह आसन जांघों (thigh) और कूल्हों (hip) की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। (और पढ़े –नितंब/Butt को कम करने के लिए करें ये एक्सरसाइज)
अर्थराइटिस, कमर दर्द, डायबिटीज और हृदय रोगियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण आसन है। यह आसन शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है।
- Read more about उत्तानपादासन के फायदे
- Log in to post comments
उत्तानपादासन करने का तरीका
- पीठ के बल जमीन पर एकदम सीधी लेट जाएं।
- अपने दोनों बांहों को शरीर के बगल में रखें और हथेलियों को जमीन पर फैलाकर रखें।
- पैरों की उंगलियों के साथ अपने दोनों पैरों को ऊपर की ओर सीधा उठाएं और जितना संभव हो खींचाव लाएं।
- पैरों को उतना ऊपर ले जाएं जब तक ये 80 से 90 डिग्री ऊपर न चले जाएं। इसके बाद अपनी नजरों को पैरों की बड़ी उंगलियों पर टिकाएं और इस मुद्रा में 30 सेकेंड तक बने रहें।
- इसके बाद धीरे से पैरों को नीचे लाकर जमीन पर सीधा रखें। इस मुद्रा को कई बार दोहराएं।
- Read more about उत्तानपादासन करने का तरीका
- Log in to post comments
धनुरासन करते समय सावधानियां
यदि आप हार्निया, निम्न रक्तचाप और उच्च रक्तचाप एवं माइग्रेन, सिरदर्द, गर्दन में चोट और पीठ दर्द से पीड़ित हैं तो इस आसन को न करें।
- Read more about धनुरासन करते समय सावधानियां
- Log in to post comments
धनुरासन के फायदे
यह आसन पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत रखता है।
इस आसन को करने से प्रजनन अंगों (reproductive organs) को उत्तेजित करने में मदद मिलती है।
यह आसन गर्दन, छाती और कंधों को चौड़ा करने और खोलने में मदद करता है।
पैरों और भुजाओं की मांसपेशियों को टोन करता है और पीठ को लचीला बनाता है।
मासिक धर्म में गड़बड़ी की समस्या दूर करता है।
- Read more about धनुरासन के फायदे
- Log in to post comments
धनुरासन करने का तरीका
- इसके बाद अपने घुटनों को ऊपर की ओर झुकाएं या हल्का सा मोड़ें और अपने टखनों को हाथों से पकड़ें।
- धीरे से श्वास लें और अपने सिर एवं आसपास के क्षेत्र को ऊपर उठाएं और पैरों को जितना संभव हो ऊपर ले जाएं। लेकिन ध्यान रहे कि अपने टखनों को हाथों से बराबर पकड़े रहें।
- कुछ देर तक इसी मुद्रा में बने रहें और श्वास छोड़ते हुए पहली स्थिति में आ जाएं।
- इस योग मुद्रा को करते समय लगातार श्वास लेते और छोड़ते रहें और कम से कम 3 से 5 बार यह आसन करें।
- Read more about धनुरासन करने का तरीका
- Log in to post comments