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किडनी रोग में कपालभाति प्राणायाम के लाभ

गुर्दे की समस्यायों लिए करें योग

आज के आधुनिक जीवनशैली के कारण लोगों को कई तरह की बीमारियाँ, जैसे- डाइबीटिज, हाई ब्लड-प्रेशर, हर्ट डिजीज आदि हो रहे हैं जिसके कारण किडनी के ऊपर बहुत बूरा प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए किडनी की बीमारी आज तेजी से बढ़ रही हैं। इस रोग का पता पहले अवस्था में ही नहीं चलता है, इसलिए किडनी को स्वस्थ रखना बहुत ज़रूरी हो जाता है।गुर्दे( Kidney) को नुकसान में कई चरणो में वर्गीकृत किया जाता है। योग केवल प्रारंभिक चरण मे मददगार होना पाया जाता है।

शरीर की हर बीमारी का नाश कर सकने में सक्षम प्राणायाम:

9 महीने तक नियम से सुबह शाम आधा घंटा प्राणायाम को परहेजों के साथ करने से निश्चित रूप से हर खतरनाक से खतरनाक बीमारी में भी आराम मिलते देखा गया है !
प्राण स्वस्थ हो तो शरीर को कोई भी बीमारी छू नहीं सकती है !
सिर्फ एक मणिपूरक चक्र के ही जागने भर से शरीर के सभी रोगों का नाश होने लगता है जबकि भारतीय हिन्दू धर्म ग्रन्थों में बहुत से ऐसे अद्भुत योग, आसन व प्राणायाम का वर्णन है जो एक साथ कई चक्रों को जगाते हैं जिनसे पूरा शरीर ही एकदम स्वस्थ और दिव्य होने लगता है। सिर्फ योग, आसन व प्राणायाम कैसे, किसी भी मानव शरीर का बिना किसी मेकअप के, सही में कायाकल्प कर देते हैं !