Skip to main content

आसन

मकरासन के फायदे

यह आसन करने से दिन भर की थकान से शरीर को राहत मिलती है।

इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी, पीठ, मांसपेशियों और नसों (nerves) को आराम मिलता है।

यह आसन अस्थमा और फेफड़ों से जुडे विकारों को दूर करने में मदद करता है।

मकरासन करने का तरीका

पेट के बल जमीन पर एकदम सीधे लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को एक दूसरे के ऊपर चढ़ाकर (crossed) माथे के बिल्कुल नीचे रखें।
आंखों को बंद रखें और जितना संभव हो अपने पैरों की उंगलियों के साथ पूरे पैर को खींचें। इसके बाद दोनों हाथों को कूल्हों से छूते हुए पंख की आकृति में हल्का सा ऊपर उठाएं और गर्दन को एकदम सीधे रखें।
अब धीरे-धीरे सामान्य रूप से श्वास (inhale) लेते रहें और शरीर को आराम दें। अपने शरीर को जमीन पर महसूस करें और शरीर के प्रत्येक मांसपेशियों में राहत का अनुभव करें।
2 से 5 मिनट तक इसी मुद्रा में बने रहें उसके बाद अपने पैरों को आपस में सटा लें।

पादहस्तासन करते समय सावधानियां

यदि आपको साइटिका (sciatica) की समस्या हो तो यह आसन न करें।

हार्निया, हाइपरटेंशन और हृदय रोगियों को भी यह आसन करने से परहेज करना चाहिए।

पादहस्तासन के फायदे

यह आसन शरीर को बेहद लचीला(flexible) और फुर्तीला बनाने में मदद करता है। यह पूरी तरह से पीठ और पैरों की मांसपेशियों को खींचता है। रीढ़ की हड्डी भी लचीली होती है और नसों को टोन करने का काम करता है।

पादहस्तासन एक ऐसा आसन है जो पेट के आसपास के क्षेत्र को टोन (tone) करता है और बेली फैट (belly fat)अर्थात् पेट की चर्बी को दूर करता है।

यह आसन करने से पेट के अंगों का मसाज हो जाता है जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है और कब्ज समाप्त हो जाता है। इसके अलावा यह पेट की बीमारियों को दूर रखता है।

पादहस्तासन करने का तरीका

  • दोनों पैरों के बीच बराबर दूरी बनाकर जमीन पर बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं।
  • धीरे से श्वास लेते हुए अपने दोनों हाथों को अपने सिर के ऊपर तक उठाएं।
  • अब श्वास छोड़ते हुए धीरे से अपने शरीर को आगे की ओर झुकाएं। आपकी हथेलियां(palms) पैरों को छूनी चाहिए और नाक एवं माथा आपके घुटनों(knees) को छूना चाहिए।
  • अब जितने देर तक संभव हो इस मुद्रा में बने रहें।
  • इसके बाद श्वास लेते हुए फिर से सीधे खड़े हो जाएं।
  • इस योग मुद्रा को 3 से 5 बार तक दोहराएं।

पादहस्तासन पेट को फ्लेट करने के लिए

शिल्पा शेट्टी योगा में इसको पेट की चर्बी को कम करने के लिए किया जाता है इस योग का नाम पादहस्तासन संस्कृत का शब्द है, जहां पाद का अर्थ पैर(foot) हस्त का अर्थ हाथ(hands) और आसन का अर्थ (pose) है। शिल्पा शेट्टी के सभी आसनों में से वजन घटाने के लिए यह एक लोकप्रिय आसन है। इस आसन कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर की समस्या को दूर करता है।

शीर्षासन करने का तरीका, फायदे और सावधानियां

शीर्षासन संस्कृत के दो शब्दों शीर्ष और आसन से मिलकर बना है। जहां शीर्ष का अर्थ सिर (Head) और आसन का अर्थ मुद्रा (Pose) है। शीर्षासन का अभ्यास सिर नीचे और पैर ऊपर उठकार किया जाता है इसलिए इसे अंग्रेजी में हेड स्टैंड पोज (Headstand Pose) कहा जाता है। आमतौर पर सभी लोगों को मालूम है कि सिरदर्द के इलाज में शीर्षासन बहुत फायदेमंद होता है। यही कारण है कि अक्सर हम एक दूसरे को शीर्षासन करने की सलाह (tips) देते हैं। चूंकि इस आसन का अभ्यास करते समय शरीर को उल्टा करना पड़ता है, अर्थात् सिर को जमीन पर टिकाकर बैलेंस बनाना होता है, इस क्रिया में मस्तिष्क में खून का बेहतर तरीके से प्रवाह (blood flow) होता

सेतुबंधासन के फायदे

यह एक सामान्य आसन है और कोई भी व्यक्ति इस आसन का अभ्यास बहुत आसानी से कर सकता है। सेतु बंधासन करने में अधिक कठिनाई नहीं होती है और यह शरीर की कई समस्याओं को दूर करने में बहुत मदद करता है। आइये जानते हैं कि सेतु बंधासन करने के फायदे क्या हैं।

सेतुबंधासन करने की विधि

  • सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।
  • इसके बाद अपने घुटनों को मोड़ें या झुकाएं और अपने पैरों और कूल्हों (hip) के बीच जमीन पर दूरी बनाए रखें।
  • श्रोणि (pelvis) से दूरी 10 से 12 इंच होनी चाहिए और इसके साथ ही पैरों के घुटने और एड़ियां एक सीधी रेखा में होनी चाहिए।
  • इसके बाद कूल्हों और घुटनों को ऊपर उठाए हुए पोजिशन में ही अपने हाथों के दोनों भुजाओं (arms) को अपने शरीर के नीचे ले जाएं और दोनों हथेलियों को एक दूसरे से मिलाकर इंटरलॉक कर लें। हथेलियां जमीन को छूनी चाहिए।
  • अब श्वास लें और हल्के से अपने पीठ के निचले हिस्से को जमीन से ऊपर उठायें। इस दौरान आपके