वशिष्ठासन योग करने की विधि और फायदे

वशिष्ठासन योग पूरी तरह से हाथों पर संतुलन की मुद्रा है, जो सीधे आपकी कलाई और ट्राइसेप को लक्षित करता है। साइड प्लैंक पोज मध्यवर्ती स्तर योगियों के लिए एक आदर्श आसन है। जब आप इस आसन का अभ्यास करते हैं, तो आपका मन शांत और तनाव मुक्त होता है। लेकिन जब आप तनावमुक्त हो रहे होते हैं, तो आपके हाथ और कंधे इस योग के माध्यम से ताकत पैदा कर रहे होते हैं। वशिष्ठासन योग हार्ट चक्र को सक्रिय करने के लिए जाना जाता है। यह आसन एक शक्तिशाली आसन है जो आपको आंतरिक शक्ति विकसित करने में भी मदद करता है। इस आसन को करते समय अपने शरीर को पूरी तरह से सीधा रखा जाता है। वाशिष्ठासन योग बच्चों या पुरुषों सभी में शारीरिक

योनि मुद्रा योग करते समय रखें ये सावधानियां

वैसे तो योग, आसन और मुद्राएं स्वास्थ्य एवं मन के लिए लाभकारी होती हैं लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में इन मुद्राओं का अभ्यास डॉक्टर की सलाह लेकर करना चाहिए।

अगर आपको मनोवैज्ञानिक समस्याएं हैं तो डॉक्टर के परामर्श के बाद ही इस मुद्रा का अभ्यास करें।
अगर आपको रीढ़ की हड्डी में तकलीफ है तो इसे ना करें।
आपके घुटनों में चोट लगी हो और आप आराम से मोड़कर बैठ नहीं पा रहे हों तो योनि मुद्रा का अभ्यास ना करना ही बेहतर है।
इसके अलावा यदि आपकी कमर में तेज दर्द हो जिसकी वजह से आप बैठ नहीं पा रहे तो यह मुद्रा आपके लिए नहीं है।
 

न्यूड योगा के फायदे मन को शांत रखने के लिए

कई विशेषज्ञों का मानना है कि न्यूड योगा मेडिटेशन का कार्य करता है। यह न सिर्फ आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है बल्कि न्यूड योगा करने से आप अपने शरीर, अपने को एवं शरीर के विभिन्न हिस्से से परिचित पाते हैं। यह योगा करने से मन बेहद शांत रहता है। किसी से ईर्ष्या या द्वेष का भाव मन से निकल जाता है और मन एवं मस्तिष्क को एक आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।

नेकेड योगा के लाभ तनाव दूर करने में

जीवन के लिए तनाव साइलेंट किलर का काम करता है। इससे बचने के लिए योग करना बेहद जरूरी होता है। वैसे तो कई योग क्रियाएं तनाव दूर करने में सहायक होती हैं लेकिन न्यूड योगा स्ट्रेस दूर करने का एक सबसे अच्छा माध्यम है। एक रिसर्च के मुताबिक बिना कपड़ो के होने की वजह से लोग खुद को फ्री फील करते हैं। इससे उनका स्ट्रेस लेवल कम होने लगता है। अगर आप नियमित रुप से न्यूड योगा का अभ्यास करते हैं तो तनाव, डिप्रेशन और चिंता आपके जीवन से दूर हो जाएगा। इसके अलावा यदि आपको काम का बहुत अधिक तनाव हो रहा है तो न्यूड योगा का अभ्यास जरूर करें। इस योग से दिमाग शांत रहता है। इससे शरीर-आत्मा और मन का तालमेल मजबूत होता है

न्यूड योगा के फायदे नकारात्मक विचार दूर करने में

नकारात्मक भावनाओं एवं विचारों के कारण हमारा मन एवं मस्तिष्क बहुत जल्दी थक जाता है जिसके कारण हमारी ऊर्जा भी नष्ट हो जाती है। न्यूड योगा का अभ्यास करने से व्यक्ति को आंतरिक शांति का अनुभव होता है और मन में सकारात्मक विचार एवं ऊर्जा उत्पन्न होती है जिसके कारण जीवन आनंदमय होता है।

योग मुद्राएं सुधारने में न्यूड योगा के फायदे

आमतौर पर योग और आसन की ऐसी बहुत सी मुद्राएं हैं जिसे कपड़े पहनकर करने पर कोई भी व्यक्ति यह नहीं समझ पाता है कि वह गलत है या सही। लेकिन न्यूड योगा करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिना कपड़ों के आप इसे स्वतंत्र होकर कर सकते हैं और अपनी योग मुद्राओं की गलतियों को सुधार सकते हैं। यह प्राकृतिक रुप से आपको बेहतर बनाने में भी मदद करता है।

न्यूड योगा करने के फायदे बॉडी इमेज बेहतर करने में

आपको यह जानकर यकीन नहीं होगा लेकिन न्यूड योगा आपकी बॉडी इमेज और आत्मसम्मान को बढ़ाने में काफी मदद करता है। आप चाहे घर पर, अकेले में या फिर न्यूड योगियों से भरे रुम में योगा करें, यह अंततः अपने शरीर से प्यार करना सिखाने में बेहद लाभकारी होता है। कुछ लोग अपने शरीर की तुलना दूसरों से करते हैं और फिर हीन भावना से ग्रसित हो जाते हैं। न्यूड योगा का अभ्यास करने के बाद अपने शरीर से लगाव बढ़ जाता है और आपको खोया हुआ आत्मसम्मान भी लौट आता है। न्यूड योगा आपको अपने ही शरीर को देखने का पाजिटिव नजरिया हासिल करने का मौका देता है।

यौन क्रिया समझने में न्यूड योगा के फायदे

न्यूड योगा सेक्स से जुड़ा हुआ नहीं है लेकिन यह आपको अपनी कामुकता से परिचित करवाने में मदद करता है। सेक्स हमारी प्रकृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे समझने के लिए समय देने की जरूरत होती है। नियमित रुप से न्यूड योगा का अभ्यास करने से पार्टनर के साथ अंतरंगता बढ़ती है और रिश्तों में सुधार होता है। इसके अलावा यौन जीवन भी सुखमय होता है। न्यूड योगा के जरिये सेक्स पावर को बढ़ाया जाता है।

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।