मजबूत पाचन तंत्र क्यों जरूरी होता है

हमारा दिमाग कैसे काम करता है और हम कितना खुश महसूस करते हैं इसमें पेट का स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर हमारे पेट की सेहत ठीक नहीं है, तो हमारा मानसिक स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है। यह सुनिश्चित करना कि हम सही चीजें खाते हैं और पीते हैं, स्पष्ट रूप से महत्वपूर्ण है। एक्सरसाइज करना आंत को उत्तेजित करने और आंतों की गतिविधि को बढ़ाने में मदद करता है। शोध यह भी बताते हैं कि एक्सरसाइज आंत में बैक्टीरिया के संतुलन को प्रभावित करता है। यह आंत फ्लोरा (gut flora) के रूप में जाना जाता है जो हमारे प्रतिरक्षा प्रणाली को सुधारने में मदद करता है, खराब जीवाणुओं के विकास को रोकता है और शरीर क

पाचन क्या है

भोजन को पचाने वाली पाचन क्रिया हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। पाचन भोजन को तोड़ने की प्रक्रिया है जिसे हम ऊर्जा और पोषण के लिए करते हैं। यह शरीर द्वारा किए गए सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है। पाचन तंत्र का कार्य विषाक्त पदार्थों को खत्म करना और ऊर्जा तथा अन्य प्रमुख पोषक तत्वों को अवशोषित करना है जिसकी हमारे शरीर को अच्छी तरह से काम करने की आवश्यकता होती है। अच्छा पाचन तंत्र आपके पेट को हल्का और डिटॉक्स करता है।

बॉडी बिल्डिंग के लिए अंडे से बनाएं प्रोटीन पाउडर

दो बड़े अंडों में 10 ग्राम प्रोटीन के साथ ही कई अन्य पोषक तत्व भी होते है। इतना ही नहीं अंडा में  पाए जाने वाले प्रोटीन आपके शरीर में इसकी कमी को पूरा करता है, हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ ही आंखों की देखभाल करता है।

बॉडी बिल्डिंग के लिए घर पर प्रोटीन पाउडर बनाने के लिए आपको निम्न चीजों की आवश्कता होती हैं-

अंडे जा सफ़ेद भाग
केला
एक कटोरीदही
 

बॉडी बिल्डिंग के लिए चिरौंजी प्रोटीन पाउडर

यह प्रोटीन पाउडर का सबसे अच्‍छा विकल्‍प होता है। चिरौंजी तासीर में ठंडा होता है जिसे गर्मी के समय विशेष रूप से खाने की सलाह दी जाती है। चिरौंजी जिसे कुछ लोग अचार के रूप में जानते हैं शरीर को ठंड़ा करने में मदद करता है और शरीर की जलन (burning sensation) को कम करता है। इसमें प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम और आयरन आदि विटामिन और खनिज पाए जाते हैं।  चिरोंजी प्रोटीन पाउडर पौधे आधारित प्रोटीन का अच्‍छा स्रोत है यह चिरोंजी के बीज से बना होता है।

बॉडी बिल्डिंग के लिए बादाम से बनाएं प्रोटीन पाउडर

बादाम में पोषक तत्वों का भंडार छिपा हुआ होता है। इसमें कैलोरी (Calories) का स्तर निम्न होता है जिस कारण आपके शरीर को अधिक शक्ति मिलती है। बादाम में कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। छोटी मुट्ठी बराबर बादाम में 6 ग्राम प्रोटीन होता है।

बादाम से प्रोटीन पाउडर बनाने के लिए आपको बादाम के साथ आपको कुछ अन्य सामग्री की जरूरी होगी –

बॉडी बिल्डिंग के लिए होममेड प्रोटीन पाउडर

यहाँ पर घर पर प्रोटीन पाउडर बनाने कि कई विधियाँ दी गई आप इनमें से किसी को भी चुन सकते हैं।

बॉडी बिल्डिंग के लिए होममेड प्रोटीन पाउडर

यदि आप अपनी बॉडी बिल्डिंग करना चाहते है लेकिन इसके लिए बाजारों में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर का सेवन करना नहीं चाहते है तो आप होममेड प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। अच्छी बॉडी आपको आकर्षक बनाने के साथ ही आपको एक अलग लुक भी देती है।

अच्‍छी बॉडी न होने से कई लोगों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। यहां तक की उनके कम वजन या अच्‍छी बॉडी न होने के कारण उन्‍हें कई लड़कियों द्वारा भी रिजेक्‍ट किया जाता है।

अपने शरीर को शेप में लाने और बॉडी बिल्डिंग करने के लिए सिर्फ जिम में घंटों गुजराना ही काफी नहीं है, इसके साथ ही प्रोटीन लेना भी उतना ही जरूरी है।

फैट कम करने के लिए एक्‍सरसाइज

यदि आप भी अपने अधिक वजन को कम करना चाहते हैं तो रोजाना कुछ देर व्‍यायाम करें। एक अध्‍ययन के अनुसार मोटापे का प्रमुख कारण शरीर में जमा अतिरिक्‍त वसा हो सकता है। एक अन्‍य शोध से पता चलता है कि सुबह के समय खाली पेट व्‍यायाम करने से अतिरिक्‍त वसा की 20 प्रतिशत तक मात्रा को कम किया जा सकता है। यदि आप भी अपने शरीर को स्‍वस्‍थ रखने और मोटापे से बचाना चाहते हैं तो दैनिक दिनचर्या में एक्सरसाइज को शामिल कर सकते हैं।

वर्कआउट करने के लाभ रक्‍तचाप कम करे

नियमित एक्सरसाइज करना उच्‍च रक्‍तचाप रोगी के लिए अच्‍छा होता है। उच्‍च रक्‍तचाप के लक्षणों को कम करने के लिए व्यायाम करना एक शान‍दार उपाय है। एक अध्‍ययन के अनुसार प्रात: काल एक्‍सरसाइज करना रक्‍त चाप को बेहतर बनाने और हृदय की कार्य क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है। एक्‍सरसाइज करने से उच्‍च रक्‍तचाप के लक्षणों को 10 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

वजन घटाने के लिए प्रोटीन पाउडर बनाने का तरीका

यदि आप अपने घर पर प्रोटीन पाउडर बनाना चाहते है, तो इसके लिए आपको निम्न सामग्री की आवश्यकता होगी-

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।