योग का महत्व अच्‍छी नींद के लिए

मोटापे, उच्‍च रक्‍तचाप और अवसाद जैसी समस्‍याओं का संबंध नींद की खराब गुणवत्‍ता से होता है। अध्‍ययनों से पता चलता है कि नियमित योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से नींद की गुणवत्‍ता को सुधारा जा सकता है। 2005 में किये गए एक छोटे से अध्‍ययन में व्‍यक्तियों को दो समूह में बांटा गया और एक समूह को आयुर्वेदिक जड़ीबूटीयां दी गई जबकि एक समूह को नियमित योगा कराया गया। इससे यह पता चला की नियमित योगा करने वाले समूह के लोगों दूसरे समूह की अपेक्षा जल्‍दी और अच्‍छी नींद आई। इससे यह सिद्ध होता है कि नियमित योग करने से लोगों में नींद की कमी को दूर किया जा सकता है। यदि आप नींद की समस्‍या से परेश

योग आसन के लाभ डिप्रेशन को दूर करे

कुछ अध्‍ययनों से पता चलता है कि योग में एंटी-डिप्रेंटेंट प्रभाव होते हैं। योग का यह प्रभाव अवसाद के लक्षणों को कम कर सकता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि यह शरीर में मौजूद कार्टिसोल नामक हार्मोन के स्‍तर को कम करने मे सक्षम है। कोर्टिसोल एक तनाव हार्मोन है जो सेरोटोनिन के स्‍तर को प्रभावित करता है। एक अध्‍ययन मे अधिक मात्रा में शराब पीने वाले लोगों ने सुदर्शन क्रिया का अभ्‍यास किया। लगभग 2 सप्‍ताह के बाद उन व्‍यक्तियों में अवसाद और कोर्टिसोल के निचले स्‍तर के कम लक्षण पाए गए। इस तरह से आप भी अपने शरीर को स्‍वस्‍थ्‍य रखने के साथ ही अवसाद को दूर करने के लिए योग अभ्‍यास कर सकते हैं।

योग करने के लाभ दिल को स्‍वस्‍थ्‍य रखे

शरीर को पर्याप्‍त पोषक तत्‍वों के साथ-साथ स्‍वस्‍थ्‍य रक्‍त परिसंचरण की आवश्यकता होती है। योग आपके शरीर में उचित रक्‍त परिसंचरण के साथ ही दिल को स्‍वस्‍थ्‍य रखने में मदद करता है। अध्‍ययनों से पता चलता है कि नियमित योगाभ्‍यास दिल की बीमारी से संबंधित कई समस्‍याओं को दूर करने में मदद कर सकता है। एक अध्‍ययन में पाया गया कि 40 वर्ष से अधिक आयु वाले लोग जो 5 वर्ष तक नियमित योग करते हैं उनमें उच्‍च रक्‍तचाप की संभावना कम हो सकती है। उच्‍च रक्‍तचाप दिल के दौरे और स्‍ट्रोक के प्रमुख कारणों में से एक है। नियमित योग करने से शरीर में खराब कोलेस्‍ट्रॉल को 26 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

योग के लाभ से सूजन का इलाज

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार करने के अलावा यह शरीर में आने वाली सूजन को भी ठीक कर सकता है। कुछ अध्‍ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि योग अभ्‍यास सूजन को भी कम कर सकता है। सूजन हमारे शरीर की एक सामान्‍य प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया है, लेकिन यदि यह सूजन लंबे समय तक रहती है तो यह हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर जैसी समस्‍याओं का कारण हो सकती है। एक अध्‍ययन से पता चलता है कि योग करने वाले लोगों में अन्‍य व्‍यक्तियों की तुलना में सूजन के निम्‍न स्‍तर होते हैं। एक और अन्‍य अध्‍ययन में स्‍तन कैंसर रोगी को नियमित रूप से 12 सप्‍ताह तक योग करने पर सूजन में कमी देखी गई। यद्यपि सूजन पर योग के फायदेमंद प्रभावों के

