योग
कर्मयोग का वास्तविक अर्थ क्या है?
समतापूर्वक कर्म ही कर्मयोग है
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हठयोग क्या है?
हठयोग शारीरिक और मानसिक विकास के लिए विश्व की प्राचीनतम प्रणाली है जिसका शताब्दियों से भारत के योगियों द्वारा अभ्यास किया गया है। मनोकायिक व्यायामों की यह एक अनन्यतम विधि है। हठयोग के आसन मानसिक प्रशांति, शारीरिक संतुलन और दिव्य प्रभाव के साथ प्रतिपादित होते हैं। इससे मेरुदंड लचीला बनता तथा स्नायु संस्थान के स्वास्थ्य में वृद्धि होती है। योगासनों से स्नायओं के मूल का आंतरिक प्राणों द्वारा पोषण होता है। अतएव योगासन अन्य व्यायामों से पृथक है।
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ਅਸ਼ਟੰਗ ਯੋਗ ਕੀ ਹੈ?
ਅਸ਼ਟੰਗ ਯੋਗਾ ਮਹਾਂਰਿਸ਼ੀ ਪਤੰਜਲੀ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ, ਚਿਤਾਵ੍ਰਿਤੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦਾ ਨਾਮ ਯੋਗਾ (ਯੋਗਸੰਤਵਰਤੀ) ਹੈ. ਇਸਦੀ ਸਥਿਤੀ ਅਤੇ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਲਈ ਕੁਝ ਉਪਾਅ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ 'ਅੰਗਸ' ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਗਿਣਤੀ ਵਿਚ ਅੱਠ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ.
ਅਸ਼ਟੰਗ ਯੋਗ ਦੇ ਤਹਿਤ ਪਹਿਲੇ ਪੰਜ ਅੰਗ (ਯਾਮ, ਨਿਯਮ, ਆਸਣ, ਪ੍ਰਾਣਾਯਾਮ ਅਤੇ ਪ੍ਰਤਿਹਾਰਾ)।
ਯਾਮਾ,
ਨਿਯਮ,
ਆਸਣ,
ਪ੍ਰਾਣਾਯਾਮ ਅਤੇ
ਕdraਵਾਉਣਾ
'ਬਾਹਰ' ਅਤੇ
ਬਾਕੀ ਤਿੰਨ ਅੰਗ (ਧਾਰਣਾ, ਧਿਆਨ, ਸਮਾਧੀ) ‘ਨੇੜਤਾ’ ਨਾਮ ਨਾਲ ਮਸ਼ਹੂਰ ਹਨ।
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अष्टांगयोग क्या है
अष्टांग योग महर्षि पतंजलि के अनुसार चित्तवृत्ति के निरोध का नाम योग है (योगश्चितवृत्तिनिरोध:)। इसकी स्थिति और सिद्धि के निमित्त कतिपय उपाय आवश्यक होते हैं जिन्हें 'अंग' कहते हैं और जो संख्या में आठ माने जाते हैं।
अष्टांग योग के अंतर्गत प्रथम पांच अंग (यम, नियम, आसन, प्राणायाम तथा प्रत्याहार)
- यम,
- नियम,
- आसन,
- प्राणायाम तथा
- प्रत्याहार
'बहिरंग' और
शेष तीन अंग (धारणा, ध्यान, समाधि) 'अंतरंग' नाम से प्रसिद्ध हैं।
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योग क्या है जानिए
परिचय : परिभाषा एवं प्रकार
‘योग’ शब्द ‘युज समाधौ’ आत्मनेपदी दिवादिगणीय धातु में ‘घञ्’ प्रत्यय लगाने से निष्पन्न होता है। इस प्रकार ‘योग’ शब्द का अर्थ हुआ- समाधि अर्थात् चित्त वृत्तियों का निरोध। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योग’ तथा ‘युज संयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा नियमन होगा। आगे योग में हम देखेंगे कि आत्मा और परमात्मा के विषय में भी योग कहा गया है।
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ਇਨ੍ਹਾਂ ਯੋਗਾਸਨਾਂ ਦਾ ਨਿਯਮਿਤ ਅਭਿਆਸ ਸਮੇਂ ਦੇ ਚਿੱਟੇ ਵਾਲਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕਦਾ ਹੈ
ਅਚਾਨਕ ਚਿੱਟੇ ਵਾਲ ਗੜਬੜੀ ਵਾਲੇ ਰੁਟੀਨ ਦਾ ਸੰਕੇਤ ਹਨ. ਜਦੋਂ ਵਾਲ ਚਿੱਟੇ ਹੋਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਤਦ ਲੋਕ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕਾਲਾ ਕਰਨ ਲਈ ਵੱਖੋ ਵੱਖਰੇ ਰਸਾਇਣਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਦੇ ਹਨ, ਜੋ ਚਮੜੀ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚਾਉਂਦੇ ਹਨ.
