एरियल योगा के लिए एक संपूर्ण गाइड

पहले जब भी योग की बात होती थी तो ज्यादा से ज्यादा अनुलोम विलोम, सूर्यनमस्कार जैसी चीज़े लोग सीखा करते थे| लेकिन आज के समय में योगा को भी एडवांस तरीके से किया जा रहा है| आजकल लोगो में बियर योगा, हॉट योगा, एरियल योगा जैसे नाम ट्रेंड में है|

A Complete Guide to Aerial Yoga

Yoga has been the most popular virtual class booked on the Mindbody wellness service app this year, making up 32% of virtual bookings with an average of nearly 22,000 yoga bookings per day. But not every class requires you to get on a mat. In fact, if you're a fitness enthusiast, you may have seen beautiful Instagram-worthy shots of a different type of yoga that defies gravity.

अल्सर का उपचार योग के माध्यम से

अल्‍सर, जिसे अक्सर आमाशय का अल्‍सर, पेप्टिक अल्‍सर या गैस्ट्रिक अल्‍सर कहते हैं, आपके आमाशय या छोटी आँत के ऊपरी हिस्से में फोड़े या घाव जैसे होते हैं। अल्‍सर उस समय बनते हैं जब भोजन को पचाने वाला अम्ल आमाशय या आँत की दीवार को क्षति पहुँचाता है। पहले यह माना जाता था कि अल्‍सर तनाव, पोषण या जीवनशैली के कारण होता है किन्तु वैज्ञानिकों को अब यह ज्ञात हुआ है कि ज्यादातर अल्सर एक प्रकार के जीवाणु हेलिकोबैक्टर पायलोरी या एच. पायलोरी द्वारा होता है। यदि अल्सर का उपचार न किया जाये तो ये और भी विकराल रूप धारण कर लेते हैं।

इन बातों का रखें ख्‍याल-

चक्रासन

चक्रासन योग में शरीर का आकार चक्र / पहिए के समान होने के कारण इसे Wheel Pose भी कहा जाता हैं। धनुरासन के विपरीत होने के कारण इसे उर्ध्व धनुरासन भी कहा जाता हैं। चक्रासन यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाने की लिए एक श्रेष्ठ आसन हैं।

क्या गर्भावस्था में पालक खा सकते हैं?

हाँ प्रेगनेंसी में पालक आराम से खा सकते हैं, इसमें बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं जो गर्भवती के स्वास्थ्य को कायम रखने में मददगार होते हैं। पालक में प्रचुर मात्रा में आयरन होता है, शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को बेहतर बनाने में आयरन बहुत उपयोगी माना जाता है। आयरन से खून की कमी भी दूर होती है और शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है।

गर्भावस्था में कौन से योग आसन कर सकते हैं?

गर्भावस्था में माँ द्वारा किये जाने वाले योग माँ और बच्चे पर बहुत ही अनुकूल प्रभाव डालते हैं। गर्भावस्था में योग अपने मन से न करें बल्कि एक अच्छी जानकार योग शिक्षक की सलाह से ही योग करें। इस विषय पर मैंने विस्तृत उत्तर लिखा है, जिसे आप पढ़ सकते हैं। उसकी लिंक साझा कर रही हूँ।
स्मृति गुप्ता की प्रोफाइल फ़ोटो
स्मृति गुप्ता
, योग जिज्ञासु
जवाब दिया गया: 30 नव॰ 2020
प्रसव पूर्व योगा क्या होता है, यह कैसे मददगार है और इसे कैसे करें?

योग आसन का राजा किसे कहा जाता है?

ठयोग कहता है कि, अगर सिद्धासन सिद्ध हो जाए तो बाकी आसनों का क्या प्रयोजन…?

हठयोग में 8400000 आसनों का जिक्र है। जिसमें से 84 आसन मुख्य हैं। उसमें से भी 4 आसन सबसे मुख्य हैं, सिद्धासन, पद्मासन, भद्रासन और सिंह आसन और इन चारों में से भी दो श्रेष्ठ आसन है, पद्मासन और सिद्धासन इसमें से भी सिद्धासन सर्वश्रेष्ठ आसन है।

पीठ के दर्द को ठीक करने के लिए कौन सा योग आसन करना उचित है?

पीठ दर्द एक लक्षण है, स्वयं बीमारी नहीं है। अनेक प्रकार की बीमारियों की वजह से पीठ दर्द हो सकता है।

सर्वप्रथम ठीक निदान अनिवार्य है, तभी समुचित चिकित्सा हो सकेगी।

निवेदन है कि अस्थि रोग विशेषज्ञ से मिलकर, आवश्यक हो तो एक्स-रे, एम आर आई या सी टी स्कैन द्वारा सटीक डायग्नोसिस कराइए।

फिर चिकित्सक की सलाह अनुसार फिजियोथैरेपिस्ट या कुशल योगाचार्य से परामर्श लीजिए।

उदाहरण:

योग में सबसे कठिन आसन कौन से हैं, इन आसनों को करने से क्या लाभ होता है?

अगर आप अपने शरीर को सिर्फ स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आपको ये कठिन आसन करने की जरूरत नहीं है। आप साधारण और सरल आसन भी करके अपनी पाचन शक्ति, रक्त परिसंचरण प्रणाली को सही रख सकते है और बाकि बिमारियों से बचने के लिए प्राणायाम ही काफी है।

लेकिन योग में जो कठिन आसन है। उनका भी कुछ फायदा है। ये आसन आपके शरीर की ताकत को बढ़ाते है और शरीर को लचीला भी करते है। जिससे खेलों में काफी लाभ पहुंचता है। इन कठिन आसनों को करने के लिए मन के विचारों का संतुलन (एकाग्रता) रखना जरुरी है। अगर आप इन कठिन आसनों में सफल हो जाएंगे तो आपके मन की एकाग्रता बढ़ जाएगी।

योग में कुछ कठिन आसन है-

नौसिखियों के लिए योग के सबसे अच्छे आसन कौन से हैं?

किसी भी आसन को करने के लिए शरीर का लचीला होना जरूरी होता है। इस कारण शुरुआत में हर व्यक्ति को परेशानी आती योग करने में। अतः योग कि शुरुआत हमेशा सूर्य नमस्कार से ही करना चाहिए।

सूर्य नमस्कार शरीर के मजबूती और लचीलापन प्रदान करता है। जिससे दूसरे आसन करने में परेशानी नहीं आता। ये रीढ़ की हड्डी, मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है और एकाग्रता बढ़ाता है। कुछ दूसरे आसन भी है जो सरल भी है और लाभदायक। जिसे हर नौसिखिया व्यक्ति कर सकता है

वृक्षासन(tree pose) - यह मन की सोच का संतुलन बनाए रखता है और तनाव से बचाता है।

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।