बड़े बूब्स के लिए धनुराषन करने का तरीका

पेट के बल लेट जाएं और कुछ देर तक आंखें बंद करके आराम करें। धीरे धीरे तीन बार गहरी सांस लें।
अब अपने घुटनों को अपने सिर की ओर जितना संभव हो मोड़ें, और फिर दोनों हाथों से दोनों टखनों को पकड़ें।
अपने चेहरे को सीधा रखें और अब अपने पैरों को सामने लाने और बाहर खींचने की कोशिश करें।
सीधे देखें और 10 सेकंड के लिए इस स्थिति में बने रहें। धीरे-धीरे दबाव छोड़ें और वापस सामान्य मुद्रा में आ जाएं। इस प्रक्रिया को 5 बार करें।
प्राकृतिक तरीके से ब्रेस्ट साइज बढ़ाने के लिए दो सप्ताह तक इस योग मुद्रा को नियमित रुप से करें।

स्तन को बड़ा करने के लिए योग धनुराषन

यह बहुत सामान्य सा आसन है। इसके करते समय धनुष की आकृति बनती है इसलिए इसे धनुराषन कहा जाता है। यह आसन महिलाओं के लिए बहुत ही लाभदायक है। यह न सिर्फ महिलाओं के स्तन का आकार बढ़ाने में सहायक होता है बल्कि जिन महिलाओं को गर्भधारण करने में समस्या आती है यह उनके लिए भी फायदेमंद होता है। यह मांसपेशियों के दर्द को कम करने के साथ ही मासिक धर्म में परेशानी को भी दूर करता है और कब्ज से मुक्ति दिलाता है। इस आसन को सुबह या शाम खाली पेट करना चाहिए और 15 से 30 सेकेंड तक इसी मुद्रा में बने रहना चाहिए।

बड़े स्तन के लिए द्विकोणासन करने का तरीका

बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं और दो बार गहरी सांसें लें और फिर अपने हाथ को पीछे लाएं और अपनी उंगलियों को क्रास कर लें।
अब धीरे-धीरे अपनी इंटरलॉक्ड उंगलियों को पलटें, लेकिन ध्यान रखें कि आप अपनी कलाई पर दबाव न डालें।
धीरे-धीरे अपने ऊपरी शरीर को नीचे झुकाएं और अपनी कमर से किसी भी हिस्से को न हिलाएं।
इसके साथ ही अपनी मांसपेशियों को बिना हिलाए अपने इंटरलॉक किए हुए हाथ को जितना संभव हो ऊपर की ओर ले जाएं।
10 सेकंड तक इस स्थिति में बने रहें और फिर वापस सामान्य मुद्रा में खड़े हो जाएं।
गोलाकार एवं बड़े स्तन पाने के लिए इस आसन को दस बार दोहराएं।
 

ब्रेस्ट का आकार बढ़ाने के लिए योगा द्विकोणासन

इस आसन का अभ्यास करते समय आपका शरीर दो कोण वाले पंख मुद्रा में दिखायी देता है इसलिए इसे डबल एंगल पोज भी कहा जाता है। यह आसन छाती को बहुत अच्छे से स्ट्रेच करता है और मांसपेशियों के ऊतकों को विकसित करता है। जब स्तन के ऊत्तक लंबे और बड़े हो जाते हैं तो स्तन गोल, बड़े एवं सुडौल बनते हैं। हालांकि इस आसान को बिल्कुस सही तरीके से करना चाहिए।

फुले हुए स्तन के लिए गोमुखासन ऐसे करें

अपने पैरों को कमल की मुद्रा में क्रास कर लें।
अपनी बाईं हथेली को अपने दाहिने घुटने पर और दाहिनी हथेली को ऊपर रखें। तीन बार गहरी सांस लें।
अब दाहिने हाथ को अपनी छाती के पीछे लाएं और हथेली के पीछे अपनी रीढ़ की हड्डी पर रखें जहाँ तक आप अपने हाथ को पहुंचा सकती हैं।
फिर बायीं हथेली को अपने सीने के पीछे से कंधे और हाथों की उंगलियों से लाएं।
अपनी छाती को हवा में पुश करें और 5-10 सेकंड के लिए इस स्थिति में बने रहें और फिर वापस सामान्य कमल मुद्रा में आ जाएं।
गोमुखासन को फिर से करें लेकिन हर बार अपने हाथों का प्लेसमेंट बदलें (दाएं से बाएं, बाएं से दाएं)।

