शीतली प्राणायम

सुखासन, सिद्धासन, पद्मासन, वज्रासन में बैठें। हमारे मुँह का " ० " आकार करके उससे जिव्हा को बाहर निकालना, हमारी जीव्हा भी " ० " आकार की हो जायेगी, उसी भाग से हवा अन्दर खीचनी है। और मुँह बन्द करके से साँस को नाक से बाहर छोड़ दे।

शीतली प्राणायाम करने के लाभ

  1. शरीर की अतिरिक्त गरमी को कम करने के लिये।
  2. ज्यादा पसीना आने की शिकायत से आराम मिलता है।
  3. पेट की गर्मी और जलन को कम करने के लिये।
  4. शरीर पर कहा भी आयी हुई फोड़ी को मिटाने की लिये।

वस्त्रधौति किर्या

‘वस्त्र’ का अर्थ है कपड़ा। पेट एवं भोजन नली को कपड़े से साफ करने की क्रिया वस्त्रधौति है।  वस्त्रधौति एक अत्यंत लाभकारी शोधन योग क्रिया है जो पुरे शरीर को साफ करते हुए शरीर से विषैले पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करता है। शरीर से हानिकारक पदार्थ को वस्त्र के मदद से निकाला जाता है।
योगिक ग्रन्थ हठप्रदीपिका में वस्त्रधौति को इस तरह से दर्शाया गया है।

चतुरङ्गुलविस्तारं हस्तपंचदशायतम्।
गुरुपदिष्टमार्गेण सिक्तं वस्त्रं शनैर्ग्रसेत्।
पुनः प्रत्याहरेच्चैतदुदितं धौतिकर्म तत्।। – ह.प्र. 2/24

गोमुखासन

गोमुख आसन शरीर को सुडौल और सुदृढ़ बनाने वाला योग है. योग की इस मुद्रा को बैठकर किया जाता है.इस मु्द्रा में मूल रूप से दानों हाथ, कमर और मेरूदंड का व्यायाम होता है.गोमुख आसन स्त्रियों के लिए बहुत ही लाभप्रद व्यायाम है.

कुर्मासन

कुर्मासन करने की  विधि : 

  • सबसे पहले आप वज्रासन में बैठ जाएं।
  • फिर अपनी कोहनियों को नाभि के दोनों ओर लगाकर हथेलियों को मिलाकर ऊपर की ओर सीधा रखें।
  • इसके बाद श्वास बाहर निकालते हुए सामने झुकिए और ठोड़ी को भूमि पर टिका दें।
  • इस दौरान दृष्टि सामने रखें और हथेलियों को ठोड़ी या गालों से स्पर्श करके रखें।
  • कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद श्वास लेते हुए वापस आएं।
  • यह आसन और भी कई तरीकों से किया जाता है, लेकिन सबसे सरल तरीका यही है।

कुर्मासन करने की दूसरी विधि : 

Couch Potatoes Can Practice Yoga | 8 Minute Yoga Training | with Mirra Chubarova

Yes ! Couch potatoes can practice yoga ! no more excuse ! This video is about Ideas and movements for the people which love to sit on Couch and watch TV all day long ! Take a look at some Yoga and stretching suggestions ! No equipment needed ! and yes You do not need to leave your Couch ! you can do this movements while you rest or relax on the couch ! Don't you have a Yoga mat at home ? No problem ! You can still do your workout on the Couch !

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।