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ਯੋਗ

अगर फ्लैट टमी चाहिए तो करे ये योग

फिट और स्लिम बनने की जद्दोजहद में हम हर दिन कुछ नया करने की सोचते हैं और करते भी है लेकिन कुछ दिनों में ये सोचकर छोड़ देते हैं कि कोई फायदा नहीं हो रहा है। तो अब आपकी चिंता खत्म होने वाली है। 

इस योग को करने से आपको मिलेगी फ्लैट टमी और आपका वजन होगा सौ फी सदी कम। इस आसान योग को करते वक्त थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है और सही तरीके से किया गया योग लाभप्रद होता है।

इस योग का नाम है नौका आसन जो कि करने में आसान है और आपके पेट और जांघों की चर्बी को तेजी से कम करने में मदद करता है। नौका आसन को करने के कुछ आसान टिप्स जिनकी मदद से आप इस आसन को सही तरह से कर पाएंगे।

ਜੇ ਤੁਸੀਂ ਫਲੈਟ ਪੇਟ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ, ਤਾਂ ਇਹ ਯੋਗਾ ਕਰੋ

ਤੰਦਰੁਸਤ ਅਤੇ ਪਤਲੇ ਬਣਨ ਦੇ ਸੰਘਰਸ਼ ਵਿਚ, ਅਸੀਂ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਕੁਝ ਨਵਾਂ ਸੋਚਦੇ ਅਤੇ ਕਰਦੇ ਹਾਂ, ਪਰ ਕੁਝ ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ, ਇਹ ਸੋਚ ਕੇ ਛੱਡ ਦਿਓ ਕਿ ਕੋਈ ਲਾਭ ਨਹੀਂ. ਇਸ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਹਾਡੀ ਚਿੰਤਾ ਖਤਮ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਹੈ.

ਇਸ ਯੋਗਾ ਨੂੰ ਕਰਨ ਨਾਲ, ਤੁਸੀਂ ਫਲੈਟ ਪੇਟ ਪਾਓਗੇ ਅਤੇ ਤੁਹਾਡਾ ਭਾਰ ਇਕ ਸੌ ਸਦੀ ਘੱਟ ਹੋਵੇਗਾ. ਇਸ ਅਸਾਨ ਯੋਗਾ ਨੂੰ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਕੁਝ ਸਾਵਧਾਨ ਹੋਣ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੈ ਅਤੇ ਯੋਗ yogaੰਗ ਨਾਲ ਕਰਨਾ ਲਾਭਦਾਇਕ ਹੈ.

ਇਸ ਯੋਗਾ ਦਾ ਨਾਮ ਨੌਕਾ ਆਸਣ ਹੈ ਜੋ ਕਰਨਾ ਆਸਾਨ ਹੈ ਅਤੇ ਤੁਹਾਡੇ ਪੇਟ ਅਤੇ ਪੱਟਾਂ ਦੀ ਚਰਬੀ ਨੂੰ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਘਟਾਉਣ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਕਰਦਾ ਹੈ. ਨੌਕਾ ਆਸਣ ਕਰਨ ਦੇ ਕੁਝ ਆਸਾਨ ਸੁਝਾਅ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਆਸਣ ਨੂੰ ਸਹੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਕਰਨ ਦੇ ਯੋਗ ਹੋਵੋਗੇ.

पॉजीटिव सोच के लिए कपालभाति योग करें

एकांत में और आराम की स्थिति में किया जाने वाला योग है कपालभाती। इसे किसी भी उम्र के लोग कर सकते हैं। 

लाभ

डायबिटीज, जोड़ों का दर्द, आर्थराइटिस, सांस व पेट संबंधी रोग, कब्ज, मोटापा व तनाव जैसी बीमारियों को दूर करने के साथ ही सकारात्मक सोच विकसित होती है। दिल के रोगियों को धीमी गति से इस योग को करना चाहिए। 

कब करें 

मन और भावनाओं पर योग

जीवन में सकारात्मक विचारों का होना बहुत आवश्यक है. निराशात्मक विचार असफलता की ओर ले जाता है. योग से मन में सकारात्मक उर्जा का संचार होता है. योग से आत्मिक बल प्राप्त होता है और मन से चिंता, विरोधाभास एवं निराशा की भावना दूर हो जाती है. मन को आत्मिक शांति एवं आराम मिलता है जिससे मन में प्रसन्नता एवं उत्साह का संचार होता है. इसका सीधा असर व्यक्तित्व एवं सेहत पर होता है.

