15 साल के बच्चों के लिए डाइट प्लान का चौथा दिन
नाश्ते में- पनीर के साथ चीज, स्ट्रॉबेरी, एक साबुत अनाज दें।
स्नैक में- एक केला दे सकते हैं।
दोपहर के भोजन में- एक कटोरी सब्जी का सूप, 5 औंस चिकन और आधा कप ब्राउन राइस सर्व करें।
ईवनिंग स्नैक में– मिक्स ड्राई फ्रूट और नट्स दें।
रात के खाने में – एक कप पनीर के साथ एक कप दूध पीने के लिए दे सकते हैं।
- Read more about 15 साल के बच्चों के लिए डाइट प्लान का चौथा दिन
- Log in to post comments
15 साल के बच्चों के लिए डाइट प्लान का दूसरा दिन
नाश्ते में- एक कप साबुत अनाज के साथ एक लीटर कम वासा वाला दूध पीने के लिए दें।
स्नैक में- एक कप दही, एक कप सेब के साथ एक होल ग्रेप टोस्ट दें।
दोपहर के भोजन में- एक कटोरी सब्जी का सूप, जैतून का तेल मिला सलाद और लैमन जूस दे सकते हैं।
ईवनिंग स्नैक में- किसी भी एक फल का सलाद सर्व करें।
15 साल के बच्चों के लिए बैलेंस डाइट प्लान
नीचे हम आपको 15 साल के बच्चों के लिए पांच दिन का भारतीय डाइट प्लान बता रहे हैं। इसे फॉलो करने के साथ उनका बॉडी वेट मेंटेन रह सकता है।
- Read more about 15 साल के बच्चों के लिए बैलेंस डाइट प्लान
- Log in to post comments
योग के आसन दूर कर सकते हैं डिप्रेशन
अक्सर किसी को खोने या जीवन में छोटी-बड़ी घटनाएं घटने से हम डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं। कई बार हम लंबे समय तक इसे नजरंदाज करते रहते हैं। इस तरह ना तो हम प्रफेशनली अपना बेस्ट दे पाते हैं और न ही निजी जिंदगी में खुश रह पाते हैं। ऐसा माना गया है कि डिप्रेशन का इलाज योग में भी है। आइए जानें कि किस तरह दिनचर्या से कुछ वक्त निकालकर योग के जरिए हम डिप्रेशन को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं-
- Read more about योग के आसन दूर कर सकते हैं डिप्रेशन
- 2 comments
- Log in to post comments
टीनएजर्स के लिए बैलेंस डाइट प्लान का महत्व
किशोरों के लिए स्वस्थ आहार में ऑप्टिमम न्यूट्रिशन बैलेंस होना चाहिए। दैनिक कैलेारी का सेवन उचित होना चाहिए। न तो बहुत अधिक और न ही बहुत कम। आइए जानते हैं, टीनएजर्स के लिए बैलेंस डाइट प्लान का क्या महत्व है।
- Read more about टीनएजर्स के लिए बैलेंस डाइट प्लान का महत्व
- Log in to post comments
15 साल के बच्चों के लिए डाइट प्लान
15 साल के किशोरों की हेक्टिक लाइफस्टाइल के चलते उन्हें दिनभर में ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है। इस ऊर्जा की आपूर्ति के लिए 15 साल के बच्चों को सही मात्रा में संतुलित आहार लेना आवश्यक है। विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार किशोरों के शरीर का विकास करता है साथ ही उन्हें जरूरी पोषण देने में भी मदद करता है। अगर आप भी अपने 15 साल के बच्चे का विकास सही से करना चाहते हैं, तो हमारे इस 15 साल के बच्चों के लिए डाइट प्लान की मदद से उनके लिए सही डाइट प्लान तैयार कर सकतें हैं। आइये जानतें हैं 15 साल के बच्चे का भोजन चार्ट कैसा होना चाहिए
- Read more about 15 साल के बच्चों के लिए डाइट प्लान
- Log in to post comments
स्वस्थ आहार का सेवन करें
अपने आहार में भरपूर मात्रा में ताजे और संपूर्ण खाद्य (whole foods) पदार्थ शामिल करें। ताकि आपके शरीर में सभी पोषक तत्व मौजूद रहें, जो आपको पर्याप्त ऊर्जा दें। अपने खाने में नमक का सेवन सीमित करें।
- Read more about स्वस्थ आहार का सेवन करें
- Log in to post comments
शिथिलीकरण व्यायाम
शारीरिक स्वास्थ्य और विकास के लिए लचकदार व मजबूत रीड की आवश्यकता होती है बचपन से यदि हम अपनी मांसपेशियों तक तथा रीढ़ की हड्डियों को तुरंत आवश्यकता प्रदान कर सके तो आंतरिक बल से परिपूर्ण स्वास्थ्य शरीर की आधारशिला तैयार होगी विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित किया गया है विकास होता है लिखने में सहायता मिलती है जिससे अधिक समय तक आ सकता है
- Read more about शिथिलीकरण व्यायाम
- Log in to post comments
सहजन (मुनगा) - दुनिया का सबसे ताकतवर पोषण पूरक आहार है
दुनिया का सबसे ताकतवर पोषण पूरक आहार है- सहजन (मुनगा)। इसकी जड़ से लेकर फूल, पत्ती, फल्ली, तना, गोंद हर चीज उपयोगी होती है।
आयुर्वेद में सहजन से तीन सौ रोगों का उपचार संभव है। सहजन के पौष्टिक गुणों की तुलना :- विटामिन सी- संतरे से सात गुना अधिक। विटामिन ए- गाजर से चार गुना अधिक। कैलशियम- दूध से चार गुना अधिक। पोटेशियम- केले से तीन गुना अधिक। प्रोटीन- दही की तुलना में तीन गुना अधिक।
हरी मिर्च खाने के चमत्कार
मिर्च कैप्सिकम वंश के एक पादप का फल है, तथा यह सोलेनेसी (Solanaceae) कुल का एक सदस्य है। वनस्पति विज्ञान मे इस पौधे को एक बेरी की झाड़ी समझा जाता है। स्वाद, तीखापन और गूदे की मात्रा, के अनुसार इनका उपयोग एक सब्जी (शिमला मिर्च) या एक मसाले (लाल मिर्च) के रूप में किया जाता है। मिर्च प्राप्त करने के लिए इसकी खेती की जाती है।
- Read more about हरी मिर्च खाने के चमत्कार
- Log in to post comments
“योग विज्ञान है” – ओशो
योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है।
जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।
नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।