OSHO: I Am a Spiritual Playboy

Osho declares himself a spiritual playboy – nothing wrong with that. His whole life effort is to bring Zorba and Buddha closer to remove the dichotomy of the spiritual and the material. His vision is to have the spiritual and the material as one whole – they are. A new full length talk available everyday. Plus a collection of talks on subjects that matter to you: love, meditation, psychology, emotions, sex, money, power and many others. Sign up to enjoy all this and more!

शुरुआती योगा अभ्यास दिन 11

यह शुरुआती योगा अभ्यास का दिन 11 है । यह सीरीज़ इस तरह से बनाया गया है कि कोई भी व्यक्ति योगा को आराम से समझ पाए और योग का लाभ उठा सके । इस वीडियो में मैंने समझाया गया है * सुखासन * साँसों पर ध्यान * कंधों की स्ट्रेचिंग * भारमानासन * शिषोसन * हाथों की स्ट्रेचिंग * वीरभद्र आसन * वीरभद्र आसन * शवासन * कपालभाति ========================== आप मुझसे इंस्टाग्राम पे कनेक्ट कर सकते हैं https://www.instagram.com/prakash.shristi/

हिप्स को शेप में लाने के लिए करें योग वीरभद्रासन

वीरभद्रासन-2 हिप्स को बड़ा करने में मदद करता हैं। यह योग मुद्रा जांघों और नितंबो की मांसपेशियों को मजबूत करती हैं। यह आसन पेट, एड़ियों और पैरों को टोन करता हैं। यह आसन पूरे शरीर में रक्त के परिसंचरण को बढ़ाता हैं। यह आसन फ्लैट पैर, सायटिका, बांझपन और ऑस्टियोपोरोसिस जैसे समस्या को ठीक करता हैं।

हिप्स साइज को बढ़ाने के लिए बद्ध कोणासन

बद्ध कोणासन हिप्स को करने से भी कूल्हों की मांसपेशियों पर आंतरिक रूप से खिंचाव पड़ता है जो हिप्स को सही शेप में लाने में मदद करता है।

बद्ध कोणासन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को साफ जगह में बिछा के दोनों पैरों को सीधा करके बैठ जाएं। इसके बाद दोनों पैर को अपनी ओर मोड़ लें और दोनों पैरों के पंजों से पंजे मिलाएं। अब दोनों हाथों से घुटनों को धीरे-धीरे दबाएँ जिससे दोनों घुटने फर्श पर रख जाएं। इस मुद्रा को आप 2 से 3 मिनिट के लिए करें। ध्यान रखें की अगर आपके घुटने जमीन पर नहीं आ रहे हैं तो इसे जबरजस्ती करने का प्रयास ना करें।

सेतुबंधासन योग करने के फायदे हिप्स बड़ा करने में

सेतुबंधा आसान को करने से हिप्स की मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है जो हिप्स को बड़ा करने में मदद करता है।

सेतुबंधासन योग करने के लिए आप एक योगा मैट को बिछा के उस पर सीधे लेट जाएं, अब अपने पैरों को घुटनों के यहाँ से मोड़ें और अपने हिप्स को ऊपर उठायें, अपने दोनों हाथों को पीठ के नीचे आपस में जोड़ लें। इस स्थिति में रहते हुयें 20 बार साँस लें और स्थिति से बाहर आयें।

कूल्हों को बड़ा करने के लिए करें उष्ट्रासन योग

उष्ट्रासन आसन को कैमल पोज़ के नाम से भी जाना जाता है। यह योग आपके कर्व के लिए और बड़े नितंबों के लिए ग्लूटस मांसपेशियों के लिए फायदेमंद है। उष्ट्रासन योग करने में थोड़ा कठिन लग सकता है, आप इसे सावधानी के साथ करें।


 
उष्ट्रासन करने के लिए सबसे पहले आप के योगा मैट को फर्श पर बिछा के उस पर घुटनों के बल बैठ जाएं। अब घुटनों के बल सीधे खड़े हो जाएं और अपनी पिंडलियों को फर्श पर ही रखें। साँस को अन्दर ले और कमर के यहाँ से थोड़ा सा पीछे की ओर झुके। फिर दोनों हाथों को दोनों पैरों की एड़ी पर रख लें। अब अपनी गर्दन को पीछे की ओर झुका लें।

आनंद बालासन के फायदे हिप्स को बड़ा करने में

हैप्पी बेबी पोज़ आपके हिप्स को बड़ा करने के लिए बहुत ही लाभदायक आसन है। यह एक ग्रेट हिप्स ओपनर पोस है। इस योग को करने से आपके कूल्हों की मांसपेशियों पर खिंचाव लगता है जो उनको उत्तेजित करके हिप्स को बड़ा करने में मदद करते हैं।

आनंद बालासन योग करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को बिछा कर पर सीधे लेट जाएँ। अब अपने दोनों पैरों को ऊपर की ओर सीधा उठायें और पैरों की उँगलियों को नीचे अपने मुँह की ओर झुकाएं। फिर दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे को पकड़ लें। इस स्थिति में आप एक हैप्पी बेबी की मुद्रा में दिखाई देंगे। इस आसन में आप 30 सेकंड से 1 मिनिट तक रुकने का प्रयास करें।

बट साइज बढ़ाने के लिए करें योग नवासन

नियमित रूप से नवासन योग का अभ्यास करना आपके शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद होता है। यह योग आपके सभी अंगों जैसे तंत्रिकाओं, हड्डियों, और मांसपेशियों आदि पर काम करता है। आप अपने शरीर के वजन को अपने नितंबों पर संतुलित करते हैं, यानि हिप्स को बड़ा कर सकते है।

हिप्स को बढ़ने के लिए योग उत्कटासन योग

उत्कटासन योग अपने कूल्हों को सही आकार में लाना में मदद करता है। इस योग में आपके शरीर का वजन आपके पैरों पर रहता है, विशेषकर कूल्हों और जांघों की मांसपेशियों पर। यह योग आपके पैरों, खासकर कूल्हों और जांघों की मांसपेशियों को उत्तेजित करता है।

उत्कटासन योग को करने के लिए आप सबसे पहले किसी योगा मैट को फर्श पर बिछा कर उस पर सीधे खड़े हो जाएं। अपने दोनों हाथों को उठाएं और सिर के ऊपर ले जा कर जोड़ लें। अब धीरे-धीरे अपने पैरों को घुटनों से मोड़े और कूल्हों को नीचे लाएं। अपने घुटनों पर 90 डिग्री का कोण बनाने का प्रयास करें। इस मुद्रा में आप एक कुर्सी के समान दिखाई देगें।

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।