Skip to main content

एक्सरसाइज

स्ट्रेस कम करने के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज

ब्रीदिंग एक्सरसाइज तनाव को कम करने में बहुत ही प्रभावी होती हैं। नॉर्मल ब्रीदिंग एक्सरसाइज स्ट्रेस कम करने के साथ साथ फेफड़ों को भी मजबूत करती है जो क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), अस्थमा या फेफड़ों के कैंसर से प्रभावित हैं, तो ऐसे मरीजों के लिए व्यायाम एक अच्छा विकल्प हैं। इसके लिए आप सामान्य ब्रीदिंग एक्सरसाइज और डायाफ्रामिक श्वास या बेली ब्रीदिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं। इसे करने के लिए आप किसी स्थान पर बैठ कर या पीठ के बल लेट कर गहरी लंबी साँस लें और फिर धीरे धीरे साँस को छोड़ें।

स्ट्रेस कम करने के लिए एक्सरसाइज

अधिक तनाव हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है इसलिए हमें टेंशन लेने से बचना चाहिए। आज के समय में लगभग सभी को किसी न किसी वजह से स्ट्रेस रहता ही है, किसी को ऑफिस का, वजन बढ़ाने का, पढ़ाई का और भी कई कारण होते है जिसकी वजह से लोग तनाव में आ जाते है। आप व्यायाम करके भी अपने तनाव को आसानी से कम कर सकते हैं, आज हम आपको स्ट्रेस कम करने के लिए एक्सरसाइज के बारे में बताएंगें

क्या सी सेक्शन डिलीवरी के बाद व्यायाम कर सकते हैं –

हालांकि सी-सेक्शन सर्जरी होने के बाद व्यायाम करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि आप पूरी तरह से ठीक होने तक पर्याप्त आराम करें। आप सी सेक्शन डिलीवरी के बाद योग करना शुरू कर सकती हैं, लेकिन सी सेक्शन के बाद आप योग कब कर सकती हैं यह आपके ठीक होने पर निर्भर करेगा। सी-सेक्शन एक बड़ा ऑपरेशन है, जिसमें रक्त की हानि, मांसपेशियों में कटौती और उन्हें वापस सिलाई करना होता है। महिलाएं सी सेक्शन डिलीवरी के बाद पेट के टांको और घावों के ठीक होने के बाद योग आसन कर सकती हैं।

नेल रबिंग एक्सरसाइज के पीछे विज्ञान

नाखूनों को घिसना बालायाम योग विज्ञान में एक्यूप्रेशर और रिफ्लेक्सोलॉजी हैं। रिफ्लेक्सोलॉजी (Reflexology) एक वैकल्पिक दवा है जिसमें विशिष्ट बिंदुओं पर दबाव डाला जाता है। यह आमतौर पर पैरों और हाथों के “रिफ्लेक्स एरिया (Reflex areas)” रूप में जानना जाता है, जो शरीर के अंगों में दर्द को ठीक करने या कुछ ग्रंथियों में राहत प्रदान करने के लिए विशिष्ट अंगूठे, उंगली और हाथ की तकनीक के साथ होता है।

वॉल प्रेस एक्सरसाइज करने के लिए क्या आवश्यक है

वॉल प्रेस एक्सरसाइज को करने के लिए आपको निम्न चीजों की आवश्यकता होती है।

आरामदायक कपड़े
ट्रेनिंग शूज
एक दीवार
 

वॉल प्रेस एक्सरसाइज क्या है

वॉल प्रेस एक्सरसाइज, पुशअप्स एक्सरसाइज का ही एक परिवर्तित रूप है जो कि पुशअप्स से आसान होता है। कुछ लोग इसे स्टेंडर्ड वॉल पुशअप के नाम से भी जानते है। इसे व्यायाम को करने से लिए आपको एक दीवार के सहारे की आवश्यकता होती है। पुशअप्स को करने के लिए आपको फर्श पर लेटना होता है जबकि वॉल प्रेस में आपको फर्श पर खड़े होकर दीवार को धक्का देना होता है। आइये इस व्यायाम को करने के तरीके और उससे होने वाले लाभों को विस्तार से जानते है।

वॉल प्रेस एक्सरसाइज करने का तरीका और फायदे

वॉल प्रेस एक्सरसाइज पुशअप्स की तरह ही सबसे प्रभावी व्यायाम में से एक है जिसे आप अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। वॉल प्रेस एक्सरसाइज आपके हाथों, सीना, पीठ और कंधों को टारगेट करता है और पूरे शरीर को मजबूत करता है। वॉल प्रेस व्यायाम महिलाओं के लिए ब्रेस्ट साइज़ को बढ़ाना में मदद करता है और पुरुषों के लिए सीना बनाने में मदद करता है। यदि आप वॉल प्रेस व्यायाम के बारे में जानना चाहते है तो आज हम आपको वॉल प्रेस एक्सरसाइज करने का तरीका और फायदे को विस्तार से बताएंगे।

नीचे के शरीर को मजबूत बनाने के लिए करें लंज एक्सरसाइज

बिना जिम जाएं अपने घर पर ही बॉडी बनाने के लिए लॅन्ज एक्सरसाइज बहुत ही लाभदायक हैं। यह आपके पैरों और ग्लूट्स में भी ताकत बढ़ा देता है। इस एक्सरसाइज को करने के लिए आप एक सीधे खड़े हो जाएं और अपने दाएं पैर को 2-3 फुट आगे रखें। दोनों हाथों को कमर पर रख कर अपने दाएं पैर को घुटने के यहाँ से 90 डिग्री मोड़ें। अब फिर से पैर को सीधा कर लें। यह क्रिया दोनों पैरों से 10-10 बार के 3 सेट करे।

लोअर बॉडी के लिए करे ग्लूट ब्रिज एक्सरसाइज

अपने घर पर ही बिना जिम जाएं शरीर बनाने के लिए ग्लूट ब्रिज एक्सरसाइज बहुत अच्छी मानी जाता हैं। ग्लूट ब्रिज एक्सरसाइज करने के लिए आप एक एक्सरसाइज मैट को बिछा के उस पर सीधे लेट जाएं, अब अपने पैरों को घुटनों के यहाँ से मोड़ें और अपने हिप्स को ऊपर उठायें, अपने दोनों हाथों को पीठ के नीचे आपस में जोड़ लें। इस स्थिति में रहते हुयें 20 बार साँस लें और स्थिति से बाहर आयें।