योग
पेट के रोग में राम-बाण है अग्निसार क्रिया
हमारे शरीर को 13 प्रकार की अग्नियां चलाती हैं, जिनमें खाना पचाने में उपयोगी सात धातुओं की अग्नि, पांच भूतों की अग्नि व एक भूख लगाने वाली जठराग्नि होती है। अतः जो इन 13 प्रकार की अग्नियों को बल दे, उसे अग्निसार कहते हैं। यह क्रिया पेट के रोगों से जीवन भर बचाव के लिए बड़ी महत्वपूर्ण है। यह भी षट्कर्म का एक अभ्यास है।
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योगा करें और पायें निरोग आंखें
आखों के योग अपनाकर आजीवन अपनी दृष्टि को मजबूत बना सकते हैं। निश्चित अंतराल के बाद आखों की रोशनी अपने-आप कम हो जाती है। आखों के आसपास की मांसपेशियां अपने लचीलेपन को समाप्त कर देती हैं और कठोर हो जाती हैं। लेकिन अगर आखों के आस-पास की मासपेशिया मजबूत हों तो आखों की रोशनी बढ़ती है। आखों और दिमाग के बीच एक गहरा संबंध होता है। दिमाग की 40 प्रतिशत क्षमता आखों की रोशनी पर निर्भर होती है। जब हम अपनी आखों को बंद करते हैं तो दिमाग को अपने-आप आराम मिलता है। दुनिया की कुल आबादी की 35 प्रतिशत जनसंख्या निकट दृष्टि दोष और दूरदृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) से ग्रस्त है जिसकी वजह से लोग मोटे-मोटे चश्मों का प्र
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पेट, कमर और पीठ के लिए करें योगा
यदि आपका पेट थुलथुल हो रहा है, कमर मोटी हो चली है या पीठ दुखती रहती है, तो योग की यह हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें। इस एक्सरसाइज के नियमित अभ्यास करते रहने से निश्चितरूप से जहां पेट फ्लैट हो जाएगा वहीं कमर भी छरहरी हो जाएगी।
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अगर एनर्जी पानी है, तो कीजिए ये योग मुद्राएं
योगा आपके शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम करता है। ये एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और शरीर और आत्मा का मिलन होता है। योगा से तनाव तो कम होता ही है, साथ ही ये वजन कम करने से लेकर कई अन्य बीमारियों के इलाज में कारगर साबित होता है।
बालासन
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ਜੇ waterਰਜਾ ਪਾਣੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਇਹ ਯੋਗਾ ਆਸਣ ਕਰੋ
ਯੋਗਾ ਤੁਹਾਡੇ ਸਰੀਰ, ਮਨ ਅਤੇ ਆਤਮਾ ਨੂੰ ਇਕੱਠਾ ਕਰਨ ਲਈ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ. ਇਹ ਇੱਕ ਰੂਹਾਨੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਹੈ. ਇਹ ਸਰੀਰ ਨੂੰ energyਰਜਾ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਰੀਰ ਅਤੇ ਆਤਮਾ ਦਾ ਮਿਲਾਪ. ਯੋਗਾ ਨਾ ਸਿਰਫ ਤਣਾਅ ਨੂੰ ਘਟਾਉਂਦਾ ਹੈ, ਬਲਕਿ ਭਾਰ ਘਟਾਉਣ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਕਈ ਹੋਰ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਵੀ ਇਹ ਅਸਰਦਾਰ ਸਿੱਧ ਹੁੰਦਾ ਹੈ.
