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योगा करें गर्दन की चरबी हटायें

जैसे जैसे उम्र बढती है वैसे वैसे हमारा शरीर विकास की ओर भी आगे कूच करता है और अधोगति भी करता है । यह अधोगति का मतलब कुछ बीमारियाँ, रोग आदि। हमारी उम्र हमारे चेहरे से साफ दिखती है। हम उन सब पर तो संपूर्ण ध्यान रखते हैं। किन्तु हमारे शरीर के कुछ हिस्से ऐसे है जिसे हम नजरअंदाज करते है। हमारी पीठ, हमारी गर्दन आदि। हमारी गर्दन में लम्बे समय के बाद दर्द शुरु हो जाता है। कुछ लोगो को तो छोटी से उम्र में ही यह दर्द होता है।

उम्र के बढ़ने से गर्दन की चमड़ी ढीली पड़ जाती है, तो मोटापे से चरबी बढ़ जाती है। दोनों ही स्थिति में जहां बुढ़ापा झलकने लगता है वहीं दूसरी ओर चेहरे की सुंदरता नष्ट होने लगती है। इस समस्या से लिपटने के लिए एक अनोखा योग है और वह है ब्रह्म मुद्रा योगासन। आइए हम आप को अवगत कराते है इस योग से। नमाज पढ़ते वक्त या संध्या वंदन करते वक्त मुद्रासन को किया जाता है , क्योंकि इस आसन में गर्दन को चारों दिशा में घुमाया जाता है।

पहला टिप्स : करें ब्रह्म मुद्रा- योग में इसका स्थान बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। नमाज पढ़ते वक्त या संध्या वंदन करते वक्त उक्त मुद्रासन को किया जाता रहा है, क्योंकि इस आसन में गर्दन को चारों दिशा में घुमाया जाता है।

कैसे करें- पद्मासन, सिद्धासन या वज्रासन में बैठकर कमर तथा गर्दन को सीधा रखते हुए गर्दन को धीरे-धीरे दाईं ओर ले जाते हैं। कुछ सेकंड दाईं ओर रुकते हैं, उसके बाद गर्दन को धीरे-धीरे बाईं ओर ले जाते हैं। कुछ सेकंड तक बाईं ओर रुककर फिर दाईं ओर ले जाते हैं, फिर वापस आने के बाद गर्दन को ऊपर की ओर ले जाते हैं। उसके बाद नीचे की तरफ ले जाते हैं। फिर गर्दन को क्लॉकवाइज और एंटीक्लॉकवाइज घुमाएं। इस तरह यह एक चक्र पूरा हुआ। अपनी सुविधानुसार इसे 4 से 5 चक्रों में कर सकते हैं।

सावधानियां- जिन्हें सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस या थॉइराइड की समस्या है वे ठोड़ी को ऊपर की ओर दबाएं। गर्दन को नीचे की ओर ले जाते समय कंधे न झुकाएं। कमर, गर्दन और कंधे सीधे रखें। गर्दन या गले में कोई गंभीर रोग हो तो योग चिकित्सक की सलाह से ही यह मुद्रासन करें।

इसके लाभ- जिन लोगों को सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, थॉइराइड ग्लांट्स की शिकायत है उनके लिए यह आसन लाभदायक है। इससे गर्दन की मांसपेशियां लचीली तथा मजबूत होती हैं। आध्यात्मिक ‍दृष्टि से भी यह आसन लाभदायक है। आलस्य भी कम होता जाता है तथा बदलते मौसम के सर्दी-जुकाम और खांसी से छुटकारा भी मिलता है।

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