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आसन

चक्‍की चलनासन

अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो रोज़ाना चक्की चलनासन का अभ्यास ज़रूर करें। इससे कुछ ही दिनों में फर्क नज़र आने लगेगा।

चक्‍की चलनासन करने की विधि
समतल ज़मीन पर दरी या चटाई बिछाकर बैठ जाइए।
अब अपने दोनों पैरों को आपस में सटा कर सामने की ओर फैलाएं।
फिर अपने दोनों हाथों को आपस में मिलाकर पकड़ लें।
अब दोनों हाथों को 5 से 6 बार घड़ी की दिशा में घुमाएं।
फिर कुछ देर रूककर घड़ी की विपरीत दिशा में घुमाएं।
फिर रिलैक्स हो जाएं।

तितली आसन करने में सावधानी

अगर घुटनों में किसी प्रकार की चोट या दर्द हो तो यह आसन ना करें।
यदि आपको साइटिका या पीठ के निचले हिस्से में दर्द हो तो तितली आसान ना करें।
इस आसन को करते समय पैरों को ज्यादा जोर से नहीं हिलाएं। जितना हो सके उतना ही करे| अभ्यास करते रहने से धीरे धीरे आपके पैर अच्छे से मुड़ने लगेंगे|
ऊपर आपने जाना तितली आसन के फायदे Titli Asana in Hindi यदि आप भी उपरोक्त लाभ चाहते है तो तितली आसन का अभ्यास जरूर करे| योग शरीर व मन का विकास करता है| इसके अनेक शारीरिक और मानसिक लाभ हैं

तितली आसन का सरल रूपांतर

तितली आसन को आसान बनाने के लिए पैरों को शरीर के कम करीब लायें।
अगर घुटनों में दर्द महसूस हो, या जो महिलायें गर्भावस्था में हो, उन्हे घुटनों के नीचे एक तौलिया या कंबल गोल करके रख लेना चाहिए।
यदि आपके पीठ के निचले हिस्से में तकलीफ है तो रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर ही यह मुद्रा करें
 

तितली आसन के फायदे (लाभ)

शरीर लचीला बनाये: जाँघो,कटि प्रदेश व् घुटनो का अच्छा खिंचाव होने से श्रोणि व् कूल्हों में लचीलापन बढ़ता है।

मांसपेशियों का खिचाव करें कम: तितली आसन करने से अंदरूनी जांघ की मांसपेशियों में बहुत खिचाव होता है, जो इस आसन से ख़त्म हो जाता है।

पैरो की थकान दूर करे: लम्बे समय तक खड़े रहने व् चलने की वजह से होने वाले थकान को मिटाता है।

मासिक धर्म में दिलाये आराम: मासिक धर्म के दौरान होने वाली असुविधा व् रजोनिवृति के लक्षणों से आराम।

तितली आसन करने का तरीका

पैरों को सामने की ओर फैलाते हुए बैठ जाएँ,रीढ़ की हड्डी सीधी रहे।
घुटनो को मोड़ें और दोनों पैरों को श्रोणि की ओर लाएँ,पाँव के तलवे एक दुसरे को छूते हुए।
दोनों हाथों से अपने दोनों पाँव को कस कर पकड़ लें। सहारे के लिए अपने हाथों को पाँव के नीचे रख सकते हैं।
एड़ी को जननांगों के जितना करीब हो सके लाने का प्रयास करें।
लेकिन हां यह करते वक्त ध्यान रहे कि हाथ सीधे रहें और शरीर भी पूरी तरह सीधा होना चाहिए|
ऐसा इसलिए करना चाहिए ताकि रीढ़ की हड्डी सीधी हो जाए|
लंबी,गहरी साँस ले, साँस छोड़ते हुए घुटनो व् जांघो को फर्श की ओर दबाएँ।

तितली आसन के फायदे और करने के तरीके

योग के अंतर्गत कई आसन आते है| सभी से शरीर को भिन्न भिन्न लाभ मिलते है| कुछ आसन करने में बेहद ही सरल होते है तो कुछ कठिन| यदि आप घर पर ही आसन करना चाहते है, तो सरल आसनो का चयन करना बेहतर है| इन्ही में से एक आसन है तितली आसन इन आसनों को करने से भले ही आपने केवल फायदों के बारे में सुना है| लेकिन यदि इन आसनो को गलत तरीके से किया जाये तो यह हमारे शरीर को नुकसान भी पंहुचा सकते है| आज हम तितली आसन के फायदे (Titli asana) और करने का तरीके को जानेगें

बकासन करने के फायदे रीढ़ की हड्डी को टोन करने में

बकासन करने से पीठ और पेट की मांसपेशियां सीधी अवस्था में हो जाती हैं। यह आसान रीढ़ की हड्डी को टोन करने का कार्य करता है जिसके कारण हड्डी से जुड़े रोगों का खतरा कम होता है।

शरीर को लचीला बनाने में बकासन के फायदे

बकासन करने से शरीर की मांसपेशियां लचीली होती है जिससे व्यक्ति का शरीर आकर्षक दिखायी देता है। यह आसन करने से कलाई और भुजाएं भी मजबूत होती हैं जिससे व्यक्ति को हाथों में आसानी से चोट नहीं लगती है।

बकासन के फायदे मानसिक मजबूती के लिए

प्रतिदन निर्धारित समय पर बकासन करने से व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत होता है और वह हर तरह की परेशानियों का सामना आसानी से कर सकता है। यह आसन करने से व्यक्ति में ऐसी क्षमता विकसित होती है कि वह भावनात्मक रूप से कमजोर नहीं पड़ता है।

बकासन करने के फायदे

चूंकि इस आसन को करने में पूरे शरीर एक साथ शामिल होता है इसलिए शरीर के सभी अंगों को इसका लाभ पहुंचता है। बकासन करने से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास तो पैदा होता ही है साथ में वह भावनात्मक रूप से भी मजबूत होता है। इसके अलावा बकासन करने के अन्य फायदे निम्न हैं।