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ਯੋਗ

गर्म पानी पीने से आपके शरीर को

तरल पदार्थों की पूर्ति के लिए आवश्यक पानी मिल सकता है। यह पाचन में भी सुधार कर सकता है, भीड़ से राहत दे सकता है, और यहां तक ​​कि आपको अधिक आराम भी महसूस करा सकता है। ज्यादातर लोग जो समग्र स्वास्थ्य उपाय के रूप में गर्म पानी पीते हैं, वे इष्टतम स्वास्थ्य लाभ के लिए बिस्तर से ठीक पहले सुबह या पहली बार ऐसा करते हैं।

1. नाक की भीड़ से राहत देता है

गर्भाशय तथा जननेन्द्रिय स्रावों में लाभदायक पादहस्तासन

इस आसन में हम दोनों हाथों से अपने पैर के अंगूठे को पकड़ते हैं, पैर के टखने भी पकड़े जाते हैं। चूंकि हाथों से पैरों को पकड़कर यह आसन किया जाता है इसलिए इसे पादहस्तासन कहा जाता है। यह आसन खड़े होकर किया जाता है।
 

विधि : यह आसन खड़े होकर किया जाता है। पहले कंधे और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाएँ। फिर दोनों हाथों को धीरे-धीरे ऊपर उठाया जाता है। हाथों को कंधे की सीध में लाकर थोड़ा-थोड़ा कंधों को आगे की ओर प्रेस करते हुए फिर हाथों को सिर के ऊपर तक उठाया जाता है। ध्यान रखें की कंधे कानों से सटे हुए हों। 

तनाव से मुक्ति

तनाव अपने आप में एक बीमारी है जो कई अन्य बीमारियों को निमंत्रण देता है. इस तथ्य को चिकित्सा विज्ञान भी स्वीकार करता है. योग का एक महत्वपूर्ण फायदा यह है कि यह तनाव से मुक्ति प्रदान करता है. योग मुद्रा, ध्यान और योग में श्वसन की विशेष क्रियाओं द्वारा तनाव से राहत मिलती है, यह प्रमाणित तथ्य है. योग मन को विभिन्न विषयों से हटाकर स्थिरता प्रदान करता है और कार्य विशेष में मन को स्थिर करने में सहायक होता है. तनाव मुक्त होने से शरीर और मन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. कार्य करने की क्षमता भी बढ़ती है

कुण्डलिनी जागरण के लिए कैसे और कितना ध्यान करें? कृपया विस्तार से बताएं?

कुंडलिनी योग के जरिये शरीर में सुप्‍त शक्तियों को जागृत किया जाता है। और इससे आपको काफी ऊर्जा मिलती है।

कुंडलिनी योग वास्तव में आध्यात्मिक योग है। कुंडलिनी योग न सिर्फ आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है बल्कि यह स्वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इससे कई रोगों का उपचार और बचाव संभव है।

कुंडलिनी योग करने की विधि –

हठयोग क्या है?

हठयोग शारीरिक और मानसिक विकास के लिए विश्व की प्राचीनतम प्रणाली है जिसका शताब्दियों से भारत के योगियों द्वारा अभ्यास किया गया है। मनोकायिक व्यायामों की यह एक अनन्यतम विधि है। हठयोग के आसन मानसिक प्रशांति, शारीरिक संतुलन और दिव्य प्रभाव के साथ प्रतिपादित होते हैं। इससे मेरुदंड लचीला बनता तथा स्नायु संस्थान के स्वास्थ्‍य में वृद्धि होती है। योगासनों से स्नायओं के मूल का आंतरिक प्राणों द्वारा पोषण होता है। अतएव योगासन अन्य व्यायामों से पृथक है।

एक मकरासन दूर करें कई बीमारियाँ

  1. वर्तमान में कमरदर्द की समस्‍या सबसे आम हो गई है।
  2. मकरासन का नियमित अभ्‍यास करने से दूर होता है दर्द।
  3. इसमें शरीर की स्थिति मगरमच्‍छ के जैसी हो जाती है।
  4. इसे करने से शरीर के विषाक्‍त पदार्थ दूर निकलते हैं।

आजकल की व्यस्त जीवनशैली में हम सभी को ज्यादातर काम झुककर करना पडता है। नतीजन पीठ दर्द, कमर दर्द, सर्वाइकल और अन्य सामान्य समस्याएं आम हो गई हैं। सामान्य दर्द को दूर करने के लिए दवा से बेहतर उपाय है योग। मगर एक संस्कृत शब्द‍ है जिसका अर्थ होता है मगरमच्छ। इस आसन में शरीर पानी