योग के फायदे फॉर डायबिटीज

जिन लोगों को डायबिटीज की समस्‍या है, उनके लिए योग किसी प्रभावी उपचार से कम नहीं है। योग रक्‍त शर्करा और एलडीएल (खराब कोलेस्‍ट्रॉल) को कम करता है और एचडीएल (अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल) को बढ़ाने में मदद करता है। मधुमेह वाले लोगों में योग कई तरीकों से रक्‍त शर्करा को कर करता है। इसके अलावा यह कोर्टिसोल और एड्रेनाईन स्‍तर को कम करके वजन घटाने में भी सहायक होता है। आप अपने रक्‍त शर्करा के स्‍तर को कम करके मधुमेह से संबंधित जोखिमों जैसे दिल का दौरा, गुर्दे की विफलता और अंधापन आदि समस्‍याओं से बच सकते हैं। इन समस्‍याओं को दूर करने के लिए अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करें।

योग से करें तनाव को दूर

आपके तनाव को दूर करने की क्षमता योग में होती है। योग के माध्‍यम से आप अपने तनाव को कम करके विश्राम को बढ़ावा दे सकते हैं। कई अध्‍ययनों से पता चलता है कि यह कोर्टिसोल जो कि प्राथमिक तनाव हार्मोन होता है इसके स्राव को कम करने में मदद करता है। एक अन्‍य अध्‍ययन में योग के फायदे 24 महिलाओं में उनके तनाव को कम करके भावनात्‍मक खुशी दिलाने के लिए देखे गए। ऐसा इसलिए हुआ क्‍योंकि 3 माह तक नियमित योग करने पर महिलाओं में कोट्रिसोल हार्मोन के स्‍तर में काफी कमी आई। आप अपने अकेलेपन या तनाव को दूर करने वाले अन्‍य तरीकों के साथ ध्‍यान या अन्‍य योग का प्रयोग करते हैं तो यह आपके तनाव को कम करने में मदद कर सक

योग फॉर वेट लॉस

सूर्य नमस्‍कार और कपाल भाति प्राणायाम वजन कम करने में प्रभावी योग हैं। इनके अलावा योग के नियमित अभ्‍यास से हम अपने शरीर और इसकी जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बन सकते हैं। योग हमारे भोजन सेवन की मात्रा को नियंत्रित कर सकता है। इसके अलावा जब हम योग करते हैं तो यह हमारे शरीर में मौजूद अतिरिक्‍त वसा को कम करने में मदद करता है। जिससे हमारे मोटापे को कम करने में मदद मिलती है।

योग के लाभ मुद्रा में सुधार करे

आज के व्‍यस्‍त जीवन में आराम के लिए समय निकालना मुश्किल है। ऐसी स्थिति में लंबे समय तक कुर्सी में बैठकर काम करने से आपकी रीढ़ की हड्डी को नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही दिन खत्‍म होते ही भारी थकान का अनुभव कर सकते हैं। लेकिन कुछ योगाभ्‍यासों को अपनाकर आप अपनी मुद्रा में सुधार कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपनी गर्दन और पीठ के दर्द से भी छुटकारा पा सकते हैं।

योग के फायदे इन हिंदी

शारीरिक लाभ और विभिन्‍न प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने के लिए योग के फायदे जाने जाते हैं। योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को भी बढ़ावा देता है। आप ऊपर बताए गये योगों को अपनाकर स्‍वास्‍थ्‍य लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं। योग आपके शरीर को फिट रखने का सबसे अच्‍छा तरीका हो सकता है। योग के सबसे प्रमुख लाभों में वजन को नियंत्रित करना, मांसपेशियों को मजबूत करना, हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देना, ऊर्जा बढ़ाना आदि शामिल हैं। आइए विस्‍तार से जाने योग के फायदे क्‍या हैं।

Morning workout- 5 Flexibility Exercises

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“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।