ਬਾਲਸਨ
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10 मिनट का ये आसन आपको दिलाएगा कमर दर्द से राहत
दिन भर दफ्तर में बैठकर काम करने से अगर आप कमर दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं तो 10 मिनट का ये योग आपकी इस समस्या को दूर कर देगा। अगर आप रोज 10 मिनट कोणासन का अभ्यास करेंगे तो आपको इसके कई और भी फायदे नजर आएंगे।
इस आसन से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर की स्ट्रेचिंग होती है। इसके अलावा यह पेट, शरीर के निचले हिस्से, कमर, बाजू और पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करने में फायदेमंद है। अगली स्लाइड में जानें इसे करने का तरीका
ਇਹ 10 ਮਿੰਟ ਦਾ ਆਸਣ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਮਰ ਦਰਦ ਤੋਂ ਰਾਹਤ ਦੇਵੇਗਾ
ਜੇ ਤੁਸੀਂ ਦਿਨ ਭਰ ਦਫਤਰ ਵਿਚ ਕੰਮ ਕਰਕੇ ਕਮਰ ਦਰਦ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਨਾਲ ਜੂਝ ਰਹੇ ਹੋ, ਤਾਂ ਇਹ 10 ਮਿੰਟ ਦਾ ਯੋਗਾ ਤੁਹਾਡੀ ਸਮੱਸਿਆ ਨੂੰ ਦੂਰ ਕਰੇਗਾ. ਜੇ ਤੁਸੀਂ ਹਰ ਦਿਨ 10 ਮਿੰਟ ਲਈ ਕੋਨਾਸਨਾ ਦਾ ਅਭਿਆਸ ਕਰਦੇ ਹੋ, ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸਦੇ ਹੋਰ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਫਾਇਦੇ ਦਿਖਾਈ ਦੇਣਗੇ.
ਇਹ ਆਸਣ ਰੀੜ੍ਹ ਦੀ ਹੱਡੀ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਰੀਰ ਨੂੰ ਤਣਾਉਂਦਾ ਹੈ. ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਹ ਪੇਟ, ਹੇਠਲੇ ਸਰੀਰ, ਕਮਰ, ਬਾਹਾਂ ਅਤੇ ਲੱਤਾਂ ਦੀਆਂ ਮਾਸਪੇਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਬਣਾਉਣ ਵਿਚ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ. ਜਾਣੋ ਅਗਲੀ ਸਲਾਈਡ ਵਿਚ ਇਸ ਨੂੰ ਕਿਵੇਂ ਕਰਨਾ ਹੈ
'यम' है योग का प्रथम अंग
यह हम सब को संभाले हुए है। निश्चित ही यह मनुष्य का मूल स्वभाव भी है। यम से मन मजबूत और पवित्र होता है। मानसिक शक्ति बढ़ती है। इससे संकल्प और स्वयं के प्रति आस्था का विकास होता है।
यम के पाँच प्रकार हैं- (1) अहिंसा, (2) सत्य, (3) अस्तेय, (4) ब्रह्मचर्य और (5) अपरिग्रह
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ਯਾਮਾ ਯੋਗਾ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਭਾਗ ਹੈ
ਇਹ ਸਾਡੇ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਸੰਭਾਲ ਰਿਹਾ ਹੈ. ਯਕੀਨਨ ਇਹ ਮਨੁੱਖ ਦਾ ਮੁ natureਲਾ ਸੁਭਾਅ ਵੀ ਹੈ. ਯਮ ਦੁਆਰਾ ਮਨ ਨੂੰ ਮਜਬੂਤ ਅਤੇ ਸ਼ੁੱਧ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ. ਮਾਨਸਿਕ ਤਾਕਤ ਵੱਧਦੀ ਹੈ. ਇਹ ਆਪਣੇ ਵਿਚ ਦ੍ਰਿੜਤਾ ਅਤੇ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਵੱਲ ਅਗਵਾਈ ਕਰਦਾ ਹੈ.
ਇੱਥੇ ਪੰਜ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀਆਂ ਯਮ ਹਨ - (1) ਅਹਿੰਸਾ, (2) ਸੱਤਿਆ, (3) ਅਸਟਯਾ, (4) ਬ੍ਰਹਮਾਚਾਰੀਆ ਅਤੇ (5) ਅਪਰਿਗ੍ਰਹਿ
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डायबिटीज और तोंद को कंट्रोल करे कुर्मासन योग
कुर्म का अर्थ होता है कछुआ। इस आसन को करते वक्त व्यक्ति की आकृति कछुए के समान बन जाती है इसीलिए इसे कुर्मासन कहते हैं।
कुर्मासन की विधि : सबसे पहले आप वज्रासन में बैठ जाएं। फिर अपनी कोहनियों को नाभि के दोनों ओर लगाकर हथेलियों को मिलाकर ऊपर की ओर सीधा रखें।
इसके बाद श्वास बाहर निकालते हुए सामने झुकिए और ठोड़ी को भूमि पर टिका दें। इस दौरान दृष्टि सामने रखें और हथेलियों को ठोड़ी या गालों से स्पर्श करके रखें। कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद श्वास लेते हुए वापस आएं।
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