Skip to main content

योग

बुजुर्गों के लिए योगासन की जरूरत?

कहा जाता है कि हम जिस वातावरण में रहते हैं उसका हमारी सेहत पर प्रभाव पड़ता है, इसलिए प्रकृति के बीच में रहने के साथ मित्रता अच्छे लोगों के साथ करनी चाहिए। वहीं उनकी अच्छी आदतों को अपनाना चाहिए। जैसा कि हम सब जानते और देखते आ रहे हैं कि, उम्र के बढ़ने के साथ-साथ डायबिटीज, दिल की बीमारी, अल्जाइमर आदि कई क्रॉनिक बीमारियां लग जाती हैं। बुजुर्गों में ब्लड प्रेशर की दिक्कत और रक्त प्रवाह में असंतुलन आदि भी हो जाता है। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित योगासन का अभ्यास करके उनके शरीर को फिट रखा जा सकता है और एजिंग के साथ होने वाली बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। योगासन करने से आपके फेफड़े सही रहते हैं

बुजुर्गों के लिए आसान योगासन त्रिकोणासन

त्रिकोणासन काफी प्रभावशाली और आसान योगासन है, जिसे बुजुर्ग आसानी से कर सकते हैं। बुजुर्गों के लिए योगासन में यह आसन इसलिए भी शामिल किया गया है, क्योंकि यह उनमें आमतौर पर होने वाली कूल्हों की दिक्कत और दर्द को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा, यह ब्लड प्रेशर को सामान्य रखता है। इसे करने के लिए अपने पैरों को कंधों के जितना खोलकर आराम से खड़े हो जाएं। अब दाएं पंजे को थोड़ा बाहर की तरफ ले जाएं और बाएं पंजे को अंदर की तरफ करें। अब दोनों हाथों को दोनों तरफ कंधे की सीध में फैला लें। इसके बाद गहरी सांस लें और फिर सांस बाहर छोड़ते हुए सिर और कमर को सामान्य रखते हुए कूल्हों की तरफ से दाई तरफ झुके

बुजुर्गों के लिए योगासन- शिशुआसन

शिशुआसन शरीर के नर्वस सिस्टम को आराम देता है और कमर की मसल्स को आराम पहुंचाता है, जिससे कमर दर्द में भी राहत मिलती है। इसे करने के लिए पैरों को मोड़कर अपनी एड़ियों के ऊपर बैठ जाएं। कोशिश करें कि आपके कूल्हे आपकी एड़ियों पर आराम से टिके हों। अब हाथ को सामने की तरफ फैलाते हुए सिर को सामने जमीन की तरफ ले जाएं। कोशिश करें कि जमीन पर सिर छूने लगे और हथेलियों को जमीन की तरफ रखें। अब इसी पोजीशन में रहें और धीरे-धीरे वापस वाली अवस्था में लौट जाएं।

प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए योग भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम तनाव और अवसाद को दूर कर आपकी प्रेगनेंसी की सम्‍भावना को बढ़ाता है। यह आपके दिमाग से किसी भी नकारात्मक भावनाओं को छोड़ने में मदद करता है और आपको शांत भी करता है। यदि आपको कंसीव करने में द‍िक्‍कत आ रही है तो आपको यह भ्रामरी योगासन को जरूर करना चाहिए।

पीलिया को दूर करने के लिए योग कपालभाति प्राणायाम

प्राणायाम एक साँस लेने का व्यायाम है जो यकृत के सिरोसिस, पीलिया, हेपेटाइटिस और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों के यकृत के स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। कपालभाति प्राणायाम योग जो यकृत को उत्तेजित करता है और विभिन्न प्रकार की यकृत समस्याओं का प्रभावी ढंग से इलाज करता है। यह प्लीहा की कार्यक्षमता में भी मदद करता है। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को जमीन पर बिछाकर पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं। अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखे और ध्यान की मुद्रा में बैठे। साँस अन्दर को ओर ले अब साँस को बाहर छोड़ते हुए पेट को अन्दर की ओर इस प्रकार खींचे की पेट और पीठ आपस में मिल जाएं।

निम्न रक्तचाप के लिए योग भस्त्रिका प्राणायाम

निम्न रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए भस्त्रिका प्राणायाम एक प्रभावी श्वास योग है। इसके अभ्यास से शरीर को सभी विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। फेफड़े मजबूत बनते हैं और आप भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास करके शरीर को ऑक्सीजन की प्रचुर आपूर्ति प्राप्त करते हैं। योग करने से पहले इसका अभ्यास करें। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को जमीन पर बिछा के पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं। अपनी आँखों को बंद कर लें और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। कुछ देर ध्यान की मुद्रा में बैठे और तर्जनी को अंगूठे से मिलाएं।

चित्त की सभी वृत्तियों को रोकने का नाम योग है

योग अनेक प्रकार के होते हैं। राजयोग , कर्मयोग ,हठयोग , लययोग , सांख्ययोग , ब्रह्मयोग , ज्ञान योग ,भक्ति योग , ध्यान योग , क्रिया योग , विवेक योग ,विभूति योग व प्रकृति - पुरुष योग , मंत्र योग , पुरुषोत्तमयोग , मोक्ष योग , राजाधिराज योग आदि। मगरयाज्ञवल्क्य ने जीवात्मा और परमात्मा के मेल को ही योगकहा है।

योग क्या है योगासनों के गुण एवं योगाभ्यास के लिए आवश्यक बातें

चित्तवृत्तियों का निरोध ही योग है।
(मृत्यु) दु:ख से छूटने और (अमृत) आनन्द प्राप्त करने का साधन (योग) ईश्वर उपासना करना है।

योग शब्दों के बारे में भाष्यकारों के अपने-अपने मत हैं। कुछ भाष्यकारों ने योग शब्द को ‘वियोग’, ‘उद्योग’ और ‘संयोग’ के अर्थों में लिया है, तो कुछ लोगों का कहना है कि योग आत्मा और प्रकृति के वियोग का नाम है। कुछ कहते हैं कि यह एक विशेष उद्योग अथवा यत्न का नाम है, 

बाल उगाने के लिए योग भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम बालों को झड़ने से रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण योग है और यह एक सुपरचार्ज मोड प्राणायाम भी है। यह फेफड़ों को स्वस्थ रखता है और पूरे शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार करता है जो  बालों का झड़ना भी रोकता है और बालों के उगने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को जमीन पर बिछा कर पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं। अपनी आँखों को बंद कर लें और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। फिर अपनी तर्जनी को अंगूठे से मिलाएं। अब एक गहरी साँस अन्दर लें और फिर बलपूर्वक उसके बाहर निकालें। फिर से बलपूर्वक अन्दर की ओर साँस लें और फिर से बलपूर्वक उसे बाहर निकले। इस भस्त्र