बकासन के फायदे मानसिक मजबूती के लिए
प्रतिदन निर्धारित समय पर बकासन करने से व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत होता है और वह हर तरह की परेशानियों का सामना आसानी से कर सकता है। यह आसन करने से व्यक्ति में ऐसी क्षमता विकसित होती है कि वह भावनात्मक रूप से कमजोर नहीं पड़ता है।
- Read more about बकासन के फायदे मानसिक मजबूती के लिए
- Log in to post comments
बकासन करने के फायदे
चूंकि इस आसन को करने में पूरे शरीर एक साथ शामिल होता है इसलिए शरीर के सभी अंगों को इसका लाभ पहुंचता है। बकासन करने से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास तो पैदा होता ही है साथ में वह भावनात्मक रूप से भी मजबूत होता है। इसके अलावा बकासन करने के अन्य फायदे निम्न हैं।
- Read more about बकासन करने के फायदे
- Log in to post comments
बकासन करने का तरीका
How to do bakasana in Hindi आमतौर पर यह माना जाता है कि बकासन एक कठिन मुद्रा है इसलिए इस आसन का अभ्यास करने से पहले इसे करने के तरीके के बारे में सही जानकारी प्राप्त कर लें इसके बाद ही आसन का अभ्यास करें। बकासन करने का सही तरीका इस प्रकार है।
- Read more about बकासन करने का तरीका
- Log in to post comments
बकासन योग क्या है
बकासन संस्कृत के दो शब्दों बक (Baka) और आसन (Asana) से मिलकर बना है, जहां बक का अर्थ बक या बगुला (Crane) और आसन का अर्थ मुद्रा ( Posture) है। इस आसन को करते समय बगुले की तरह पैर उठाकर शरीर का संतुलन बनाया जाता है इसी कारण इसे बकासन कहा जाता है। बकासन से मिलता जुलता योग मुद्रा ककासन (Kakasana) है, दोनों में बिल्कुल मामूली सी भिन्नता है लेकिन फायदे एक जैसे होते हैं। हड्डियों एवं मांसपेशियों सहित शरीर के विभिन्न विकारों को दूर करने के लिए लोगों के बीच यह आसन बहुत लोकप्रिय है।
- Read more about बकासन योग क्या है
- Log in to post comments
बकासन योग करने की विधि और फायदे
बकासन योग या क्रेन (crane) आसन एक ऐसा आसन है जिसे खुशहाली और हमेशा जवां (youthfulness) बने रहने का एशियाई प्रतीक माना जाता है। चीन के लोग इस आसन को लंबी उम्र का प्रतीक मानते हैं। यह आसन स्त्री और पुरुष दोनों के लिए समान रूप से फायदेमंद होता है लेकिन स्त्रियों के शरीर को छरहरा बनाने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेट और पीठ की मांसपेशियों एवं भुजाओं को मजबूत बनाने के लिए बकासन योग सर्वोत्तम आसन माना जाता है। हालांकि यह आसन करने में व्यक्ति को थोड़ी कठिनाई जरूर होती है लेकिन एक बार शरीर का संतुलन बनने के बाद इसका अभ्यास आसानी से किया जा सकता है। इस लेख में आप बकासन योग करने का तरीका और ब
- Read more about बकासन योग करने की विधि और फायदे
- Log in to post comments
Neck Stretching
One Leg RDL
उत्तानपादासन करते समय सावधानियां
उत्तानपादासन एक बहुत ही लाभकारी आसन हैं
इसके अनेक लाभ हैं पर इसको करने से पहले कुछ सावधानियां रखना बहुत ही आवश्यक हैं,
उत्तानपादासन की कुछ सावधानी निम्न हैं –
- Read more about उत्तानपादासन करते समय सावधानियां
- Log in to post comments
उत्तानपादासन के फायदे महिलाओं के लिए लाभदायक
उत्तानपादासन आसन प्रजनन अंगों के कार्य में सुधार करता हैं, यह आसन महिलाओं के लिए बहुत लाभदायक होता हैं, यह गर्भाशय की दीवारों को मजबूत करने के लिए यह एक अच्छी मुद्रा है। लेकिन यह आसन महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान नहीं करनी चाहियें।
- Read more about उत्तानपादासन के फायदे महिलाओं के लिए लाभदायक
- Log in to post comments
पेट सम्बन्धी समस्याओं को ठीक करे उत्तानपादासन
जो लोग पेट सम्बन्धी समस्या से परेशान रहते हैं उनके लिए उत्तानपादासन एक बहुत अच्छा आसन हैं, इस आसन से पाचन तंत्र में सुधर होता हैं और पेट में गैस बनना खत्म करता हैं, इसके अलावा अन्य बीमारियाँ जैसे अम्लता, गठिया दर्द, मधुमेह, पैनक्रियाज, दिल की समस्याओं आदि को भी खत्म कर देता हैं।
- Read more about पेट सम्बन्धी समस्याओं को ठीक करे उत्तानपादासन
- Log in to post comments
“योग विज्ञान है” – ओशो
योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है।
जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।
नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।