বীরাসন
বীরাসন
যোগশাস্ত্রের একটি আসন। বীর শব্দেরএর সমার্থ হলো—শৌর্য-বীর্য সম্পন্ন। বীর + আসন। শৌর্য-বীর্য ধারণকারী নায়কের মতো স্থির সংকল্পে আসীন রয়েছে, এমন ভঙ্গিমা দ্বারা এই আসনে প্রতীয়মান হয়। যদিও নামানুসারে একে পুরুষদের আসন মনে হয়, কিন্তু এই আসন সবার জন্যই প্রযোজ্য। এর বর্ধিত প্রকরণগুলো হলো― অধমুখ বীরাসন, সুপ্তবীরাসন।
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সলম্বা ঊর্ধ্ব-ধনুরাসন
সলম্বা ঊর্ধ্ব-ধনুরাসন : যোগশাস্ত্রে বর্ণিত আসন বিশেষ। উর্ধ্ব ধনুরাসনের (চক্রাসন) একটি বর্ধিত প্রকরণ বিশেষ।
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মৎস্যাসন
মৎস্যাসন
যোগশাস্ত্রে বর্ণিত আসন বিশেষ।
মৎস্য শব্দের এর সমার্থ হলো-মাছ। মৎস্য + আসন। এর অন্যান্য প্রকরণগুলো হলো- অধমুখ-মৎস্যাসন, বিপরীত মৎস্যাসন।
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मार्जरासन
मार्जरासन एक आगे की ओर झुकने और पीछे मुड़ने वाला योग आसन हैं इसे कुछ लोग मार्जरी आसन और कैट पोज़ के नाम से भी जानते हैं। कैट वॉक दुनिया भर में प्रसिद्ध है, लेकिन हम योग आसन वर्ग में कैट पोज़ के बारे में चर्चा करते हैं। यह आसन आपके शरीर के लिए अनके प्रकार से लाभदायक हैं, यह आसन रीढ़ की हड्डी को एक अच्छा खिंचाव देता हैं इसके साथ यह पीठ दर्द और गर्दन दर्द में राहत दिलाता है। आइये मार्जरासन करने के तरीके और उससे होने वाले लाभ को विस्तार से जाते हैं।
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শীর্ষপদাসন
শীর্ষপদাসন
যোগশাস্ত্রে বর্ণিত আসন বিশেষ। মাথায় পা রেখে শীর্ষাসন ভঙ্গিমাই হলো শীর্ষপদাসন। এটি শীর্ষাসনের একটি বর্ধিত প্রকরণ বিশেষ।
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Sirsa Padasana
Sirsa padasana is an advanced backbend combined with a headstand. The name comes from the Sanskrit, sirsa, meaning “head”; pada, meaning “foot” or “feet”; and asana, meaning “pose” or “posture.”
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লোলাসন
লোলাসন : যোগশাস্ত্রে বর্ণিত আসন বিশেষ। লোল শব্দের অনেক অর্থের ভিতর একটি অর্থ হলো- চালিত। হাতের উপর ভর করে শরীর দোলায়িত করার ভঙ্গিমা থেকে এর নামকরণ করা হয়েছে লোলাসন (লোল + আসন)।
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Yoganidrasana
Yoganidrasana, (Sanskrit: योगनिद्रासन) or Yogic Sleep Pose is a reclining forward-bending asana in modern yoga as exercise. It is sometimes called Dvi Pada Sirsasana, but that name describes the balancing form of the pose.
In hatha yoga, the pose, Pasini Mudra, was a mudra, a seal to prevent the escape of prana, not an asana.
योगनिद्रासन, (संस्कृत: योगनिद्रासन) या योगिक निद्रा एक झुकने आगे झुकने है आसन मॉडर्न में व्यायाम के रूप में योग। इसे कभी-कभी कहा जाता है दवि पाडा सिरसासना, लेकिन यह नाम मुद्रा के संतुलन के रूप का वर्णन करता है।
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Muktasana
Muktasana is a sitting meditative yoga posture. Its name comes from the Sanskrit, mukti, meaning "liberation," and asana, meaning "posture." As such, it is also known as free pose, meditation pose or liberation pose in English.
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वातायनासन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछा लें। अब चटाई में सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों के घुटनों को आपस में मिला लें। एड़िया, सिर का पिछला भाग और नितंब सीधा हो, अब अपने दाहिनी टांग को घुटने से मोड़ लें और इस टांग के पांव को बांई टांग के जंघा पर रख लें। अब दोनों हाथों से नमस्कार की मुद्रा बना लें। इसके बाद अपनी बाई टांग के घुटने को धीरे धीरे सामने की तरफ मोड़ लें और दाहिने घुटने को धीरे धीरे बाएं पैर की एड़ी के पास जमीन से सटा लें। इस आसन को करते समय श्वास को सामान गति में ही लेते रहें। आप इस मुद्रा में जितनी बार रूक सकें, उतना आपके लिए फायदा होगा। ठीक इसी तरह से दूसरे पैर से इस आसन को
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“योग विज्ञान है” – ओशो
योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग का इस्लाम, हिंदू, जैन या ईसाई से कोई संबंध नहीं है।
जिन्हें हम धर्म कहते हैं वे विश्वासों के साथी हैं। योग विश्वासों का नहीं है, जीवन सत्य की दिशा में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों की सूत्रवत प्रणाली है। इसलिए पहली बात मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह कि योग विज्ञान है, विश्वास नहीं। योग की अनुभूति के लिए किसी तरह की श्रद्धा आवश्यक नहीं है। योग के प्रयोग के लिए किसी तरह के अंधेपन की कोई जरूरत नहीं है।
नास्तिक भी योग के प्रयोग में उसी तरह प्रवेश पा सकता है जैसे आस्तिक। योग नास्तिक-आस्तिक की भी चिंता नहीं करता है। विज्ञान आपकी धारणाओं पर निर्भर नहीं होता; विपरीत, विज्ञान के कारण आपको अपनी धारणाएं परिवर्तित करनी पड़ती हैं। कोई विज्ञान आपसे किसी प्रकार के बिलीफ, किसी तरह की मान्यता की अपेक्षा नहीं करता है। विज्ञान सिर्फ प्रयोग की, एक्सपेरिमेंट की अपेक्षा करता है।