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योग

शुतुरमुर्गासन योग करने का तरीका

शुतुरमुर्गासन योग एक सरल आसन है इसे करना बहुत ही आसान हैं इसे किसी भी उम्र का व्यक्ति आसानी से कर सकता हैं। नीचे इस आसन को करने की कुछ स्टेप दी गई है जिसकी मदद से आप इसे आसानी से कर सकते हैं।

शुतुरमुर्गासन योग करने से पहले यह आसन करें

शुतुरमुर्गासन योग करने से पहले आप नीचे दिए गए कुछ आसन का अभ्यास करें जिससे आपको इस आसन करने में आसानी होगी-

वीरभद्रासन
गरुड़ासन
पश्चिमोत्तानासन
जानुशीर्षासन

शुतुरमुर्गासन योग करने की विधि और उसके लाभ

शुतुरमुर्गासन (Sutarmurgasana) हमारी योग श्रंखला की एक और महत्वपूर्ण योग आसन है। इस योग को करने वाला व्यक्ति एक शुतुरमुर्ग के सामान खड़ा हुआ दिखाई देता है। शुतुरमुर्गासन योग हमारे लिए कई प्रकार से लाभदायक होता है। यह योग आसन हमारी अनेक प्रकार की समस्या जैसे कमर दर्द, गैस की समस्या को कम करना, पेट की चर्बी कम करना और हमारे शरीर को मजबूत करने में मदद करता है। कुछ लोग इस योग को खरगोश योग मुद्रा (Rabbit Yoga Pose) के नाम से भी जानते है। आइये शुतुरमुर्गासन योग को करने की विधि और उससे होने वाले लाभों को विस्तार से जानते हैं।

ब्रह्मचर्यासन योग के फायदे लंबे समय तक सेक्स करने में

ब्रह्मचर्यासन योग उन लोगों के लिए बढ़िया जो बार-बार नाइट फेल और यौन उत्तेजना की कमी से पीड़ित हैं, यह योग वृषण और पाचन तंत्र के काम को विनियमित करने में भी बहुत उपयोगी है। ब्रह्मचर्यासन योग करने के लिए आप पहले घुटना टेक कर या वज्रासन में बैठ जाएं। अपने दोनों पैरों को जांघों से बाहर की ओर रखें। फिर अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रख लें। इस ब्रह्मचर्यासन योग की स्थिति में आप अपनी क्षमता के अनुसार बैठे।

देर तक सेक्स करने के लिए योग कंधरासन

योगा गुरुओं के अनुसार कंधरासन भी मर्दाना कमजोरी, शीघ्रपतन और दुसरे शारीरिक रोग जड़ से मिटने में काफी उपयोगी माना जाता है। कंधरासन योग पुरुष और महिला दोनों की यौन इच्छा को बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा है। इसके अलावा यह एक पुरुष के शुक्राणुओं और एक महिला के अंडाशय के कामकाज को मजबूत करने में मदद करता है, जिससे जोड़ों के बांझपन को दूर करने में मदद मिलती है। कंधरासन योग मासिक धर्म संबंधी विकारों को हल करने में मदद करता है, संक्रमण के कारण होने वाले योनि स्राव को ठीक करता है और योनि के भीतर स्नेहन को बढ़ाता है। कंधरासन योग करने के लिए आप एक योगा मैट को बिछाकर उस पर सीधे लेट जाएं।

सेक्स टाइम बढ़ाने के लिए योग गरुड़ासन

गुप्त रोग ठीक करने में लाभदायक गरुड़ासन योग वृषण, प्रोस्टेट ग्रंथि से संबंधित विकारों से छुटकारा दिलाता है और शीघ्रपतन को हराने में मदद करता है। यह योग मूत्र पथ और अन्य प्रजनन विकारों के रोगों के लक्षणों को दूर करने में मदद करने के लिए भी बहुत अच्छा है। गरुड़ासन करने के लिए आप साफ़ स्थान पर योगा मैट को बिछाकर खड़े हो जाएं। अपने बाएं पैर को उठाये और दाएं पैर की जांघ पर जांघ रखते हुये बाएं पैर की उँगलियों को फर्श पर रखें। दोनों हाथों को सामने करके कोहिनी से ऊपर की ओर मोड़े और 90 डिग्री का कोण बनायें। अपने दोनों हाथों को क्रॉस की स्थिति में रखें।

शीघ्रपतन ठीक करने के लिए योग उत्तानपादासन

उत्तानपादासन योग मुख्य रूप से आपकी आंतों के काम को मजबूत करता है। यह योग आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार एक स्वस्थ शरीर को बनाए रखने की कुंजी है, जिसके कई फायदे हैं। उत्तानपादासन योग कब्ज और पाचन समस्याओं को भी ठीक करता है और चयापचय को बढ़ाता है। पाचन तंत्र पर पड़ने वाले सभी सकारात्मक प्रभावों के कारण यह माना जाता है कि इस योग से पुरुष को स्खलन की दर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है, जिससे पुरुषों ने शीघ्रपतन को हरा दिया जाता है। उत्तानपादासन करने के लिए सबसे पहले फर्श पर योगा मैट बिछाकर सीधे लेट जाइये।

सेक्स स्टेमिना बढ़ाने के लिए योग भुजंगासन

भुजंगासन योग पीठ दर्द और सर्वाइकल के दर्द को ठीक करने के लिए बहुत अच्छा है। भुजंगासन योग बिस्तर में लंबे समय तक रहने और शीघ्रपतन के किसी भी समस्या को ठीक करने की क्षमता बढ़ाने में भी बहुत प्रभावी है। इस आसन को करने से जननांग सुदृढ़ होने के साथ-साथ पेल्विक (pelvic) और ग्रॉइन (groin) अंगों में लचिलापन आ जाता है। इस आसन को करने लिए आप एक योगा मैट को बिछा के उस पर पेट के बल लेट जाएं जिसमे आपकी पीट ऊपर की ओर रहे। अपने दोनों हाथों को जमीन पर रखें। अब अपने दोनों हाथों पर वजन डालते हुये धीरे-धीरे अपने सिर को पीछे के ओर करें और ठुड्डी को ऊपर की ओर करने का प्रयास करें। आप इस भुजंगासन योग में 20 से 30

लंबे समय तक सेक्स करने के लिए योग गोमुखासन

गोमुखासन योग हर्निया और हाइड्रोसिल (hydrosols) यानि वृषण में तरल पदार्थ का निर्माण करने में मदद करता है, यह पुरुषों को अपने स्खलन को अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में भी मदद करता है। गोमुखासन योग यकृत, गुर्दे और श्वसन प्रणाली को मजबूत करने में भी मदद करता है। इस आसन को करने के लिए आप आप सबसे पहले एक योगा मैट बिछा कर सुखासन में बैठ जाएं। अपने दाएं पैर को खींच के अपने शरीर के पास लाएं फिर अपने बाएं पैर को भी खींच के दाएं पैर की जांघ के ऊपर से अपने पास लाएं। अब अपने दाएं हाथ को कंधे के ऊपर से पीठ पर ले जाएं और बाएं हाथ को कोहनी के यहाँ से मोड़ कर पीठ के पीछे ले जाये और अपने दोनों हाथों को