Skip to main content

योग

शुरुआती लोगों के लिए पादहस्तासन योग करने की टिप

यदि आप एक बिगिनर हैं और योग अभ्यास की अभी अभी शुरुआत कर रहें है तो आपको निम्न तरीके को करना चाहियें।

योग’ और ‘मेडिटेशन’ के बीच क्या अंतर है?

योग एक सम्पूर्ण प्रक्रिया व प्रणाली है जबकि मेडिटेशन या ध्यान महज एक भाग है अष्टांगिक योग प्रणाली का।

योग का अर्थ है - “मिलन”। जीव की समष्टिगत चेतना का व्यष्टिगत चेतना से एकाकार होना ही योग है।

पातंजल योगसूत्र के अनुसार - “योगश्चित्तवृत्ति निरोधः” —

अर्थात, चित्त की समस्त वृत्तियों यथा - प्रमाण-विपर्यय-विकल्प-निद्रा और स्मृति रूप समस्त वृत्तियों का पूरी तरह से निरुद्ध हो जाना ही योग है।

योग समाधि को भी कहते हैं क्योंकि यह ‘योग’ शब्द “युज् समाधौ” से निष्पन्न होता है, ना कि “युजिर् योगे” संयोग अर्थ वाली युजिर धातु से।

बुजुर्गों के लिए योगासन- भुजंगासन

भुजंगासन करने से बुजुर्गों के शरीर में रक्त प्रवाह सुधरता है और उनकी कमर और कंधों की मसल्स को मजबूती मिलती है। इससे वह काफी ऊर्जावान महसूस करते हैं। इसे करने के लिए जमीन पर पेट के बल लेट जाएं। अब तलवों को रखते हुए एड़ियों को मिलाकर रखें। अब हथेलियों को कंधों के ठीक नीचे रखें और कोहनियों को अपने शरीर के पास रखें। अब गहरी सांस लें और अपनी छाती और सिर को ऊपर की तरफ उठाएं। जितना हो सके अपनी सिर और छाती को पीछे की तरफ खींचे। इसी अवस्था में कुछ सेकेंड रहने की कोशिश करें और फिर सांस छोड़ते हुए आराम से पिछली अवस्था में लौट आएं।

ब्रेस्ट साइज बढ़ाना चाहती हैं, तो आज से शुरू कर दें योग

क्या आप विश्वास करेंगीं अगर मैं कहूं कि योग आपके स्तनों को बड़ा कर सकता है?

योग एक परिचय

योग भारतीय वैदिक परंपरा की अमूल्य देन है योग का प्रारंभिक ज्ञान वैदिक दर्शन से ही प्राप्त हुआ है ऋग्वेद में सर्वप्रथम योग संबंधी विचारधारा का उल्लेख मिलता है वेद भारतीय अध्यात्म दर्शन की के प्रेरणा स्रोत हैं वेदों में ही मानव मुक्ति हेतु योग दर्शन के ज्ञान का प्रादुर्भाव मिलता है

योग से पाएं खतरनाक रोगों पर नियंत्रण

किसी कठिन और थका देने वाली दो-ढाई घंटे लंबी कसरत के बजाय बीस से तीस मिनट तक किया जाने वाला योगाभ्यास ज्यादा कारगर होता है। कसरत में फिर भी नुकसान की गुंजाइश रहती है क्योंकि पता नहीं शरीर में कौन सा रोग पल रहा है और की जा रही कसरत अपने दबाव से उस रोग को बढ़ा या बिगाड़ दे।

कमर दर्द के लिए 4 योगासन

कमर का दर्म कमर तोड़ देता है। कमर का दर्द असहनीय होता है। पीठ दर्द, कमर दर्द, सरवाइकल और कमर से जुड़ी अन्य समस्याएं आम हो गई है। डॉक्टर भी कहते हैं कि इसका सबसे अच्छा इलाज योग (Yoga for Back pain) ही है। आओ जानते हैं कि वह कौन से आसन हैं जिससे कमर का दर्द ठीक हो जाता है। ये चार आसन है- मकरासन, भुजंगासन, हलासन और अर्ध मत्येन्द्रासन। 

4 ਕਮਰ ਦਰਦ ਲਈ ਯੋਗਾਸਨ

ਕਮਰ ਦਾ ਡਰਮੇਸ ਕਮਰ ਨੂੰ ਤੋੜਦਾ ਹੈ. ਕਮਰ ਦਰਦ ਅਸਹਿ ਹੈ. ਕਮਰ ਦਰਦ, ਕਮਰ ਦਰਦ, ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਅਤੇ ਕਮਰ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਹੋਰ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਆਮ ਹੋ ਗਈਆਂ ਹਨ. ਡਾਕਟਰ ਇਹ ਵੀ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ਕਿ ਇਸਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਇਲਾਜ ਹੈ ਪਿੱਠ ਦੇ ਦਰਦ ਦਾ ਯੋਗਦਾਨ. ਆਓ ਜਾਣਦੇ ਹਾਂ ਕਿਹੜੀਆਂ ਆਸਣ ਹਨ, ਜਿਹੜੀਆਂ ਪਿੱਠ ਦੇ ਦਰਦ ਨੂੰ ਠੀਕ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ. ਇਹ ਚਾਰੇ ਆਸਣ- ਮਕਰਸਾਨਾ, ਭੁਜੰਗਸਾਨਾ, ਹਲਸਾਨਾ ਅਤੇ ਅਰਧਾ ਮਤਯੇਦ੍ਰਾਸਨਾ।

स्लिप डिस्क के लिए योग भुजंगासन

भुजंगासन योग आपकी पीठ के निचले हिस्से और रीढ़ को एक अच्छा खिंचाव देता है और स्लिप डिस्क के कारण होने वाले दर्द से राहत देता है। भुजंगासन योग को करने लिए आप एक योगा मैट को बिछा के उस पर पेट के बल लेट जाएं जिसमे आपकी पीट ऊपर के ओर रहे। अपने दोनों हाथों को जमीन पर रखें। अब अपने दोनों हाथों पर वजन डालते हुयें धीरे-धीरे अपने सिर को पीछे के ओर करें और ठुड्डी को ऊपर की ओर करने का प्रयास करें। आप इस आसन में 20 से 30 सेकंड तक रुकने का प्रयास करें।

स्लिप डिस्क के लिए योगासन

क्या आपको भी कभी कभी कमर में अचानक से बहुत तेज दर्द होता है? यदि हां तो यह समस्या स्लिप डिस्क की वजह से हो सकती है। स्लिप डिस्क को हर्नियेट डिस्क (herniate Disc) के नाम से भी जाना जाता है। स्लिप डिस्क की समस्या आज बढ़ाती जा रही है, यह अधिकांश 22 से 40 वर्ष की उम्र के लोगों को अधिक परेशान करती है। आप इसका इलाज योग की मदद से कर सकते है, आज हम आपको स्लिप डिस्क के लिए योगासन के बारे में बताएंगे।