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आसन

पश्चिमोत्तानासन करते समय सावधानियां

किसी भी आसन का अभ्यास करने पर फायदों के साथ उसके कुछ नुकसान भी होते हैं। लेकिन आमतौर पर नुकसान तब होता है जब शरीर में कोई विशेष परेशानी हो औऱ हम उसकी अनदेखी कर किसी आसन का अभ्यास कर रहे हों। आइये जानते हैं पश्चिमोत्तानासन में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

पश्चिमोत्तानासन के फायदे अनिद्रा की समस्या दूर करने में

इस आसन का अभ्यास करने से व्यक्ति को सही तरीके से नींद आती है और अनिद्रा (insomnia) की समस्या दूर हो जाती है। इसके अलावा उच्च रक्तचाप, बांझपन (infertility) और डायबिटीज की समस्या को दूर करने में भी यह आसन फायदेमंद होता है।

बेहतर पाचन के लिए फायदेमंद है पश्चिमोत्तानासन

पश्चिमोत्तानासन करने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और खाना न पचने के कारण अक्सर कब्ज एवं खट्टी डकार आने की समस्या दूर हो जाती है। इसके अलावा प्रतिदिन इस आसन का अभ्यास करने से किडनी, लिवर, महिलाओं का गर्भाशय एवं अंडाशय अधिक सक्रिय(activated) होता है।

पश्चिमोत्तानासन करने के फायदे महिलाओं के लिए

डिलीवरी के बाद पश्चिमोत्तानासन का प्रतिदिन अभ्यास करने से महिलाओं का शरीर फिर से अपनी प्रारंभिक आकृति में आ जाता है और पेट एवं कूल्हों की चर्बी कम हो जाती है। इसके अलावा यह आसन करने से मासिक धर्म भी सही तरीके से होता है।

नपुंसकता दूर करने में पश्चिमोत्तानासन के फायदे

पश्चिमोत्तासनासन एक ऐसा आसन है जिसका प्रतिदिन अभ्यास करने से नपुंसकता दूर हो जाती है और व्यक्ति के यौन शक्ति में वृद्धि होती है। इसके अलावा पेट और श्रोणि अंग (pelvic organs) भी अच्छे तरीके से टोन हो जाते हैं।

पश्चिमोत्तानासन करने के लाभ हड्डियों को लचीला बनाने में

पश्चिमोत्तानासन रीढ़ की हड्डी में खिंचाव उत्पन्न करता है और उन्हें लचीला बनाने का काम करता है। इसके अलावा इस आसन का अभ्यास करने से व्यक्ति की लंबाई भी बहुत आसानी से बढ़ने लगती है।

बकासन करने के लाभ से पाचन क्रिया बेहतर होती है

यह आसन करने से व्यक्ति के पेट में अम्ल कम मात्रा में बनता है जिसके कारण सीने में जलन या खट्टी डकार नहीं आती है और पाचन क्रिया बेहतर होती है। जिन लोगों को अपच की समस्या है उनके लिए बकासन काफी फायदेमंद हो सकता है।

नियमित रूप से बकासन करने से तंत्रिका तंत्र मजबूत होता है

बकासन करने से व्यक्ति का तंत्रिका तंत्र मजबूत होता है जिसके कारण उसकी इम्यूनिटी बढ़ती है और उसे भूख न लगने, कब्ज और पेट से संबंधित परेशानियां नहीं होती हैं।

बकासन के फायदे कूल्हे मजबूत होते हैं

विशेषरूप से महिलाएं अपने कूल्हे की चर्बी कम करने के लिए तरह-तरह के उपाय करती हैं। यह आसन करने से कूल्हों पर जमा अतिरिक्त फैट घटता है और कूल्हे मजबूत और आकर्षक होते हैं।

बकासन करने के फायदे रीढ़ की हड्डी को टोन करने में

बकासन करने से पीठ और पेट की मांसपेशियां सीधी अवस्था में हो जाती हैं। यह आसान रीढ़ की हड्डी को टोन करने का कार्य करता है जिसके कारण हड्डी से जुड़े रोगों का खतरा कम होता है।