शरीर की शक्ति का ध्यान में उपयोग

शरीर को इतना शिथिल छोड़ देना है कि ऐसा लगने लगे कि वह दूर ही पड़ा रह गया है, हमारा उससे कुछ लेना-देना नहीं है। शरीर से सारी ताकत को भीतर खींच लेना है। हमने शरीर में ताकत डाली हुई है। जितनी ताकत हम शरीर में डालते हैं, उतनी पड़ती है; जितनी हम खींच लेते हैं, उतनी खिंच जाती है।

 

प्रार्थना

कोई भी कार्य किया योगाभ्यास प्रारंभ करने से पूर्व सर्वप्रथम परमपिता परमात्मा का स्मरण आवश्यक करना चाहिए योगाभ्यास से प्रारंभ में सौहार्दपूर्ण वातावरण का भी होना आवश्यक है यह वातावरण प्रार्थना श्लोक धुन गीत मंत्र आदि के द्वारा सहायता से उत्पन्न किया जा सकता है अभ्यास की पूर्ण पूर्ण भावना से युक्त होकर जब मंत्रियों प्रार्थना का उच्चारण किया जाता है तो इससे हमारा मन शांत हो जाता है एकाग्रता शक्ति बढ़ती है तथा हमारा मन कुछ भी अच्छा सीखने का ग्रहण करने के लिए तैयार रहता है

योग करें, धूम्रपान से छुटकारा पाएं

धूम्रपान के नुकसान से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन इस लत को छोड़ पाने में सभी बेहद लाचार साबित होते हैं। लेकिन ताजा अध्ययन में पता चला है कि योग के जरिए धूम्रपान की लत से छुटकारा पाने में आसानी होती है। प्राण योग के विशेषज्ञ दीपक झा ने बताया कि योग, धूम्रपान छोड़ने का एक समग्र समाधान है। साथ ही दीपक यह भी बताते हैं कि योग केवल धूम्रपान की आदतों से ही लोगों को दूर नहीं रखता बल्कि शरीर पर हुए दुष्प्रभाव को भी दूर कर देता है। धूम्रपान छोड़ने के लिए यूं तो बाजार में तमाम तरह के रासायनिक विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन इनके सहारे धूम्रपान छोड़ना उतना आसान नहीं होता।

रोज सुबह करें ये 5 योगासन, दिनभर रहेंगे तरोताजा

योग एक ऐसी प्रकिया है जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम होता है। योग के जरिए आपके शरीर और मस्तिष्‍क का मिलन होता है। योग तनाव कम करने से लेकर बीमारियों को कंट्रोल करने और वजन घटाने से लेकर तुरंत ऊर्जा प्रदान करने में सहायक होता है। योग की सरल मुद्राएं आपको व्‍यायाम के तनाव से बचने और तुरंत एनर्जी देने में मदद करती हैं। योग आपको अपने किसी भी काम में सफलता हासिल करने में मदद करता है क्‍योंकि इसके आप आसानी से अपने विचारों पर ध्‍यान लगा सकते हैं।

बालासन

योग से संभव है , साइनोसाइटिस का इलाज

साइनोसाइटिस गालों एवं ललाट की हड्डियों के साइनस (गड्ढों) में जलन या सूजन की स्थिति को कहते हैं। जब किसी कारणवश साइनस के संकरे प्रवेश मार्ग में रुकावट आ जाती है तो सिर दर्द, भारीपन, गालों एवं ललाट पर सूजन तथा आंखों में दर्द जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। यौगिक क्रियाओं के नियमित अभ्यास से इससे मुक्ति पाई जा सकती है।

योगाभ्यास के लाभ

योगाभ्यास के बहुत सारे लाभ है नियमित रूप से योग करने से हमारे शरीर की लचक बनी रहती है , और योग के अलग-अलग आसन का प्रभाव शरीर के अलग-अलग अंगों पर पड़ता है | अतः प्रातः काल प्रतिदिन योग करने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है शरीर के स्वस्थ रहने से विचार करने की क्षमता एवं मन भी प्रसन्न रहता है विद्यार्थियों के लिए तो योग करना अत्यंत आवश्यक है योग करने से विद्यार्थियों की एकाग्रता भी बढ़ती है जो लोग कहीं नौकरी करती हैं या दिनभर एक ही जगह पर बैठे रहते हैं और कोई व्यायाम नहीं कर पाती हैं ऐसे लोग प्रातः काल या जब भी उचित समय मिले नियमित रूप से योगाभ्यास के माध्यम से अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं |