मन की शांति और सुकून के लिये करें सुखासन

अगर आप योगा करते हैं तो आपको पता होगा कि सुखासन करना कितना आसान होता है। जो लोग सुखासन करते हैं उनका मन एक दम शांत हो जाता है। चित्त की एकाग्रता से धारणा सिद्ध होती है। यह योग श्वास प्रश्वास और ध्यान पर आधारित है। यह योगा की सबसे आसान विधि है इसलिए इसे सुखासन के नाम से जानते हैं। इसको करने से घुटने 90 डिग्री मुडते हैं, जिससे उन्‍हें दर्द से आराम मिलता है। यह आसान प्रणायाम करने से पहले किया जाता है। सुखासन से पैरों का रक्त-संचार कम हो जाता है और अतिरिक्त रक्त अन्य अंगों की ओर संचारित होने लगता है जिससे उनमें क्रियाशीलता बढ़ती है। यह तनाव हटाकर चित्त को एकाग्र कर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।

विपरीत करनी आसन से पाइये मां बनने का सुख

वे महिलाएं जिन्‍हें स्‍ट्रेस की वजह से बच्‍चा नहीं हो पा रहा है, उनके लिये विपरीत करनी मुद्रा बहुत ही फायदेमंद है। विपरीत करनी योग मुद्रा करने से मानसिक तनाव दूर होता है। इस करने में मन को शांति और मन स्‍थ‍िर हो जाता है। इस योग मुद्रा को करते समय मन को शांत रखें और चाहें तो हल्‍का सा म्‍यूजिक चला लें। यह मुद्रा करने से शरीर का हार्मोन प्राकृतिक रूप से बैलेंस होता है। इसके अलावा भी पैरों में थकान एवं दर्द की स्थिति में इस योग से लाभ होता है। यह आसन रक्त संचार को सुचारू बनाता है। अनिद्रा सम्बनधी रोग में इस आसन का अभ्यास लाभकारी होता है। गर्दन और कंधों में मौजूद तनाव को दूर करने के लिए भी यह व

बुजुर्गों के लिए योगासन- भुजंगासन

भुजंगासन करने से बुजुर्गों के शरीर में रक्त प्रवाह सुधरता है और उनकी कमर और कंधों की मसल्स को मजबूती मिलती है। इससे वह काफी ऊर्जावान महसूस करते हैं। इसे करने के लिए जमीन पर पेट के बल लेट जाएं। अब तलवों को रखते हुए एड़ियों को मिलाकर रखें। अब हथेलियों को कंधों के ठीक नीचे रखें और कोहनियों को अपने शरीर के पास रखें। अब गहरी सांस लें और अपनी छाती और सिर को ऊपर की तरफ उठाएं। जितना हो सके अपनी सिर और छाती को पीछे की तरफ खींचे। इसी अवस्था में कुछ सेकेंड रहने की कोशिश करें और फिर सांस छोड़ते हुए आराम से पिछली अवस्था में लौट आएं।

आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए रिलैक्सेशन एक्सरसाइज

आप आँखों का भारीपन और थकान को दूर करने के लिए रिलैक्सेशन एक्सरसाइज को करें। इसे करने के लिए आप सबसे पहले दोनों हाथों को आपस में रगड़ें, इससे आपके हाथ थोड़े गर्म हो जायेंगें। अब हाथों को तुरंत ही अपनी आँखों पर कुछ सेकंड के लिए रखें। फिर हाथों को हटाकर धीरे धीरे ऑंखें खोलें। इस एक्सरसाइज को 2-3 बार करें।

चश्मा हटाने के लिए एक्सरसाइज फिगर

यदि आपको आँखों की रोशनी कम होने की वजह से चश्मा लग गया है तो इसे हटाने में व्यायाम आपकी सहायता कर सकता है।

इस एक्सरसाइज को करने के लिए आप सबसे पहले एक स्थान पर सीधे बैठ जाएं।
अब अपने सामने लगभग 10 फीट की दूरी पर एक बिंदु चुनें।
इस बिंदु पर अपना ध्यान केंद्रित करें।
अब अपनी आँखों से उन स्थान पर एक काल्पनिक आठ की आकृति बनाएं।
मन में कल्पना करने की यहाँ पर 8 बना हुआ है और आपको इस ∞ की लाइन पर अपनी आँखों को घुमाना है।
इस प्रक्रिया को 30 सेकंड के लिए करे रखें, फिर थोड़ी देर कहीं ओर देखें।
 

वॉल प्रेस एक्सरसाइज के फायदे स्थिरता बढ़ाने में

स्थिरता बनाने में वॉल प्रेस एक्सरसाइज बहुत ही फायदेमंद होती है। यह पुश अप एक्सरसाइज की तरह ही फायदेमंद है। जब आप वॉल प्रेस करने का प्रयास करते हैं तो ये नसें आपके शरीर को धकेलने और रोकने का प्रयास करती हैं, जो आपके संतुलन और गति को प्रभावित करता है।

मुगदर व्यायाम करने का तरीका

इंडियन क्लब ट्रेनिंग यानि मुगदर व्यायाम के कई वेरियंट है, इसे अलग अलग प्रकार से किया जा सकता है। मुदगल एक्सरसाइज को करने केलिए आप निम्न स्टेप्स को फॉलो करें।

  • मुगदर व्यायाम करने के लिए आप सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और दोनों हाथों में मुगदर को पकड़ लें।
  • अब सबसे पहले अपने दाएं हाथ के मुगदल को सिर के ऊपर से घुमाकर नीचे लगाएं।
  • फिर अब अपने बाएं हाथ के मुगदल को सिर के ऊपर से घुमाकर नीचे लगाएं।
  • यह क्रिया आपको बारी-बारी से दोनों हाथों से करनी है।
  • शुरूआत में आप कम वजन वाले मुगदल से करें. फिर अनुभव होने के बाद वजन को बढ़ा सकते है।

फेस की चर्बी कम करने की एक्सरसाइज

चेहरे पर जमी अतिरिक्त चर्बी देखने में ख़राब लगती है जो आपकी सुंदरता को भी ख़राब कर देती है। फेस की चर्बी कम करने की एक्सरसाइज इससे छुटकारा पाने में आपकी मदद कर सकती है। अधिक मोटापा के कारण आपके फेस पर भी चर्बी जमा हो जाती है।


जब भी आप किसी के सामने जाते है तो देखने वाला सबसे पहले आपका फेस ही देखता है। यदि आपके चेहरे पर अतिरिक्त चर्बी जमा हो जाती है तो फेस काफी भरा भरा सा दिखाई देता है और फैट की वजह से लटक रही चिन से आप काफी मोटे लगते है।

खून को शुद्ध करने में नाड़ी शोधन प्राणायाम के फायदे

नियमित रूप से शांत वातावरण में बैठकर नाड़ी शोधन प्राणायाम का अभ्यास करने से श्वसन प्रणाली(Respiratory System) बेहतर होती है और शरीर का खून शुद्ध होता है। इसके अलावा यह प्राणायाम ब्लड में ऑक्सीजन की अच्छी तरह आपूर्ति (supply) करने में भी सहायक होता है। नाड़ी शोधन का अभ्यास करते समय गहरी श्वास लेने से कई तरह की बीमारियां दूर हो जाती हैं।

ब्रेस्ट साइज बढ़ाना चाहती हैं, तो आज से शुरू कर दें गोमुखासन

योग ब्रेस्ट साइज बढ़ाने के लिए काफी सही उपचार है। इससे किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता है। ऐसे में गोमुखासन करने से आपको फर्क जरूर दिखेगा।

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।