स्टेमिना बढ़ाने के लिए करें ये 10 आसान योग
किसी भी कार्य को करने के लिए स्टेमिना की आवश्यकता होती है, आपका अच्छा स्टेमिना रनिंग और वेट लिफ्टिंग को अच्छी तरह से करने में मदद करता हैं। हमारा जीवन व्यस्त और तनाव से भरा होता हैं, इसलिए अपनी शारीरिक क्षमता को बढ़ाने के लिए एक अच्छा स्टेमिना बहुत ही जरूरी होता हैं। बढ़ा हुआ स्टेमिना अपने आप को फिट रखने के लिए और शिथिलता, थकावट, चिंता और कई अन्य दुर्बलता की भावना को समाप्त करता है। लंबे समय तक बिस्तर पर टिके रहने के लिए भी अच्छे स्टेमिना की आवश्यकता होती हैं। अपने स्टेमिना को बढ़ाने में योग आपकी मदद कर सकता हैं। योग करने के फायदे शारीरिक और मानसिक दोनों रूप में होते हैं। रोजाना योगाभ्यास करने
- Read more about स्टेमिना बढ़ाने के लिए करें ये 10 आसान योग
- Log in to post comments
अनंतासन योग करने से पहले रखें यह सावधानी
अनंतासन योग करने से पहले निम्न सावधानी अवश्य रखें-
अगर आपको गर्दन या कंधों में दर्द हो तो अनंतासन योग का अभ्यास करने से बचें।
यदि आपको स्पॉन्डिलाइटिस (spondylitis), स्लिप डिस्क या सायटिका की समस्या है तो आप इस योग आसन को ना करें।
जिन लोगों को रीढ़ की हड्डी या कमर से संबंधित कोई रोग है वो लोग अनंतासन योग ना करें।
अगर आप पेट की किसी समस्या से परेशान है या किसी अन्य गंभीर बीमारी से ग्रस्त है तो आप इस आसन को करने से बचें।
अनंतासन योग को आप किसी योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में ही करने का प्रयास करें।
- Read more about अनंतासन योग करने से पहले रखें यह सावधानी
- Log in to post comments
अनंतासन योग के लाभ रक्तचाप में
उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए अनंतासन योग बहुत ही अच्छा माना जाता हैं। इसके अलावा यह योग गठिया रोग, कोलाइटिस (Colitis) और सायटिका को ठीक करने में मदद करता है। अनंतासन योग गर्भाशय, मूत्राशय, अंडाशय और प्रोस्टेट से संबंधित विकारों को ठीक करने में भी मदद करता है।
- Read more about अनंतासन योग के लाभ रक्तचाप में
- Log in to post comments
जांघों को मजबूत करे अनंतासन योग
अनंतासन योग आपके जांघों की मासपेशियों को मजबूत करने में लाभदायक होता हैं, यह आपके कुल्हें को मजबूत करता हैं, हैमस्ट्रिंग को फैलता हैं, यह कमर के दर्द को भी ठीक करता हैं। अनंतासन योग आप आपके कूल्हों और जांघों का वजन कम करता हैं।
- Read more about जांघों को मजबूत करे अनंतासन योग
- Log in to post comments
अनंतासन योग के लाभ मजबूत रीढ़ में
रीढ़ को मजबूत करने अनंतासन योग बहुत ही लाभदायक आसन है। इस योग को करने से रीढ़ के साथ-साथ पैर की मांसपेशियाँ अधिक लचीली हो जाती हैं, हैमस्ट्रिंग भी खिंचती और मजबूत होती है। अनंतासन योग आपके धड़ के किनारों को फैलाता है और मजबूत करता है।
- Read more about अनंतासन योग के लाभ मजबूत रीढ़ में
- Log in to post comments
पाचन तंत्र में लाभदायक अनंतासन योग
अनंतासन योग हमारी पाचन क्रिया को मजबूत करता हैं और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता हैं। इस आसन के नियमित से अभ्यास पेट में बनाने वाली गैस से हमें छुटकारा मिलता हैं साथ ही यह अन्य पेट में होने वाली समस्या जैसे कब्ज, अपच, दस्त, पेट के ऐंठनdwqw`2 आदि के लिए आरामदायक होता हैं।
- Read more about पाचन तंत्र में लाभदायक अनंतासन योग
- Log in to post comments
विष्णु आसन पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए
अनंतासन योग पैरों, विशेष रूप से घुटना, टखनों, और जांघों में मांसपेशियों को टोन करता है। इसके अलावा इस योग से धड़ और पीठ के निचले हिस्से को मजबूत किया जाता है। इस अनंतासन योग का अभ्यास करने से कूल्हों, रीढ़ और छाती की मांसपेशियों को एक अच्छा खिंचाव मिलता है।
अनंतासन योग के फायदे रक्त परिसंचरण में
पूरे शरीर में बेहतर रक्त परिसंचरण के लिए अनंतासन योग बहुत ही लाभदायक होता हैं। इस योग को करने के लिए आपको अपने पैर और हाथों को ऊपर उठाना होता हैं जिससे आपके नीचे पूरे शरीर में रक्त की अच्छा मात्रा पहुँचती है। यह श्रोणि क्षेत्र के विकास में भी मदद करता है।
- Read more about अनंतासन योग के फायदे रक्त परिसंचरण में
- Log in to post comments
अनंतासन योग के लाभ
विष्णु आसन या अनंतासन योग करने के अनेक लाभ हैं यह हमारे शरीर के विभिन्न प्रकार के रोगों को दूर करने में मदद करता हैं आइये इसके फायदों को विस्तार से जानते हैं-
- Read more about अनंतासन योग के लाभ
- Log in to post comments
अनंतासन योग करने का तरीका
विष्णु आसन या अनंतासन योग आसन करने के लिए आपको नीचे कुछ स्टेप्स दी जा रही हैं जिसकी सहायता से आप इस आसन को आसानी से कर सकते हैं।
- Read more about अनंतासन योग करने का तरीका
- Log in to post comments
“योग विज्ञान है” – ओशो
योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है।
जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।
नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।