सेतुबंधासन के फायदे थॉयराइड की समस्या में

सेतुबंधासन करते समय फेफड़े खुलते हैं और इस कारण थॉयराइड से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। इस आसन को करने से नितंब मजबूत होते हैं और थके हुए पैरों को भी राहत मिलती है। इसके अलावा यह अर्थराइटिस को दूर करने में भी मदद करता है।

सेतुबंधासन के फायदे डिप्रेशन दूर करने में

इस आसन का प्रतिदिन और सही तरीके से अभ्यास करने से डिप्रेशन, स्ट्रेस और चिंता दूर हो जाती है और व्यक्ति का मस्तिष्क शांत रहता है। मन को शांत रखने के लिए सेतु बंधासन काफी लोकप्रिय आसन माना जाता है। माइग्रेन की समस्या को दूर करने में भी यह आसन बहुत सहायक होता है।

मांसपेशियों को मजबूत बनाने में सेतुबंधासन के फायदे

सेतु बंधासन करने से पीठ की मांसपेशियां लचीली (flexible) और मजबूत होती हैं। यह मांसपेशियों में खिंचाव (stretch) उत्पन्न करता है और मांसपेशियों में तनाव से राहत प्रदान करने में मदद करता है। इसके अलावा यह आसन रीढ़ की हड्डी, सीने(chest) और गर्दन में खिंचाव उत्पन्न कर उन्हें टोन करने का काम करता है।

शिल्पा शेट्टी योगा स्लिम कमर के लिए धनुरासन

इस आसन को करते समय शरीर धनुष के आकृति का बन जाता है। इस मुद्रा में पेट और जांघ धनुष के हिस्से के रूप में होता है और पैरों का निचला हिस्सा एवं भुजाएं धनुष के तने हुए हिस्से का काम करता है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण आसन है जिसे करने पर कई तरह के फायदे होते हैं।

धनुरासन करने से वजन तो घटता ही है साथ में यह पीठ के निचले हिस्से (lower back) को मजबूत करता है, अस्थमा से बचाता है और रीढ़ (spine)को अधिक लचीला बनाने के साथ ही शरीर के कई हिस्सों को स्वस्थ रखता है।

व्याघ्रासन योगा कुल्हे और रीढ़ को मजबूत करने के लिए

इस योगासन का नाम व्याघ्रासन संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है जहां व्याग्र का अर्थ बाघ(tiger) और आसन का अर्थ मुद्रा(pose) है। बाघ जब गहरी नींद से उठता है और अपने शरीर को खिंचता है तो जो आकृति बनती है उसे ही व्याघ्रासन कहते हैं।

शिल्पा शेट्टी योगा फॉर वेट लॉस उत्तान पादासन

उत्तानपादासन संस्कृत को शब्द है। यहां उत्तान का अर्थ खिंचाव या सीधा करने(stretch, or straight) और पाद का अर्थ पैर(leg) एवं आसन का अर्थ मुद्रा(posture) है। यह आसन बहुत ही आसान है और हर व्यक्ति इसे बिना किसी कठिनाई के  कर सकता है।

शिल्पा शेट्टी योगा धनुरासन फॉर वेट लॉस

इस आसन का नाम धनुरासन संस्कृत का शब्द है जहां धनुर का अर्थ धनुष (bow) और आसन का अर्थ मुद्रा (pose) है। इस आसन को करते समय धनुष की तरह आकृति बनती है इसलिए इसे धनुरासन कहा जाता है। इस आसन को करते समय शरीर में सबसे ज्यादा खिंचाव होता है जिससे शरीर के कई विकार दूर हो जाते हैं।

शिल्पा शेट्टी मकरासन योगा फॉर फ्लैट स्टमक के लिए

इस आसन का नाम मकरासन संस्कृत का शब्द है जहां मकर का अर्थ मगरमच्छ(crocodile) और आसन का अर्थ मुद्रा ( pose) है। मकरासन पूरी तरह से एक विश्राम पोज (relaxation pose) है।

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।