ਜੇ ਤੁਸੀਂ ਵੀ ਇਸ ਸਮੱਸਿਆ ਵਿਚੋਂ ਗੁਜ਼ਰ ਰਹੇ ਹੋ, ਤਾਂ ਇਨ੍ਹਾਂ ਆਸਾਨ ਯੋਗਾਂ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੇ ਵਾਲਾਂ ਨੂੰ ਚਿੱਟੇ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਚਾ ਸਕਦੇ ਹੋ.
ਹੈੱਡਸਟੈਂਡ
ਹੈੱਡਸਟੈਂਡ ਤੋਂ ਲਾਭ ਬਹੁਤ ਹਨ. ਇਸ ਦੇ ਨਿਯਮਤ ਅਭਿਆਸ ਨਾਲ, ਸਰੀਰ ਵੀ ਮਜ਼ਬੂਤ ਬਣ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਪੇਟ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ.
ਇਹ ਸਧਾਰਨ ਵਾਲਾਂ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੁੰਦਾ ਹੈ.
इन योगासनों के नियमित अभ्यास से रुकता है बालों का असमय सफेद होना
बालों का असमय सफेद होना अव्यवस्थित दिनचर्या की निशानी है. जब बाल सफेद होने लगते हैं तो फिर लोग उन्हें काला करने के लिए अलग-अलग केमिकल्स का इस्तेमाल करते हैं जो त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं.
अगर आप भी इस समस्या से गुजर रहे हैं तो इन आसान योगासनोंं से आप अपने बालों को सफेद होने से बचा सकते हैं.
शीर्षासन
शीर्षासन से होने वाले लाभ अनेक है. इसके नियमित अभ्यास से शरीर भी मजबूत बनता है और पेट संबंधित रोग नहीं होते.
बालों के लिए यह आसान सबसे लाभदायक होता है.
पतंजलि योग-दर्शन
पतंजलि योग-दर्शन में योग | योग-दर्शन में मोक्ष को अपनाने के लिये तत्वज्ञान पर अधिक बल दिया गया है। योग-दर्शन के अनुसार तत्वज्ञान की प्राप्ति तब तक नहीं हो सकती जब तक मनुष्य चित्त विकारों से परिपूर्ण है। अतः योग-दर्शन में चित्त की स्थिरता को प्राप्त करने के लिये तथा चित्तवृत्ति का निरोध करने के लिए योग-मार्ग की व्याख्या हुई है। योग-दर्शन में योग का अर्थ चित्तवृत्तियों का निरोध है। योग-दर्शन में राजयोग का विवेचन मिलता है। योग-मार्ग की आठ सीढ़ियाँ हैं। इसीलिये इसे अष्टांगयोग भी कहा जाता है।
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योग इतिहास
योग दस हजार साल से भी अधिक समय से प्रचलन में है। इससे दिमाग तरोताजा हो जाता है | यह हमें फिर से सिन्धु-सरस्वती सभ्यता के दर्शन कराता है। ठीक उसी सभ्यता से, पशुपति मुहर (सिक्का) जिस पर योग मुद्रा में विराजमान एक आकृति है, जो वह उस प्राचीन काल में योग की व्यापकता को दर्शाती है। हालांकि, प्राचीनतम उपनिषद, बृहदअरण्यक में भी, योग का हिस्सा बन चुके, विभिन्न शारीरिक अभ्यासों का उल्लेख मिलता है। छांदोग्य उपनिषद में प्रत्याहार का तो बृहदअरण्यक के एक स्तवन (वेद मंत्र) में प्राणायाम के अभ्यास का उल्लेख मिलता है। यथावत, ”योग” के वर्तमान स्वरूप के
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लॉयन फेस योग
धीरे-धीरे सांस रोकें, अपनी जीभ बाहर करें और आंखों को पूरी तरह खोलें। जीभ को जितना बाहर की ओर खींच सकते हैं उतना निकालें। इससे चेहरे का रक्त प्रवाह बढ़ेगा और त्वचा में कसाव होगा।
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