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योग से रोग निवारण

योग से रोग और शोक का निदान

।।ॐ।।योगश्चित्तवृत्तिनिरोध:।।ॐ।।

योग से चित्त वृत्तियों का निरोध किया जा सकता है। चित्त में ही रोग और शोक उत्पन्न होते हैं जो शरीर, मन और मस्तिष्क को क्षतिग्रस्त कर देते हैं। सदा खुश और हंसमुख रहना जीवन की सबसे बड़ी सफलता होती है।

किस रोग में कौन से योग आसन कारगर

मोटापा : वैसे तो मात्र आंजनेय आसन ही लाभयायक सिद्ध होगा लेकिन आप करना चाहे तो ये भी कर सकते हैं- वज्रासन, मण्डूकासन, उत्तानमण्डूसकासन, उत्तानकूर्मासन, उष्ट्रासन, चक्रासन, उत्तानपादासन, सर्वागांसन व धनुरासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, कटिचक्रासन, कोणासन, उर्ध्वाहस्तोहत्तातनासन और पद्मासन।

योग से पाएं खतरनाक रोगों पर नियंत्रण

किसी कठिन और थका देने वाली दो-ढाई घंटे लंबी कसरत के बजाय बीस से तीस मिनट तक किया जाने वाला योगाभ्यास ज्यादा कारगर होता है। कसरत में फिर भी नुकसान की गुंजाइश रहती है क्योंकि पता नहीं शरीर में कौन सा रोग पल रहा है और की जा रही कसरत अपने दबाव से उस रोग को बढ़ा या बिगाड़ दे।