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यम का अर्थ

बचाना है पार्लर का खर्च तो करें ये तीन योगासन, चेहरे पर नहीं दिखेगा बुढ़ापा

उम्र को रोकना तो हमारे हाथ में नहीं है लेकिन बढ़ती उम्र में होने वाली समस्याओं से खुदको दूर रखना जरूर हमारे बस में है। बढ़ती उम्र के प्रभावों को रोकने और लंबे समय तक युवा दिखने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। बाजार से तरह-तरह के एंटी एजिंग उत्पाद खरीदकर लाते हैं, तरह-तरह के ट्रीटमेंट करवाते हैं और अपना बजट बिगाड़ते हैं।

'यम' है योग का प्रथम अंग

यह हम सब को संभाले हुए है। निश्चित ही यह मनुष्य का मूल स्वभाव भी है। यम से मन मजबूत और पवित्र होता है। मानसिक शक्ति बढ़ती है। इससे संकल्प और स्वयं के प्रति आस्था का विकास होता है। 

यम के पाँच प्रकार हैं- (1) अहिंसा, (2) सत्य, (3) अस्तेय, (4) ब्रह्मचर्य और (5) अपरिग्रह

ਯਾਮਾ ਯੋਗਾ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਭਾਗ ਹੈ

ਇਹ ਸਾਡੇ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਸੰਭਾਲ ਰਿਹਾ ਹੈ. ਯਕੀਨਨ ਇਹ ਮਨੁੱਖ ਦਾ ਮੁ natureਲਾ ਸੁਭਾਅ ਵੀ ਹੈ. ਯਮ ਦੁਆਰਾ ਮਨ ਨੂੰ ਮਜਬੂਤ ਅਤੇ ਸ਼ੁੱਧ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ. ਮਾਨਸਿਕ ਤਾਕਤ ਵੱਧਦੀ ਹੈ. ਇਹ ਆਪਣੇ ਵਿਚ ਦ੍ਰਿੜਤਾ ਅਤੇ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਵੱਲ ਅਗਵਾਈ ਕਰਦਾ ਹੈ.

ਇੱਥੇ ਪੰਜ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀਆਂ ਯਮ ਹਨ - (1) ਅਹਿੰਸਾ, (2) ਸੱਤਿਆ, (3) ਅਸਟਯਾ, (4) ਬ੍ਰਹਮਾਚਾਰੀਆ ਅਤੇ (5) ਅਪਰਿਗ੍ਰਹਿ