बड़े एवं गोल स्तन के लिए योग गोमुखासन

स्तन का आकार बढ़ाने के लिए यह एक सर्वश्रेष्ठ योग है। यह वास्तव में आपकी छाती की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है और ब्लड के प्रवाह को बेहतर बनाता है। इसके अलावा यह आसन एक साथ शरीर के विभिन्न हिस्सों जैसे टखने, जांघ, कूल्हे, छाती, गर्दन, हाथ और हाथ में खिंचाव उत्पन्न करता है। गोमुखासन करने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है क्योंकि इसमें पैरों, हाथों, पंजों और हथेलियों को स्ट्रेच करना पड़ता है। लेकिन रोजाना अभ्यास से इसे करने में आसानी होती है। इस आसन को सुबह या शाम बिना कुछ खाए करना चाहिए और 30 से 60 सेकेंड तक इस मुद्रा में बने रहना चाहिए।

ब्रेस्ट को बड़ा करने के लिए भुजंगासन करने का तरीका

अपने पैर की उंगलियों को सपाट रखें और पेट के बल लेट जाएं और अपने योग मैट पर आराम करें।
अपने पैरों को न फैलाएं, उन्हें चिपका कर रखें और दोनों पैरों की एड़ी को एक साथ छूएं।
अपनी हथेली को फर्श पर रखें और अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। हाथों को कंधे की चौड़ाई से अलग फैलाएं।
अपनी रीढ़ को पीछे की ओर झुकाते हुए अपनी दोनों हथेलियों पर बराबर दबाव डालें। कंधों पर बहुत अधिक दबाव ना डालें एवं आराम की मुद्रा में रहें।
यह ध्यान रखें कि अपने कूल्हों को जमीन से ऊपर न उठाएं। अपने पेल्विक को सांप की तरह जमीन पर रखें। 5 सेकंड के लिए इस स्थिति में रहें।

भुजंगासन या कोबरा पोज से बढ़ता है स्तन का आकार

इस पोज को करते समय सांप की आकृति बनती है इसलिए इसे भुजंगासन कहा जाता है। भुजंगासन को करते समय सांप की तरह गर्दन को ऊपर उठाना पड़ता है। यह आसन ब्रेस्ट साइज को बढ़ाने में मदद करता है और उन्हें बिल्कुल गोलाकार बनाता है। इसके अलावा यह नितंबों को भी गोल बनाता है और रीढ़ को मजबूत रखने में टोन करने का कार्य करता है। इस योग से आपके ब्रेस्‍ट के आस पास के मसल्‍स में खिंचाव आएगा, जिससे ब्रेस्‍ट का साइज बढ़ेगा। इस आसन का अभ्यास सुबह या शाम के समय खाली पेट करना चाहिए और कम से कम 15 से 30 सेकेंड तक इस पोजीशन में बने रहना चाहिए।

स्तन का आकार बढ़ाने के लिए ऐसे करें उष्ट्रासन

जमीन पर चटाई बिछाएं और घुटने के बल बैठ जाएं।
अपने हाथों को कमर पर रखें।
अब धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकें और अपनी एड़ियों को पकड़ें।
अपने नितंबों को हवा में दबाएं और धीरे-धीरे अपने सिर को फर्श की ओर नीचे लाएं।
अब कुछ देर तक इस पोजीशन में बने रहें और धीरे-धीरे दस तक गिनें और वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
दो गहरी सांसें लें और कम समय में बड़े एवं गोल स्तन पाने के लिए इस आसन को 10 बार दोहराएं।

“योग विज्ञान है” – ओशो

 योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है। 

जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि  योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।

नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।