कंधों एवं भुजाओं को मजबूत बनाने में शीर्षासन करने के फायदे
जब सिर के बल खड़े होकर आप शीर्षासन का अभ्यास करते हैं तो इससे भुजाएं और कंधों में मजबूती आती है। इसके अलावा सिर, गर्दन एवं पीठ की मांसपेशियां भी मजबूत होती है। यह आसन सिर के ऊपरी हिस्से को टोन करने और मजबूत बनाने में मदद करता है।
शीर्षासन के लाभ सिर में खून का प्रवाह बढ़ाने में
शीर्षासन एक ऐसा योग मुद्रा है जिसका प्रतिदिन अभ्यास करने से सिर में सही तरीके से खून का प्रवाह होता है। यह आसन सिर की त्वचा में अतिरिक्त पोषण और ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है और हेयर फॉलिकल को भी पोषण प्रदान करता है जिससे सिर दर्द दूर होता है बाल झड़ने की समस्या खत्म हो जाती है।
आंखों के लिए फायदेमंद शीर्षासन
जब आप सिर के बल उल्टा होकर शरीर का संतुलन बनाते हैं तो सिर में अतिरिक्त ऑक्सीजन, पोषक पदार्थ युक्त खून पहुंचता है जो कि आंखों की कोशिकाओं को भी मजबूत बनाने में मदद करता है। इसलिए आंखों की विभिन्न बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए शीर्षासन फायदेमंद माना जाता है।
- Read more about आंखों के लिए फायदेमंद शीर्षासन
- Log in to post comments
शीर्षासन के फायदे एकाग्रता बढ़ाने में
जब आप जमीन पर उल्टा होकर शीर्षासन का अभ्यास करते हैं तो मस्तिष्क में खून का प्रवाह (blood flow) बढ़ता है, जिसके कारण मस्तिष्क की क्रियाएं बेहतर होती हैं और एकाग्रता बढ़ती है। इसके अलावा शीर्षासन करने से दिमाग और यादाश्त तेज होती है।
- Read more about शीर्षासन के फायदे एकाग्रता बढ़ाने में
- Log in to post comments
शीर्षासन के फायदे
शीर्षासन एक ऐसा आसन है जिसका प्रतिदिन खाली पेट अभ्यास करने से शरीर के विभिन्न विकार दूर हो जाते हैं। यह आसन सिरदर्द की समस्या, नींद की समस्या, लिवर और किडनी के रोगों को दूर करने के साथ ही शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसके अलावा भी इस आसन के विभिन्न फायदे हैं। आइये जानते हैं उन फायदों के बारे में।
- Read more about शीर्षासन के फायदे
- Log in to post comments
शीर्षासन करने का तरीका
शीर्षासन को बहुत सामान्य और बेहद आसान आसन माना जाता है लेकिन यह उतना ही कठिन भी होता है। इस आसन का अभ्यास करने के लिए जमीन पर सिर टिकाकर पूरे शरीर का संतुलन बनाने आना चाहिए अन्यथा आप इसका अभ्यास नहीं कर पाएंगे। आइये जानते हैं शीर्षासन करने का सही तरीका क्या है।
- Read more about शीर्षासन करने का तरीका
- Log in to post comments
शीर्षासन करने का तरीका, फायदे और सावधानियां
शीर्षासन संस्कृत के दो शब्दों शीर्ष और आसन से मिलकर बना है। जहां शीर्ष का अर्थ सिर (Head) और आसन का अर्थ मुद्रा (Pose) है। शीर्षासन का अभ्यास सिर नीचे और पैर ऊपर उठकार किया जाता है इसलिए इसे अंग्रेजी में हेड स्टैंड पोज (Headstand Pose) कहा जाता है। आमतौर पर सभी लोगों को मालूम है कि सिरदर्द के इलाज में शीर्षासन बहुत फायदेमंद होता है। यही कारण है कि अक्सर हम एक दूसरे को शीर्षासन करने की सलाह (tips) देते हैं। चूंकि इस आसन का अभ्यास करते समय शरीर को उल्टा करना पड़ता है, अर्थात् सिर को जमीन पर टिकाकर बैलेंस बनाना होता है, इस क्रिया में मस्तिष्क में खून का बेहतर तरीके से प्रवाह (blood flow) होता
- Read more about शीर्षासन करने का तरीका, फायदे और सावधानियां
- Log in to post comments
Squat and Press
Squat
मकरासन करते समय सावधानियां
आमतौर पर हर तरह का आसन, योगा और प्राणायाम हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होता है लेकिन जब शरीर में कोई विशेष तरह की परेशानी हो तो किसी भी आसन का अभ्यास करते समय हमें कुछ जरूरी सावधानियां भी बरतनी चाहिए। आइये जानते हैं कि मकरासन करते समय क्या सावधानियां बरतें।
- Read more about मकरासन करते समय सावधानियां
- Log in to post comments
“योग विज्ञान है” – ओशो
योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है।
जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।
नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।