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योग

डिप्रेशन के लिए योग में करें कोबरा पोज़

कोबरा पोज़ योग तनाव को कम करके डिप्रेशन को दूर करने में मदद करता है। भुजंगासन योग करने से शरीर में रक्त का प्रवाह सही तरीके से होता है। जिससे मन भी ठीक रहता है और उसे चिड़चिड़ापन या गुस्सा बहुत कम आता है।

कोबरा पोज को करने लिए आप एक योगा मैट को बिछा के उस पर पेट के बल लेट जाएं, जिसमें आपकी पीट ऊपर की ओर रहे। अपने दोनों हाथों को जमीन पर रखें। अब अपने दोनों हाथों पर वजन डालते हुयें धीरे-धीरे अपने सिर को पीछे के ओर करें और ठुड्डी को ऊपर की ओर करने का प्रयास करें। ध्यान रखें की आपके कमर से नीचे का शरीर जमीन से ऊपर ना उठे। आप इस आसन में 20 से 30 सेकंड तक रुकने का प्रयास करें।

डिप्रेशन के लिए योगासन में करें बालासन योग

बालासन योग आसन बहुत ही सरल योग है, इसे करने वाला व्यक्ति एक छोटे बच्चे के सामान दिखाई देता है। बालासन आपके मस्तिष्क को शांत करने में मदद करता है और तनाव और चिंता से छुटकारा दिलाता है। इस योग को करते समय आप गुरुत्वाकर्षण बल के विपरीत कार्य करते है जो मानसिक और भावनात्मक राहत दिलाने में सहायक होता है।

बालासन योग को करने के लिए आप एक योगा मैट को बिछा के उस पर वज्रासन में या घुटने टेक के बैठ जाएं। अब धीरे-धीरे अपने सिर को झुकाते जाएं और जमीन पर सिर को रखें। अपने दोनों हाथों को सामने की ओर सीधे करके फर्श पर रखें। इस आसन में आप कम से कम 2 से 3 मिनिट रहने का प्रयास करें।

डिप्रेशन के लिये योग

डिप्रेशन आज बहुत सारे लोगों के जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है। लोग छोटी छोटी वजह से भी डिप्रेशन में चले जाते है। डिप्रेशन से बचने में योग आपकी मदद कर सकता है। आज हम आपको डिप्रेशन के लिये योग के बारे बताएंगे।

जब व्यक्ति किसी वजह से अत्यधिक तनाव लेने लगता है तब वह डिप्रेशन में चला जाता है और अधिकांश लोगों को इसका पता भी नहीं चलता है। पर्याप्त नींद लेना और टेंसन न लेकर भी डिप्रेशन से बचा जा सकता है।

हिप्स को शेप में लाने के लिए करें योग वीरभद्रासन

वीरभद्रासन-2 हिप्स को बड़ा करने में मदद करता हैं। यह योग मुद्रा जांघों और नितंबो की मांसपेशियों को मजबूत करती हैं। यह आसन पेट, एड़ियों और पैरों को टोन करता हैं। यह आसन पूरे शरीर में रक्त के परिसंचरण को बढ़ाता हैं। यह आसन फ्लैट पैर, सायटिका, बांझपन और ऑस्टियोपोरोसिस जैसे समस्या को ठीक करता हैं।

सेतुबंधासन योग करने के फायदे हिप्स बड़ा करने में

सेतुबंधा आसान को करने से हिप्स की मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है जो हिप्स को बड़ा करने में मदद करता है।

सेतुबंधासन योग करने के लिए आप एक योगा मैट को बिछा के उस पर सीधे लेट जाएं, अब अपने पैरों को घुटनों के यहाँ से मोड़ें और अपने हिप्स को ऊपर उठायें, अपने दोनों हाथों को पीठ के नीचे आपस में जोड़ लें। इस स्थिति में रहते हुयें 20 बार साँस लें और स्थिति से बाहर आयें।

कूल्हों को बड़ा करने के लिए करें उष्ट्रासन योग

उष्ट्रासन आसन को कैमल पोज़ के नाम से भी जाना जाता है। यह योग आपके कर्व के लिए और बड़े नितंबों के लिए ग्लूटस मांसपेशियों के लिए फायदेमंद है। उष्ट्रासन योग करने में थोड़ा कठिन लग सकता है, आप इसे सावधानी के साथ करें।


 
उष्ट्रासन करने के लिए सबसे पहले आप के योगा मैट को फर्श पर बिछा के उस पर घुटनों के बल बैठ जाएं। अब घुटनों के बल सीधे खड़े हो जाएं और अपनी पिंडलियों को फर्श पर ही रखें। साँस को अन्दर ले और कमर के यहाँ से थोड़ा सा पीछे की ओर झुके। फिर दोनों हाथों को दोनों पैरों की एड़ी पर रख लें। अब अपनी गर्दन को पीछे की ओर झुका लें।

बट साइज बढ़ाने के लिए करें योग नवासन

नियमित रूप से नवासन योग का अभ्यास करना आपके शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद होता है। यह योग आपके सभी अंगों जैसे तंत्रिकाओं, हड्डियों, और मांसपेशियों आदि पर काम करता है। आप अपने शरीर के वजन को अपने नितंबों पर संतुलित करते हैं, यानि हिप्स को बड़ा कर सकते है।

हिप्स को बढ़ने के लिए योग उत्कटासन योग

उत्कटासन योग अपने कूल्हों को सही आकार में लाना में मदद करता है। इस योग में आपके शरीर का वजन आपके पैरों पर रहता है, विशेषकर कूल्हों और जांघों की मांसपेशियों पर। यह योग आपके पैरों, खासकर कूल्हों और जांघों की मांसपेशियों को उत्तेजित करता है।

उत्कटासन योग को करने के लिए आप सबसे पहले किसी योगा मैट को फर्श पर बिछा कर उस पर सीधे खड़े हो जाएं। अपने दोनों हाथों को उठाएं और सिर के ऊपर ले जा कर जोड़ लें। अब धीरे-धीरे अपने पैरों को घुटनों से मोड़े और कूल्हों को नीचे लाएं। अपने घुटनों पर 90 डिग्री का कोण बनाने का प्रयास करें। इस मुद्रा में आप एक कुर्सी के समान दिखाई देगें।

हिप्स को बड़ा करने के लिए करें मलासन योग

अपने बट को बढ़ाने के लिए आप मलासन योग को करें। यह बहुत ही फायदेमंद योग आसान है जो आपके हिप्स को सही आकार में लाने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए आपको अपनी जांघों को दूर दूर करके बैठना पड़ता हैं जो एक अच्छा हिप्स ओपनर का कार्य करता हैं। इस हिप ओपनिंग पोज़ का अभ्यास कूल्हों में अधिक गतिशीलता प्रदान करने में मदद कर सकता है।