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आसन

सेतुबंधासन करते समय सावधानियां

अन्य योग मुद्रा की तरह सेतु बंधासन करने से भी फायदों के साथ इसका नुकसान भी हो सकता है। इसलिए इस आसन का अभ्यास करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी होता है।
प्रेगनेंट महिलाएं सेतु बंधासन कर सकती हैं लेकिन उन्हें योगा एक्पर्ट की देखरेख में ही यह आसन करना चाहिए।
यदि आपके घुटनों में गंभीर दर्द हो तो इस आसन को न करें।
सेतु बंधासन का अभ्यास करते समय अपने सिर को दाएं और बाएं घुमाने से बचें।
यदि आपके गर्दन, पीठ, कंधे एवं कमर में चोट लगी हो तो सेतु बंधासन का अभ्यास न करें।

सेतुबंधासन के लाभ मासिक धर्म में

माना जाता है कि सेतु बंधासन स्त्रियों में मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को दूर करने में बहुत सहायक होता है। यह अधिक उम्र की स्त्रियों में मेनोपॉज के लक्षणों को दूर करने में प्रभावी रूप से कार्य करता है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह आसन अच्छा माना जाता है।

अच्छे पाचन में सेतुबंधासन के फायदे

सेतुबंधासन पाचन अंगो (digestive organs)  विशेषरूप से कोलन का मसाज करने का काम करता है इसलिए इस आसन का प्रतिदिन अभ्यास करने से पाचन क्रिया ठीक रहती है।

सेतुबंधासन के फायदे थॉयराइड की समस्या में

सेतुबंधासन करते समय फेफड़े खुलते हैं और इस कारण थॉयराइड से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। इस आसन को करने से नितंब मजबूत होते हैं और थके हुए पैरों को भी राहत मिलती है। इसके अलावा यह अर्थराइटिस को दूर करने में भी मदद करता है।

सेतुबंधासन के फायदे डिप्रेशन दूर करने में

इस आसन का प्रतिदिन और सही तरीके से अभ्यास करने से डिप्रेशन, स्ट्रेस और चिंता दूर हो जाती है और व्यक्ति का मस्तिष्क शांत रहता है। मन को शांत रखने के लिए सेतु बंधासन काफी लोकप्रिय आसन माना जाता है। माइग्रेन की समस्या को दूर करने में भी यह आसन बहुत सहायक होता है।

मांसपेशियों को मजबूत बनाने में सेतुबंधासन के फायदे

सेतु बंधासन करने से पीठ की मांसपेशियां लचीली (flexible) और मजबूत होती हैं। यह मांसपेशियों में खिंचाव (stretch) उत्पन्न करता है और मांसपेशियों में तनाव से राहत प्रदान करने में मदद करता है। इसके अलावा यह आसन रीढ़ की हड्डी, सीने(chest) और गर्दन में खिंचाव उत्पन्न कर उन्हें टोन करने का काम करता है।

पश्चिमोत्तानासन करने के फायदे पेट की चर्बी दूर करने में

सही तरीके से पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास करते समय पेट (abdomen) की मांसपेशियों खिंचती हैं जिसके कारण पेट और उसके आसपास की जगहों पर जमी चर्बी दूर हो जाती है।

तनाव दूर करने में पश्चिमोत्तानासन के फायदे

पश्चिमोत्तानासन करने से पूरे शरीर के साथ सिर और गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव उत्पन्न होता है जिसके कारण यह आसन तनाव, चिंता, और मस्तिष्क से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में बहुत सहायक होता है। इसके अलावा यह क्रोध और चिड़चिड़ापन (irritability) को भी दूर करता है और दिमाग को शांत रखता है।

पश्चिमोत्तानासन करने का तरीका

किसी भी आसन का अभ्यास शुरू करने से पहले उसके सही तरीकों के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेना चाहिए अन्यथा उस आसन का पूरा लाभ हमें नहीं मिल पाता है।

तो आइये जानते हैं कि पश्चिमोत्तानासन करने का सही तरीका क्या है –

हनुमानासन करते समय सावधानियां

आसन का अभ्यास करते समय कुछ बिंदु हमेशा ध्यान में रखना चाहिए क्योंकि योगा या आसन सेहत के लिए जितना लाभकारी होता है, शरीर में कोई विशेष परेशानी होने पर आसन का अभ्यास करना हानिकारक भी हो सकता है। इसलिए हनुमानासन का अभ्यास करते समय ये सावधानियां बरतें।