ਇਕ ਬਿਮਾਰੀ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਦੂਰ ਕਰਦੀ ਹੈ

  1. वर्तमान में कमरदर्द की समस्‍या सबसे आम हो गई है।
  2. मकरासन का नियमित अभ्‍यास करने से दूर होता है दर्द।
  3. इसमें शरीर की स्थिति मगरमच्‍छ के जैसी हो जाती है।
  4. इसे करने से शरीर के विषाक्‍त पदार्थ दूर निकलते हैं।

आजकल की व्यस्त जीवनशैली में हम सभी को ज्यादातर काम झुककर करना पडता है। नतीजन पीठ दर्द, कमर दर्द, सर्वाइकल और अन्य सामान्य समस्याएं आम हो गई हैं। सामान्य दर्द को दूर करने के लिए दवा से बेहतर उपाय है योग। मगर एक संस्कृत शब्द‍ है जिसका अर्थ होता है मगरमच्छ। इस आसन में शरीर पानी

अष्टांगयोग क्या है

अष्टांग योग महर्षि पतंजलि के अनुसार चित्तवृत्ति के निरोध का नाम योग है (योगश्चितवृत्तिनिरोध:)। इसकी स्थिति और सिद्धि के निमित्त कतिपय उपाय आवश्यक होते हैं जिन्हें 'अंग' कहते हैं और जो संख्या में आठ माने जाते हैं।

अष्टांग योग के अंतर्गत प्रथम पांच अंग (यम, नियम, आसन, प्राणायाम तथा प्रत्याहार)

  • यम,
  • नियम,
  • आसन,
  • प्राणायाम तथा
  • प्रत्याहार

'बहिरंग' और

शेष तीन अंग (धारणा, ध्यान, समाधि) 'अंतरंग' नाम से प्रसिद्ध हैं।

ਅਸ਼ਟੰਗ ਯੋਗ ਕੀ ਹੈ?

ਅਸ਼ਟੰਗ ਯੋਗਾ ਮਹਾਂਰਿਸ਼ੀ ਪਤੰਜਲੀ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ, ਚਿਤਾਵ੍ਰਿਤੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦਾ ਨਾਮ ਯੋਗਾ (ਯੋਗਸੰਤਵਰਤੀ) ਹੈ. ਇਸਦੀ ਸਥਿਤੀ ਅਤੇ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਲਈ ਕੁਝ ਉਪਾਅ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ 'ਅੰਗਸ' ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਗਿਣਤੀ ਵਿਚ ਅੱਠ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ.

ਅਸ਼ਟੰਗ ਯੋਗ ਦੇ ਤਹਿਤ ਪਹਿਲੇ ਪੰਜ ਅੰਗ (ਯਾਮ, ਨਿਯਮ, ਆਸਣ, ਪ੍ਰਾਣਾਯਾਮ ਅਤੇ ਪ੍ਰਤਿਹਾਰਾ)।

ਯਾਮਾ,
ਨਿਯਮ,
ਆਸਣ,
ਪ੍ਰਾਣਾਯਾਮ ਅਤੇ
ਕdraਵਾਉਣਾ
'ਬਾਹਰ' ਅਤੇ

ਬਾਕੀ ਤਿੰਨ ਅੰਗ (ਧਾਰਣਾ, ਧਿਆਨ, ਸਮਾਧੀ) ‘ਨੇੜਤਾ’ ਨਾਮ ਨਾਲ ਮਸ਼ਹੂਰ ਹਨ।

इन योगासनों के नियमित अभ्यास से रुकता है बालों का असमय सफेद होना

बालों का असमय सफेद होना अव्यवस्थित दिनचर्या की निशानी है. जब बाल सफेद होने लगते हैं तो फिर लोग उन्हें काला करने के लिए अलग-अलग केमिकल्स का इस्तेमाल करते हैं जो त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं.
अगर आप भी इस समस्या से गुजर रहे हैं तो इन आसान योगासनोंं से आप अपने बालों को सफेद होने से बचा सकते हैं.

शीर्षासन 
शीर्षासन से होने वाले लाभ अनेक है. इसके नियमित अभ्यास से शरीर भी मजबूत बनता है और पेट संबंधित रोग नहीं होते.

बालों के लिए यह आसान सबसे लाभदायक होता है.