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प्राणायाम

नाड़ी शोधन प्राणायाम के फायदे

आपको बता दें कि नाड़ी शोधन प्राणायाम श्वसन की एक तकनीक (technique) है जिसका अभ्यास करने से स्वास्थ्य को कई फायदे होते हैं। यह प्राणायाम शरीर की अशुद्धियों को दूर करने के साथ ही मन को शांत (calm) रखने में सहायक होता है। आइये जानते हैं कि नाड़ी शोधन प्राणायाम करने के क्या फायदे होते हैं।

बेहतर नींद के लिए नाड़ी शोधन प्राणायाम के फायदे

नाड़ी शोधन प्राणायाम करते समय श्वास पर ध्यान केंद्रित करने से मन शांत रहता है। नासिका द्वार (nostril ) से श्वास लेने और छोड़ने की क्रिया से शरीर अपने आप शांत हो जाता है औऱ शरीर को एक अलग तरह की ऊर्जा मिलती है। इससे व्यक्ति को अच्छी नींद आती है।

यादाश्त बढ़ाने में नाड़ी शोधन प्राणायाम बेनिफिट्स

नाड़ी शोधन का अभ्यास करने से एकाग्रता बढ़ती है और मस्तिष्क तेज होता है। यह एक ऐसा प्राणायाम है जिसका प्रतिदिन अभ्यास करने से सुस्त (dull) मस्तिष्क के दोनों तरफ ऑक्सीजन का बेहतर प्रवाह होता है। यदि आपको प्रेजेंटेशन देने जाना है या किसी मीटिंग, इंटरव्यू, परीक्षा में जाना हो तो उससे पहले नाड़ी शोधन प्राणायाम जरूर करना चाहिए।

लो ब्लड प्रेशर के लिए प्राणायाम

निम्न रक्तचाप के लिए योग भस्त्रिका प्राणायाम – Bhastrika Pranayama Yoga for low blood pressure in Hindi
कपालभाति प्राणायाम के फायदे लो बीपी में – Kapalbhati Pranayama ke fayde low BP me in Hindi
लो बीपी के लिए योग सूर्यभेदी प्राणायाम – Suryabhedi Pranayama Yoga for low blood pressure in Hindi

निम्न रक्तचाप या हाइपोटेंशन को कम करने में प्राणायाम भी आपकी मदद कर सकते हैं। यदि आप लो ब्लड प्रेशर के रोगी हैं तो आपको निम्न प्राणायाम को करना चाहिए।

बालों को उगाने के लिए योग कपालभाति प्राणायाम

कपालभाति प्राणायाम योग आपके बालों को फिर से उगाने में मदद कर सकता है। कपालभाति प्राणायाम पूरे शरीर में रक्त परिसंचरण की समस्या का मुकाबला करता है और बालों के विकास में मदद करता है। इस योग को करने से आपके पेट की पाचन क्रिया स्वस्थ रहती है जो वजन कम करने और मधुमेह में मदद करती है। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को जमीन पर बिछाकर पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं। अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखे और ध्यान की मुद्रा में बैठे। साँस अन्दर को ओर ले, अब साँस को बाहर छोड़ते हुए पेट को अन्दर की ओर इस प्रकार खींचे की पेट और पीठ आपस में मिल जाएं। फिर साँस को अन्दर ले ओर पेट को ढीला करें। य

नींद आने का मंत्र भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम एक बहुत ही अच्छा श्वास अभ्यास हैं यह शरीर को स्वस्थ और दिमाग को खुश रखता हैं। ह्रदय और मस्तिष्क के रोगियों को एक चमत्कारी परिमाण प्राप्त करने लिए इस आसन को करना लाभदायक होता हैं। यदि आपको रात में ठीक से नींद नहीं आती है तो आप भस्त्रिका प्राणायाम का नियमित रूप से अभ्यास करें। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को जमीन पर बिछा के पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं। अपनी आँखों को बंद कर लें और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। कुछ देर ध्यान की मुद्रा में बैठे और तर्जनी को अंगूठे से मिलाएं। अब एक गहरी साँस अन्दर लें और फिर बलपूर्वक उसके बाहर निकालें। फिर से बलपूर्वक अन

दिमाग को रिलैक्स करने के लिए करें अनुलोम विलोम प्राणायाम

दिमाग को चिंता मुक्त करके रिलैक्स करने और मानसिक शांति के लिए आप अनुलोम विलोम प्राणायाम को करें। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को जमीन पर बिछा कर सुखासन, सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठ जाएं। अब अपने दाहिने हाथ को ऊपर उठायें और अंगूठे से दाहिने नाक को बंद करके बाएं नाक से लम्बी साँस लें। अब अपने दाहिने हाथ की अनामिका से बाएं नाक को बंद करके दाहिने नाक से साँस को बाहर छोड़े। इस स्थिति में आपका बायां हाथ घुटने पर रहेगा।

बेली फैट कम करने के लिए प्राणायाम में करें भुजंगासन

भुजंगासन योग करने से आपके पेट की मांसपेशियों पर जोर पड़ता है जो पाचन क्रिया को सही रखने और बेली फैट को कम करने में मदद करता है। भुजंगासन को करने लिए आप एक योगा मैट को बिछा के उस पर पेट के बल लेट जाएं जिसमे आपकी पीट ऊपर के ओर रहे। अपने दोनों हाथों को जमीन पर रखें।

अब अपने दोनों हाथों पर वजन डालते हुयें धीरे-धीरे अपने सिर को पीछे के ओर करें और ठुड्डी को ऊपर की ओर करने का प्रयास करें। ध्यान रखें की आपके कमर से नीचे का शरीर जमीन से ऊपर ना उठे। आप इस आसन में 20 से 30 सेकंड तक रुकने का प्रयास करें।

 

पेट की चर्बी कम करने के लिए अनुलोम विलोम प्राणायाम

अनुलोम विलोम प्राणायाम पेट की चर्बी को कम करने में बहुत ही प्रभावी होता है। इस योग से भी पूरे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ती है और इससे व्यक्ति का शरीर और मस्तिष्क दोनों शांत रहता है। यह एक ऐसा प्राणायाम है जिसका रोजाना अभ्यास करने से कब्ज, पेट में गैस बनने और एसिडिटी की समस्याएं दूर हो जाती हैं और पेट की चर्बी खत्म हो जाती है।

पेट कम करने के लिए प्राणायाम में करे भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम भी कपालभाति की तरह ही फायदेमंद होता है। इस प्राणायाम को करने से डाइजेशन सिस्टम सही रहता है, जिसकी वजह आप जो भी खाते है वह आसानी से पच जाता है। अगर आप पेट को कम करना चाहते है तो इस भस्त्रिका प्राणायाम को कर सकते है।